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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में आधी रात को ABVP और लेफ्ट समर्थित छात्र संगठनों के बीच हिंसक झड़प हुई है. इस घटना में कई छात्र घायल हुए हैं, जिनमें ABVP के मीडिया संयोजक विजय जायसवाल भी शामिल हैं. ABVP ने आरोप लगाया है कि वामपंथी गुटों ने 300-400 नकाबपोश लोगों के साथ हमला किया, जिसमें छात्रों को लाइब्रेरी से निकालकर पीटा गया और एक छात्र की आंखों में फायर एक्सटिंगुइशर पाउडर झोंक दिया गया.
अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं की है
लेफ्ट समर्थित छात्र संगठनों ने इन आरोपों को खारिज किया है और ABVP पर हिंसा शुरू करने का आरोप लगाया है. दिल्ली पुलिस ने अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं की है, लेकिन घटना की जांच कर रही है. JNU प्रशासन ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है. ABVP और लेफ्ट समर्थित छात्र संगठनों के बीच विवाद का मुख्य कारण CPO मैनुअल का विरोध है, जिसे ABVP छात्र-विरोधी मानता है, जबकि लेफ्ट समर्थित छात्र संगठन इसे प्रशासन की तानाशाही का प्रतीक मानते हैं.
एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप
ABVP का आरोप है कि लेफ्ट समर्थित छात्र संगठनों ने उनके कार्यकर्ताओं पर हमला किया, जबकि लेफ्ट समर्थित छात्र संगठनों का आरोप है कि ABVP ने हिंसा शुरू की. इस घटना में कई छात्र घायल हुए हैं, जिनमें ABVP के मीडिया संयोजक विजय जायसवाल भी शामिल हैं.
300 से 400 नकाबपोश लोगों ने किया हमला
बताया जा रहा है कि यह हिंसा वामपंथी संगठनों की ओर से करीब एक सप्ताह पहले से जारी हड़तालों के बाद शुरू हुई. जेएनयू के संयुक्त सचिव (एबीवीपी) वैभव मीना के अनुसार, नकाबपोश लोगों का एक बड़ा समूह परिसर में घुस आया और छात्रों की पिटाई करने लगा. एबीवीपी नेता का आरोप है कि लाइब्रेरी में शांतिपूर्वक अध्ययन कर रहे छात्रों को 300 से 400 नकाबपोश लोगों की भीड़ ने घेर लिया और उन पर हमला कर दिया.
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