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JNU Student Protest : धरने पर बैठे छात्रों पर पुलिस ने भांजीं लाठियां, कई छात्र घायल

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawaharlal Nehru University) के छात्रों का फीस वृद्धि के खिलाफ धरना प्रदर्शन अभी भी जारी है. फीस बढ़ोतरी का विरोध करने की कड़ी में JNU के सैकड़ों छात्र-छात्राएं सोमवार को संसद भवन तक विरोध मार्च करेंगे.

By : Kuldeep Singh | Updated on: 18 Nov 2019, 11:31:36 PM
प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो (Photo Credit: फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawaharlal Nehru University) के छात्रों का फीस वृद्धि के खिलाफ धरना प्रदर्शन अभी भी जारी है. छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए ऐहतियातन केंद्रीय सचिवालय, उद्योग भवन और पटेल चौक मेट्रो स्टेशन को अस्थाई तौर पर बंद कर दिया गया है. इससे पहले फीस बढ़ोतरी का विरोध करने की कड़ी में JNU के सैकड़ों छात्र-छात्राएं ने सोमवार को संसद भवन तक विरोध मार्च शुरू कर दिया. लगभग एक हजार छात्रों ने जेएनयू के गेट के बाहर लगाए गए पुलिस के बेरीकेड को तोड़ दिया. इस पर पुलिस से झड़प भी हुई. पुलिस बल जेएनयू छात्रों को रोकने की कोशिश की छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने हल्के बल का प्रयोग करते हुए लाठियां भी भांजी. दिल्ली पुलिस ने बताया कि सोमवार को JNU छात्रों के प्रोटेस्ट मार्च के दौरान झड़प में करीब 30 पुलिसकर्मी और 15 छात्र घायल हो गए.

जेएनयू छात्र संघ के पदाधिकारियों ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव गिरीश होसुर से मुलाकात की. जेएनयू छात्र संघ की मांगों को आधिकारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया है. इसके अलावा प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों ने अपने ऊपर हुए पुलिसिया अत्याचार की कहानी भी मंत्रालय में बयां की और दिल्ली पुलिस के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की मांग की है. जेएनयू प्रशासन और हॉस्टल के अध्यक्ष मंत्रालय द्वारा गठित समिति से बुधवार को मुलाकात करेंगे और छात्रों के साथ गतिरोध की स्थिति पर अवगत करवाएंगे तब तक जेएनयू के छात्रों का विरोध जारी रहेगा.

जेएनयू के छात्र आज अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे थे छात्रों का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने उनके ऊपर लाठी चार्ज ही नहीं बल्कि बड़े ही बर्बरता पूर्वक बर्ताव किया दिल्ली पुलिस ने सड़क की लाइट बंद कर के छात्रों के ऊपर लाठीचार्ज किया ताकि गंभीर रूप से घायल छात्रों को एम्स के ट्रॉमा सेंटर में इलाज के लिए लाया गया और जो लोग जेएनयू परिसर में पहुंच गए थे वहां पर उनकी हालत बिगड़ने पर जेएनयू हेल्थ सेंटर ने उन्हें एम्स के ट्रॉमा सेंटर में रेफर कर दिया जहां पर छात्र अपना उपचार कराने आ रहे हैं.

Delhi Metro Rail Corporation: As advised by Delhi Police, trains are not halting at Udyog Bhawan and Patel Chowk. Exit/Entry Gates for Udyog Bhawan, Patel Chowk and Central Secretariat have been closed temporarily. #jnuprotest pic.twitter.com/z2iUJmV5n9

जेएनयू छात्र संघ के सदस्य मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव से मिलेंगे और फीस बढ़ोतरी को लेकर अपनी बात रखेंगे. इस बीच पुलिस रास्ता खाली कराने के लिए छात्रों को हटा रही है. हालांकि छात्र हट नहीं रहे हैं. पुलिस की रणनीति है कि रास्ता खाली कराकर ट्रैफिक को नॉर्मल किया जाए. जेएनयू छात्र संघ के सदस्य मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव से मिलने पहुंचे, लेकिन छात्रों का प्रदर्शन अभी जारी है.

दिल्ली पुलिस ने जेएनयू छात्रों के सामने प्रस्ताव रखा है कि अगर वह चाहें तो उनके डेलिगेशन को एचआरडी मिनिस्ट्री से मुलाकात करवा सकते हैं. हालांकि, छात्रों ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है. छात्रों का धरना-प्रदर्शन जारी है.

पुलिस ने इस मामले में कुछ छात्रों को हिरासत में भी लिया है. छात्रों ने अपना मार्च सफल बनाने के लिए अन्य विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं से भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है. छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए संसद भवन के आसपास धारा 144 लागू कर दी गई है. भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात है. घटना में कुछ छात्रों को चोट भी आई है.

पुलिस कई छात्रों को बसों में भरकर अन्य स्थान पर ले गई है. पुलिस ने संयम बरतते हुए छात्रों के खिलाफ सख्ती नहीं दिखाई. पुलिस ने पहले ही छात्रों को शांति पूर्ण की इजाजत दे दी थी लेकिन यह साफ कर दिया था कि वह बैरीकेड से आगे न बढ़े. पुलिस के बाद कुछ छात्र वहां से जा चुके हैं. अब खबर आ रही है कि छात्र अन्य स्थानों से वसंत बिहार इलाके के रास्ते जाने की कोशिश कर रहे हैं.   

प्रदर्शन को रोकने के लिए तीन स्तरीय सुरक्षा
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से आधा किलोमीटर की दूरी पर बाबा गंगनाथ मार्ग पर हजारों की संख्या में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवान तैनात है. पहली पंक्ति में महिला पुलिस, दूसरी पंक्ति में पुरुष पुलिस के जवान और तीसरी और अंतिम पंक्ति में केंद्रीय पुलिस के जवान हाथों में लाठी लेकर मौजूद हैं. दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी डीसीपी और ज्वाइंट सीपी स्तर के आईपीएस अधिकारी भी मौके पर है. जिससे अगर बल प्रयोग को लेकर कोई भी फैसला लेना हो तो त्वरित गति से लिया जा सके.


मीडिया को दिल्ली पुलिस की तरफ से दिए गए हैं पास
दिल्ली पुलिस की ओर से मीडिया को कवरेज के लिए स्पेशल पास जारी किए गए हैं. मीडियाकर्मियों को हिदायत दी गई है कि वह गले में पास लगाकर रखें. साफ संकेत है कि दिल्ली पुलिस और जेएनयू छात्रों के बीच टकराव की संभवना है. ऐसे में बैरिकेडिंग के साथ-साथ वाटर कैनन और आंसू गैस के गोलों का भी इंजाम किया गया है. अगर यह बैरिकेड टूटा तो संसद भवन के आसपास बैरिकेडिंग और संसद भवन के पास के मेट्रो स्टेशन को भी कुछ समय के लिए बंद करवाया जा सकता है.

तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी करेगी JNU मामले की जांच
मानव संसाथन विकास मंत्रालय ने जेएनयू मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है. इस समिति में यूजीसी के पूर्व चेयरमैन प्रोफेसर वी एस चौहान, एआईसीटीई के चेयरमैन प्रोफेसर अनिल सहस्त्रबुद्धे और यूजीसी सचिव प्रोफेसर रजनीश जैन को शामिल किया गया है. समिति जेएनयू छात्र और प्रशासन से बातचीत कर मामले का समाधान निकालेगी. 

First Published : 18 Nov 2019, 12:02:35 PM

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