गुजरात के पशुपालकों के लिए सुनहरा अवसर, 20 पशुओं तक की डेयरी फार्मिंग पर पाएं 12% ब्याज सब्सिडी

गुजरात सरकार की 1 से 20 दुधारू पशु फार्म स्थापना योजना के तहत पशुपालकों को बैंक ऋण पर 12 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी दी जा रही है. यह योजना पशुपालन को स्थायी व्यवसाय बनाने और डेयरी उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू की गई है.

गुजरात सरकार की 1 से 20 दुधारू पशु फार्म स्थापना योजना के तहत पशुपालकों को बैंक ऋण पर 12 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी दी जा रही है. यह योजना पशुपालन को स्थायी व्यवसाय बनाने और डेयरी उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू की गई है.

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Ravi Prashant
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गुजरात सरकार स्कीम Photograph: (freepik)

गुजरात सरकार के Agriculture, Farmers Welfare and Cooperation Department, Gujarat द्वारा “Establishment of 1 to 20 Milch Animal Farm” योजना लागू की गई है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य पशुपालन को एक लाभकारी और टिकाऊ व्यवसाय के रूप में विकसित करना है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके.

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योजना के प्रमुख लाभ

इस योजना के अंतर्गत पात्र पशुपालकों को बैंक या नाबार्ड द्वारा स्वीकृत यूनिट लागत पर 12 प्रतिशत तक की ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाती है. इससे डेयरी फार्म स्थापित करने के लिए लिए गए ऋण का बोझ कम होता है और बड़े स्तर पर गाय और भैंस पालन को प्रोत्साहन मिलता है.

पात्रता की शर्तें क्या है? 

योजना का लाभ वे सभी पशुपालक ले सकते हैं जो कृषि मजदूर, छोटे और सीमांत किसान, भूमिहीन व्यक्ति, मालधारी (पशुपालक समुदाय) या शिक्षित बेरोजगार हैं. आवेदक के पास 1 से 20 दुधारू पशुओं के लिए बैंक ऋण होना अनिवार्य है. साथ ही पशुपालक के पास भूमि, पशु और जल सुविधा उपलब्ध होना आवश्यक है. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के पशुपालकों के लिए भी यह योजना लागू है.

आवेदन प्रक्रिया क्या है? 

इस योजना के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है. आवेदक को I-Khedut Portal पर जाकर योजना अनुभाग में पशुपालन योजनाओं का चयन करना होगा. नई आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के बाद फॉर्म को कन्फर्म कर उसका प्रिंट निकालना आवश्यक है. इसके बाद संबंधित दस्तावेज तालुका कार्यालय में जमा कराने होते हैं.

आवश्यक दस्तावेज क्या लगेंगे? 

आवेदन के साथ भूमि या मकान स्वामित्व प्रमाण पत्र, बैंक ऋण स्वीकृति पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते हैं. ब्याज सब्सिडी से संबंधित आवेदन की प्रति जिला पंचायत के उप निदेशक पशुपालन कार्यालय को स्थानीय पशु चिकित्सालय के माध्यम से सत्यापन हेतु भेजी जाती है.

योजना का उद्देश्य क्या क्या होना चाहिए? 

यह योजना राज्य में संगठित डेयरी फार्मिंग को बढ़ावा देने, पशुपालकों की आय बढ़ाने और आत्मनिर्भर पशुपालन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

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