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File Photo (GCRI )
विश्व कैंसर दिवस 2026 के मौके पर गुजरात कैंसर एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (GCRI), अहमदाबाद ने फिर से साबित कर दिया है कि वह सिर्फ गुजरात का ही नहीं बल्कि पूरे देश प्रमुख केंद्र बन गया है. GCRI देश भर में कैंसर के इलाज, अनुसंधान, रोकथाम और प्रारंभिक पहचान के लिए प्रसिद्ध है. GCRI की नींव नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री रहते हुए रखी थी. नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच को ही मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल आगे बढ़ा रहे हैं. सीएम पटेल के नेतृत्व में GCRI राष्ट्रीय स्तर पर कैंसर के इलाज के लिए भरोसेमंद संस्थान बनकर सामने आया है.
9 हजार से अधिक मरीज दूसरे राज्यों से
साल 2025 में 26,810 से अधिक नए कैंसर मरीजों ने GCRI में अपना रजिस्ट्रेशन करवाया, जिसमें से 9,147 मरीज गुजरात के बाहर से आए थे. राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार जैसे देश के करीबन हर राज्यों से मरीज यहां इलाज के लिए आए. GCRI इस वजह से एक सशक्त नेशनल रेफरहल सेंटर के रूप में स्थापित हुआ है.
GCRI अत्याधुनिक तकनीक के क्षेत्र में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी में नई क्रांति लेकर आई है. पिछले छह महीने में 50 रोबोटिक असिस्टेड कैंसर सर्जरी और पिछले तीन वर्षों में 40 HIPEC जैसी जटिल प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक की गईं. वहीं, पीईटी-सीटी जांच की संख्या 2025 में 6,333 हो गईं, जो 2021 में सिर्फ 1,813 थीं.
प्रदेश में 110 सामुदायिक कैंप्स लगाए गए
कैंसर के रोकथाम और प्रारंभिक पहचान पर भी विशेष फोकस किया गया. साल 2025 में राज्य भर में 110 सामुदायिक स्क्रीनिंग कैंप लगाए गए. वहीं, नो कॉस्ट कैंसर स्क्रीनिंग ओपीडी के माध्यम से अब तक 50 हजार से अधिक लोगों की जांच हो चुकी है. विश्व कैंसर दिवस पर GCRI 10 वर्षों से अधिक वक्त तक कैंसर मुक्त 500 सर्वाइवर्स का सम्मान होगा, जिससे कैंसर के समय पर इलाज पर जीत का संदेश दिया जाएगा.
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