Gujarat News: गुजरात के हनोल गांव में आत्मनिर्भर महोत्सव का आगाज, केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताई अपने जन्मस्थान की खासियत

गुजरात के भावनगर जिले के हनोल गांव में 13 से 15 जनवरी तक आयोजित तीन दिवसीय आत्मनिर्भर महोत्सव शुरू हो गया है. केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया और शिवराज सिंह चौहान ने महोत्सव का उद्घाटन किया है.

गुजरात के भावनगर जिले के हनोल गांव में 13 से 15 जनवरी तक आयोजित तीन दिवसीय आत्मनिर्भर महोत्सव शुरू हो गया है. केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया और शिवराज सिंह चौहान ने महोत्सव का उद्घाटन किया है.

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Jalaj Kumar Mishra
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three-day Atmanirbhar Hanol Festival commenced in Hanol village of Gujarat

गुजरात के भावनगर जिले के पालिताना तालुका में 13 से 15 जनवरी तक तीन दिवसीय आत्मनिर्भर महोत्सव शुरू हो गया है. महोत्सव का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया. कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदर्श ग्राम के संकल्प का जीता-जागता उदाहरण बन गया है.  

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गुजरात के मॉडल गांव के बारे में केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि पिछले कई वर्षों में पीएम मोदी ने गांवों के लिए अपना विजन बताया, जिसमें स्किल सेंटर, पशु हॉस्टल, साफ-सफाई, खेल मैदान और समृद्ध पंचायतें शामिल हैं. उन्होंने कहा कि हमारा गांव हनोल हर साल 13, 14 और 15 जनवरी को तीन दिनों तक अपना स्थापना दिवस मनाता है. इस दौरान, गांव ने आत्मनिर्भरता की शपथ ली और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों से जुड़ा. 

गांव के युवा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे

मंडाविया ने बताया कि हनोल गांव में खेल समिति ने दो मैदान बनाए हैं, जिसमें एक क्रिकेट मैदान और एक पारंपरिक खेल का मैदान है. इसका रखरखाव गांव समिति और गांव के युवा करते हैं. उन्होंने बताया कि गांव के एक युवक का अंडर-18 नेशनल क्रिकेट टीम में सिलेक्शन हुआ है. इसी गांव की बेटी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हैंडबॉल खेला है. पूरे जिले के लिए हमारे गांव का मैदान स्पोर्ट्स हब बन गया है. पूरे जिले के खिलाड़ी यहां खेलने और सीखने के लिए आते हैं. वे खेल को अपने जीवन में अपनाते हैं. 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महोत्सव के लिए पूरा गांव साथ मिलकर काम करता है. वे खाना बनाते हैं और त्योहार मनाते हैं. गांव में जो भी सजावट आप लोग देख रहे हैं, वह खुद गांव वालों ने ही किया है. जिस वजह से ये गांव आत्मनिर्भर और एक मॉडल गांव बन गया है. 

मनसुख मंडाविया का जन्मस्थान है हनोल गांव

बता दें, मनसुख मंडाविया का हनोल गांव से व्यक्तिगत रूप से जुड़ाव है क्योंकि यही उनका जन्मस्थान है. यहां की विकास परियोजना की मंडाविया हमेशा समीक्षा करते हैं. उन्होंने एक साधारण गांव को एक मॉडल गांव बनाने में मदद की है.  

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