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JNU Violence: कैंपस का एडमिन ब्लॉक बना क्राइम ब्रांच का ऑफिस, SIT छात्रों से करेगी पूछताछ

जवाहारल लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में हुई हिंसा मामल में जांच के लिए दिल्ली क्राइम ब्रांच की SIT ने कैंपस के अंदर स्थित एडमिन ब्लॉक को ही अपना ऑफिस बना लिया है. अब यहीं इस पूरे मामले की जांच और पूछताछ की जाएगी.

News Nation Bureau | Edited By : Vineeta Mandal | Updated on: 13 Jan 2020, 01:12:52 PM
JNU Violence

JNU Violence (Photo Credit: (सांकेतिक चित्र))

नई दिल्ली:

जवाहारल लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में हुई हिंसा मामल में जांच के लिए दिल्ली क्राइम ब्रांच की SIT ने कैंपस के अंदर स्थित एडमिन ब्लॉक को ही अपना ऑफिस बना लिया है. अब यहीं इस पूरे मामले की जांच और पूछताछ की जाएगी. जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती है तब तक SIT एडमिन ब्लॉक से ही अपनी जांच जारी रखेगी. इस मामले में जिन-जिन छात्रों पर आरोप लगे है उन सभी को यहीं पर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा.

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वहीं छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष को भी सोमवार को SIT की टीम ने यहां उपस्थित रहने के लिए कहा. इसके साथ ही डीयू (DU) की जिन नकाबपोश छात्राओं का नाम सामने आया है पुलिस उनसे संपर्क करने की कोशिश कर रही है.

बताया जा रहा है कि यह युवती दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा है, अब एसआईटी इस छात्रा को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी में है. वहीं अन्य छात्रों की भी पहचान में पुलिस जुटी हुई है.

बता दें कि जेएनयू हिंसा मामले की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है. इससे पहले दिल्ली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके नौ संदिग्धों की तस्वीर जारी की थी, जिनमें पंकज मिश्रा, आईशी घोष (जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष), वास्कर विजय, सुचेता तालुकदार, चुनचुन, कुमार, डोलन सामंता, प्रिया रंजन, योगेंद्र भारद्वाज और विकास पटेल के नाम शामिल हैं. योगेंद्र भारद्वाज यूनिटी अगेस्ट लेफ्ट व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन हैं. इसमें दो संदिग्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के हैं और सात लेफ्ट से जुड़े हैं.

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गौरतलब है कि इससे पहले जेएनयू हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके नौ संदिग्धों की तस्वीर जारी की थी, जिनमें पंकज मिश्रा, आईशी घोष (जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष), वास्कर विजय, सुचेता तालुकदार, चुनचुन, कुमार, डोलन सामंता, प्रिया रंजन, योगेंद्र भारद्वाज और विकास पटेल के नाम शामिल हैं. योगेंद्र भारद्वाज यूनिटी अगेस्ट लेफ्ट व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन हैं. इसमें दो संदिग्ध एबीवीपी (ABVP) के हैं और सात लेफ्ट से जुड़े हैं.

First Published : 13 Jan 2020, 01:03:00 PM

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