/newsnation/media/media_files/2025/09/09/cm-bhupendra-patel-2025-09-09-21-54-14.jpg)
CM Bhupendra Patel Photograph: (Social Media)
गुजरात की राजधानी गांधीनगर में इंटरनेशनल मातृभाषा दिवस के खास मौके पर मातृभाषा महोत्सव और साहित्य गौरव पुरस्कार आयोजित हुआ. महोत्सव में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी शामिल हुए. इस दौरान, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नागरिकों से कहा कि वे अपनी मातृभाषा और सांस्कृतिक विरासत को सहेजे और आगे बढ़ाएं. मातृभाषा पर गर्व करना भारतीय संस्कृति की सच्ची पहचान है.
सीएम ने बताया हमारी क्या जिम्मेदारी है
सीएम ने कहा कि अपनी भाषा पर गर्व करते हुए अन्य भाषाओं का भी सम्मान करना चाहिए. उन्होंने बताया कि मातृभाषा हमारे दिल की भावनाओं को सही ढंग से व्यक्त करने का सशक्त माध्यम है. भाषा और संस्कृति को अपनी अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है.
इन लोगों को दिया गया पुरस्कार
गुजरात साहित्य अकादमी द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस खास मौके पर मुख्यमंत्री ने साल 2024 के लिए गुजराती भाषा में प्रवीण दर्जी और कच्छी में मावजी महेश्वरी को साहित्य गौरव पुरस्कार प्रदान किया. वहीं, गुजराती के लिए अजय सोनी और कच्छी के लिए दीपक नंदा को युवा गौरव पुरस्कार प्रदान किया गया.
विकसित भारत-2047 में भाषा और संस्कृति को अहम स्थान
सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उन विचारों का जिक्र का उल्लेख करते हुए कहा कि मां, मातृभूमि और मातृभाषा का कोई मुकाबला नहीं है. सीएम ने कहा कि विकसित भारत 2047 के विजन में भाषा और संस्कृति को विशेष स्थन दिया गया है.
51 पुस्तकों का एकसाथ होगा प्रकाशन
भाषा, संस्कृति और साहित्य के संरक्षण के लिए गुजरात सरकार निरंतर प्रयास कर रही है. इसलिए सरकार ने एक साथ 51 पुस्तकों का प्रकाशन भी किया. सीएम ने सभी नागरिकों से विकसित गुजरात के निर्माण में अहम भूमिका निभाने का आह्वान किया है.
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us