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भारत बंद का असर 12 राज्यों में कुछ ऐसा रहा, कहीं हुआ चक्का जाम तो कहीं....

केंद्र के नये कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर किसान संगठनों के आह्वान पर बुलाए गए ‘भारत बंद’ के समर्थन में मंगलवार को देश के कई हिस्सों में दुकानें और कारोबारी प्रतिष्ठान बंद रहे और परिवहन पर असर पड़ा.

Bhasha | Edited By : Nitu Pandey | Updated on: 08 Dec 2020, 04:48:53 PM
bharat bandh

किसानों ने कराया भारत बंद (Photo Credit: ANI)

दिल्ली/चंडीगढ़:

केंद्र के नये कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर किसान संगठनों के आह्वान पर बुलाए गए ‘भारत बंद’ के समर्थन में मंगलवार को देश के कई हिस्सों में दुकानें और कारोबारी प्रतिष्ठान बंद रहे और परिवहन पर असर पड़ा. प्रदर्शनकारी सड़क पर उतरे और ट्रेन समेत यातायात को बाधित किया. बंद से आपात सेवाओं और बैंकों को दूर रखा गया है. अखिल भारतीय बंद को अधिकतर विपक्षी दलों और कई ट्रेड यूनियनों का समर्थन मिला है.

पंजाब, हरियाणा जैसे राज्यों और किसानों के प्रदर्शन का केंद्र बनी

पंजाब, हरियाणा जैसे राज्यों और किसानों के प्रदर्शन का केंद्र बनी दिल्ली में बंद का असर दिखा. बंद को देखते हुए देशभर में सुरक्षा बढ़ा दी गयी है. कई जगहों पर प्रदर्शन का असर दिखा. दिल्ली की सीमाओं पर हजारों किसान पिछले 11 दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं. पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा में प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर ट्रेनें रोकीं. किसान संगठनों द्वारा आहूत 'भारत बंद' का मंगलवार को राजस्थान के अनेक इलाकों में शुरुआती असर मिला जुला रहा.

जयपुर में मंडियां रहीं बंद, खुले रहे दुकान

प्रदेश की राजधानी जयपुर में ‘मंडियां’ बंद थीं, लेकिन दुकान खुली थीं. प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की खबरें हैं. देश के अधिकतर हिस्सों में प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा.

दिल्ली में कैब सेवा सड़कों पर नहीं दिखीं

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अधिकतर मुख्य बाजार खुले रहे लेकिन ऐप आधारित कैब सेवाएं सड़कों पर नहीं दिखी. हालांकि, सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी द्वारा दिल्ली पुलिस पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को नजरबंद करने का आरोप लगाए जाने के बाद तनाव पैदा हो गया था. आप के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया, ‘‘ गृह मंत्रालय के निर्देश पर, दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री केजरीवाल को सिंघू बॉर्डर पर किसानों से मिलने के बाद से ही नजरबंद कर दिया है. किसी को भी उनके आवास पर जाने या वहां से किसी को बाहर आने की अनुमति नहीं है. हमारे विधायकों की पिटाई की गई. वहां कई अवरोधक लगाए गए हैं और घरेलू सहायिका को भी घर के अंदर नहीं जाने दिया जा रहा.’’ हालांकि, दिल्ली पुलिस ने पार्टी के दावों को खारिज किया है.

भारत बंद में कुछ ऑटो और टैक्सी संघों ने भी भाग लिया

‘भारत बंद’ के समर्थन में शहर में कुछ ऑटो और टैक्सी संघों ने भी भाग लिया और सड़कों पर वाहनों को नहीं उतारने का फैसला किया, वहीं कुछ ने हड़ताल से दूरी बनाई. ‘बंद’ के तहत किसान यूनियनों ने मंगलवार सुबह 11 बजे से दिन में तीन बजे तक चक्का जाम करने के दौरान देशभर में राजमार्गों को बाधित करने और टोल प्लाजा को घेरने की चेतावनी दी थी.

बुधवार को किसान संगठन और सरकार के बीच होगी वार्ता

नये कानून को लेकर जारी गतिरोध पर बुधवार को केंद्र सरकार की किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता होने वाली है. अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) के महासचिव हन्नान मौला ने कहा कि ‘भारत बंद’ किसानों की ताकत दिखाने का एक जरिया है और उनकी जायज मांगों को देशभर के लोगों का समर्थन मिला है.

मौला ने कहा, ‘‘ हम तीनों कानूनों की पूरी तरह वापसी की अपनी मांग पर अडिग हैं और किसी तरह के संशोधनों पर राजी नहीं होंगे. ये ऐसे कानून हैं, जिसमें संशोधन से कोई फर्क नहीं पड़ेगा. ’’

पंजाब में व्यावासायिक प्रतिष्ठान रहे बंद

बंद के मद्देनजर पंजाब में अनेक स्थानों पर दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे. राज्य में पेट्रोल डीलरों ने भी बंद के समर्थन में पेट्रोल पंप बंद रखे. राज्य में ईंधन भरने वाले पंपों की संख्या 3,400 से अधिक है.

