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(X@InfoGujarat)
गुजरात के डांग पुलिस द्वारा शुरू की गई पहल प्रोजेक्ट देवी के तहत अब तक 70 से अधिक महिलाओं को संरक्षण और कानूनी सहायता प्रदान की जा चुकी है. साल 2023 में इस पहल की शुरुआत हुई थी. इस पहल का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों में महिलाओं को अंधविश्वास, कुप्रथाओं और सामाजिक रुढ़ियों से बचाना है. प्रोजेक्ट देवी आदिवासी महिलाओं के सुरक्षा, जागरूकता और सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बन गया है.
આદિવાસી મહિલાઓને અંધશ્રદ્ધા અને કુરિવાજો સામે રક્ષણ આપતી ડાંગ જિલ્લા પોલીસની 'પ્રોજેક્ટ દેવી' પહેલ...
— Gujarat Information (@InfoGujarat) January 16, 2026
વર્ષ 2023માં શરૂ કરવામાં આવેલ 'પ્રોજેક્ટ દેવી' હેઠળ અત્યાર સુધીમાં 70 જેટલી મહિલાઓને રક્ષણ; સંવેદનાસભર કામગીરી બદલ પ્રોજેક્ટને પ્રતિષ્ઠિત ગોલ્ડ સ્કોચ એવોર્ડ પણ એનાયત...
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डांग एक दुर्गम और आदिवासी बहुल जिला है. यहां महिलाओं के खिलाफ अत्याचार, सामाजिक दबाव और अंधविश्वास के मामले देखे जाते है. इसी वजह से गुजरात सरकार के नेतृत्व में पुलिस ने ये पहल शुरू की. प्रोजेक्ट देवी के तहत जिले की शी-टीम गांव-गांव जाकर महिलाओं से संवाद करती है. महिलाओं की समस्याएं सुनती है और मौके पर ही समाधान की कोशिश करती हैं.
महिलाओं को कानूनी मदद भी दी जाती है
इस पहल की खास बात ये है कि महिलाओं को न सिर्फ मानसिक और सामाजिक समर्थन दिया जाता है बल्कि उन्हें महिलाओं के खिलाफ होने वाले अत्याचारों से जुड़े कानूनो, उनके अधिकारों और उपलब्ध कानूनी उपायों की भी जानकारी दी जाती है. आवश्यकता पड़ने पर पुलिस पूरी सुरक्षा और कानूनी मदद भी सुनिश्चित करती है.
मानवीय दृष्टिकोण और प्रोजेक्ट देवी की प्रभावशीलता को देखते हुए इसे प्रतिष्ठित गोल्ड स्कॉच अवार्ड से सम्मानित किया गया है. गुजरात पुलिस और राज्य सरकार के लिए ये गौरव का विषय है.
पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक मॉडल बना प्रोजेक्ट देवी
प्रोजेक्ट देवी वाली पहल गुजरात सरकार की उस प्रतिबद्धता को दिखाती है, जिसमें महिला सुरक्षा, आदिवासी क्षेत्रों के समग्र विकास और सामाजिक जागरुकता को प्राथमिकता दी जाती है. प्रोजेक्ट देवी सिर्फ डांग जिले ही नहीं पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बन गया है. इससे साबित होता है कि सही नीतियों और संवेदशनशील प्रशासन से समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है.
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