गुजरात में बनेगी हाई-सिक्योरिटी BSL-4 लैब, अमित शाह ने किया शिलान्यास

Gujarat News: गुजरात में बनने वाली BSL-4 लैब से भारत की जैविक सुरक्षा मजबूत होगी और खतरनाक वायरस पर शोध को मिलेगी नई रफ्तार. केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने इसका शिलान्यास किया.

Gujarat News: गुजरात में बनने वाली BSL-4 लैब से भारत की जैविक सुरक्षा मजबूत होगी और खतरनाक वायरस पर शोध को मिलेगी नई रफ्तार. केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने इसका शिलान्यास किया.

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Yashodhan Sharma
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BSL-4 lab

BSL-4 lab Photograph: (ANI)

Gujarat News: पशुओं से इंसानों तक फैलने वाली बीमारियां आज पूरी दुनिया के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी हैं. एक अध्ययन के अनुसार, 60 से 70 फीसदी रोग ऐसे हैं जो पहले पशुओं में होते हैं और फिर इंसानों तक पहुंचते हैं. इसी खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने ‘वन हेल्थ मिशन’ की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य मानव, पशु और पर्यावरण तीनों की एक साथ सुरक्षा करना है.

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भारत को विदेश पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं- अमित शाह

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को गुजरात के गांधीनगर में गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर में बीएसएल-4 बायो-कंटेनमेंट फैसिलिटी का शिलान्यास किया. इस मौके पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और विज्ञान एवं प्रौद्योगिक मंत्री अर्जुनभाई मोढवाडिया विशेष रूप उपस्थित रहे. उन्होंने कहा कि अब भारत को खतरनाक वायरस के सैंपल जांचने के लिए विदेश पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. इससे न केवल जांच में तेजी आएगी, बल्कि देश की वैज्ञानिक क्षमता भी मजबूत होगी.

राज्य सरकार की पहली उच्च स्तरीय लैब

अमित शाह ने बताया कि पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के बाद यह देश की दूसरी बीएसएल-4 लैब होगी, लेकिन खास बात यह है कि किसी राज्य सरकार द्वारा बनाई जा रही यह पहली ऐसी उच्च स्तरीय लैब है. यह सुविधा सभी अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरेगी और स्थायी जैविक सुरक्षा की जरूरतों को पूरा करेगी.

362 करोड़ की है लागत

करीब 362 करोड़ रुपये की लागत से 11 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में बनने वाली यह लैब देश की जैविक सुरक्षा का मजबूत केंद्र बनेगी. यहां वैज्ञानिक अत्यंत संक्रामक और घातक वायरस पर पूरी तरह सुरक्षित माहौल में शोध कर सकेंगे. साथ ही, बायोटेक्नोलॉजी क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं के लिए नए रोजगार और शोध के अवसर भी पैदा होंगे.

पिछले 11 वर्षों में बायोटेक्नोलॉजी सेक्टर में अभूतपूर्व विकास

गृह मंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत के बायोटेक्नोलॉजी सेक्टर में अभूतपूर्व विकास हुआ है. 2014 में जहां भारत की बायो इकोनॉमी 10 बिलियन डॉलर थी, वहीं 2024-25 तक यह बढ़कर 166 बिलियन डॉलर हो गई है. स्टार्टअप्स, बायो इनक्यूबेटर और पेटेंट फाइलिंग में भी कई गुना बढ़ोतरी हुई है.

सबसे बड़ा वैक्सीन निर्माता भारत

शाह ने आगे बताया कि भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन निर्माता देश है और विश्व की 60 फीसदी वैक्सीन यहीं बनती हैं. एंटीबायोटिक दवाओं के प्रति बढ़ती प्रतिरोधकता को उन्होंने ‘साइलेंट डिजास्टर’ बताया और कहा कि संक्रमण रोकना और आने वाली पीढ़ियों के लिए दवाओं को सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है.

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