हरियाणा में यातायात समस्या को लोगों को पड़ा जूझना 

पड़ोसी राज्य हरियाणा में विपक्षी दल कांग्रेस और इंडियन नेशनल लोक दल ने भारत बंद को समर्थन दिया. दोनों ही राज्यों में सुबह से ही किसान राजमार्गों तथा अन्य महत्वपूर्ण मार्गों पर एकत्रित होने लगे थे. हरियाणा पुलिस ने यात्रा परामर्श जारी किया है जिसमें कहा है कि लोगों को कई मार्गों एवं राजमार्गों पर दोपहर 12 बजे से अपराह्न तीन बजे तक यातायात की समस्या का सामना करना पड़ सकता है.

पश्चिम बंगाल में रेल की पटरियों को किया गया जाम

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस ने कांग्रेस और वाम दलों के साथ ‘भारत बंद’ का समर्थन किया है. प्रदर्शनकारियों ने राज्य में कई स्थानों पर रेल पटरियों को जाम किया और सड़कों पर धरना दिया. बंद का असर राज्य में देखने को मिला, जहां निजी वाहन सड़कों से नदारद रहे और बस, टैक्सी जैसे सार्वजनिक वाहनों का परिचालन सामान्य से कम है.

झारखंड में बंद का रहा मिला-जुला असर

किसानों के ‘भारत बंद’ के आह्वान का झारखंड में मंगलवार को मिला-जुला असर दिखा. राज्य में लगभग सभी सरकारी कार्यालय खुले रहे, लेकिन निजी संस्थान एवं दुकानें आंशिक तौर पर बंद रहीं. राज्य में स्थानीय यातायात अधिकतर सामान्य है, लेकिन अंतरराज्यीय यातायात ठप है.

छत्तीसगढ़ में सत्ताधारी दल के नेता और कार्यकर्ता किसानों के समर्थन में निकले

छत्तीसगढ़ में सत्ताधारी दल कांग्रेस ने भारत बंद का समर्थन किया है. सत्ताधारी दल के नेता और कार्यकर्ता बंद को सफल बनाने के लिए सड़क पर निकले तथा लोगों से समर्थन का अनुरोध किया.

मध्यप्रदेश में किसानों ने किया विरोध प्रदर्शन

मध्य प्रदेश में ‘भारत बंद’ के समर्थन में प्रदर्शनकारियों ने राज्य के होशंगाबाद जिले के सिवनी-मालवा क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन किया. क्रांतिकारी किसान मजदूर संगठन के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की और नए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की.

महाराष्ट्र में स्थिति रहा सामान्य 

महाराष्ट्र में मुम्बई और अधिकतर हिस्सों में उपनगरीय ट्रेनों और बसों सहित सार्वजनिक परिवहन सेवाएं मंगलवार को किसानों द्वारा आहूत ‘भारत बंद’ के बावजूद लगभग सामान्य रहीं. महाराष्ट्र के अनेक हिस्सों में कृषि उपज विपणन समितियां (एपीएमसी) बंद रहीं .

गोवा में बंद का नहीं दिखा असर

भाजपा शासित गोवा में मंगलवार सुबह बाजार खुले रहे और सार्वजनिक परिवहन भी सामान्य रहा. शैक्षणिक संस्थानों का कामकाज भी सामान्य है. बाजार खुले हैं और सार्वजनिक परिवहन भी अन्य दिनों की तरह सामान्य है.

असम में तेल टैंकरों की आवाजाही बाधित 

असम में हजारों प्रदर्शनकारियों ने ‘भारत बंद’ में हिस्सा लिया. कांग्रेस और वाम दलों समेत 14 विपक्षी दलों और कई सामाजिक संगठनों ने बंद को समर्थन दिया है. हालांकि, राज्य में अधिकतर कार्यालयों में कामकाज सामान्य रहा. कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया. राज्य में पेट्रोल पंपों के संघों द्वारा बंद को समर्थन देने के कारण तेल टैंकरों की आवाजाही बाधित रही.

हिमाचल में बंद का नहीं दिखा असर

वहीं, हिमाचल प्रदेश में बंद का अधिक असर नहीं दिखा. राज्य में अधिकतर दुकानें, कारोबारी संस्थान खुले रहे. हालांकि, कांग्रेस और सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीआईटीयू) ने राज्य की राजधानी शिमला एवं अन्य जिलों में अलग-अलग धरना दिया. 

First Published : 08 Dec 2020, 04:48:53 PM

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