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दिल्‍ली-एनसीआर में Smog Strike, कुछ करने के बजाय केंद्र-दिल्‍ली की सरकारें आमने-सामने

दिल्‍ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में शनिवार-रविवार रात को हुई बारिश और तेज हवाओं से भी प्रदूषण कम होने का नाम नहीं ले रहा है. बारिश होने से आस जगी थी कि प्रदूषण का स्‍ट्राइक (Pollution Strike) कुछ कम हो सकेगा, लेकिन रविवार सुबह इसका स्‍तर और भी बढ़ गया.

By : Sunil Mishra | Updated on: 03 Nov 2019, 12:20:29 PM
दिल्‍ली में Smog Strike, केंद्र-दिल्‍ली की सरकारें राजनीति में व्‍यस्त

दिल्‍ली में Smog Strike, केंद्र-दिल्‍ली की सरकारें राजनीति में व्‍यस्त (Photo Credit: NewsState)

नई दिल्‍ली:

दिल्‍ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में शनिवार-रविवार रात को हुई बारिश और तेज हवाओं से भी प्रदूषण कम होने का नाम नहीं ले रहा है. बारिश होने से आस जगी थी कि प्रदूषण का स्‍ट्राइक (Pollution Strike) कुछ कम हो सकेगा, लेकिन रविवार सुबह इसका स्‍तर और भी बढ़ गया. इससे पर्यावरण वैज्ञानिक (Environment Scientist) भी चकरा गए हैं. हालांकि कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि हल्‍की बारिश होने के चलते प्रदूषण (Pollution) पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ा है. वैज्ञानिकों का मानना है कि दिल्‍ली-एनसीआर का प्रदूषण कम करने के लिए और भी बारिश की जरूरत है. वैज्ञानिकों का मानना है कि बारिश के कारण नमी बढ़ने से प्रदूषण के कण और ज्यादा कंसंट्रेटेड हो गए हैं. दूसरी ओर, केंद्र और दिल्‍ली की सरकारें इस मुद्दे पर राजनीति करने में व्‍यस्‍त हैं. प्रदूषण कम करने को ऑड-ईवन (Odd-Even) को छोड़ दें तो अब तक कोई कारगर फार्मूला नहीं आजमाया गया है.

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रविवार को दिल्ली के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 900 के पार पहुंच गया. दिल्ली से सटे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी प्रदूषण बुरा हाल है. कहा जा रहा है कि पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के सीमाई इलाकों में पराली जलाने से दिल्ली की आबो-हवा में जहर घुल रहा है. दूसरी ओर, EPCA ने हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दी है. सभी स्कूल 5 नवंबर तक बंद हैं तो निर्माण गतिविधियां भी रोक दी गई हैं.

इस बीच केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Jawdekar) ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) पर दिल्ली में प्रदूषण मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए कहा, मेरा मानना है कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री प्रदूषण मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं और कोई समाधान निकालने के बजाय आरोप-प्रत्यारोप में लिप्त हैं. वह हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों को खलनायक के रूप में पेश करने के वास्ते उन्हें पत्र भेजने के लिए बच्चों को भड़का रहे हैं. उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण पिछले 15 वर्षों में बढ़ा है और नरेंद्र मोदी सरकार इसका निवारण कर रही है.

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जावड़ेकर ने कहा, 'हमने एनसीआर के मंत्रियों और अधिकारियों की अंतर-राज्य बैठकें शुरू कर दी हैं. सभी पक्षों को एक साथ काम करने की जरूरत है न कि एक दूसरे पर आरोप लगाने की. दिल्‍ली सरकार को विज्ञापनों पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बजाय दिल्ली सरकार को अच्छे कार्यों के लिए धनराशि के इस्तेमाल करने ध्यान केन्द्रित करना चाहिए.

वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वायु प्रदूषण की समस्या को लेकर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिखकर कहा है कि केंद्र सरकार वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या से निपटने के लिए अपने स्तर पर पहल करे. केंद्र के किसी भी उपाय का दिल्ली सरकार पूरा समर्थन करेगी.

First Published : 03 Nov 2019, 12:20:29 PM

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