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CM Bhupendra Patel: (X@InfoGujarat)
Gujarat Govt: 10 फरवरी को दुनिया भर में विश्व दलहन दिवस मनाया जा रहा है. खास दिन से पहले जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, गुजरात ने दालों की खेती में देश भर में शीर्ष स्थान हासिल किया है. खासतौर पर चना और अरहर दाल की उत्पादकता में गुजरात ने राष्ट्रीय स्तर पर नए मानक स्थापित किए हैं. गुजरात ने ये उपलब्धि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में प्राप्त की है. ये उपलब्धि गुजरात सरकार की किसान-केंद्रित नीतियों का परिणाम है.
ऐसे हर साल बढ़ती रही दालों का उत्पादन
साल 2021-22 से लेकर 2023-24 के बीच गुजरात ने तुअर में औसतन 1199 किलो प्रति हेक्टेयर और चना में 1795 किलो प्रतिग्राम हेक्टेयर और चना में 1795 किलो प्रति हेक्टेयर की उत्पादकता दर्ज करके पहला स्थान हासिल किया है. साल 2023-24 में चना उत्पादकता 1714 किलो प्रति हेक्टेयर के साथ गुजरात शीर्ष पर पहुंच गया है. गुजरात में चना, मूंग, उड़द, तुअर, मटर और मोठ जैसी विभिन्न दालों की खेती होती है.
आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत पिछले पांच वर्षों में दाल के रकबे और उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. यहां साल 2018-19 में दालों का कुल क्षेत्रफल 6.62 लाख हेक्टयेर था. वहीं, साल 2023-24 में ये बढ़कर 10.89 लाख हेक्टेयर हो गया. इस दौरान, उत्पादन 6.79 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 15.51 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया. सिर्फ चने के उत्पादन में तीन गुना से अधिक की वृद्धि हुई है.
वैश्विक बाजारों में गुजरात की पहचान मजबूत
राज्य सरकार द्वारा लागू सीड रिप्लेसमेंट रेट योजना, प्रमाणित बीज, अनुदानित डेमो, ट्रेनिंग, ड्रोन छिड़काव, आधुनिक सिंचाई और यंत्रीकरण ने किसानों की उत्पादकता बढ़ा दी है. APEDA की मानें तो साल 2025-26 में गुजरात ने 74,652 मीट्रिक टन दालों का निर्यात करके वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना ली है.
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