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दिल्ली में डेंगू का कहर : नहीं मिल रहे बेड, ट्रीटमेंट के लिए....

दिल्ली के अस्पतालों में डेंगू और वायरल बुखार के मरीज तेजी से बढ़े हैं. राजधानी में हालात यह है कि मेडिसिन विभाग के वार्ड में इन मरीजों को बेड तक नहीं मिल पा रहे हैं. किसी जगह एक बेड पर दो से तीन मरीज भर्ती हैं.

News Nation Bureau | Edited By : Vijay Shankar | Updated on: 22 Oct 2021, 12:25:27 PM
dengue

dengue (Photo Credit: File Photo)

highlights

  • एक अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक डेंगू के 382 मामले आए
  • पिछले साल पूरे अक्टूबर महीने में आए डेंगू के मामलों से भी अधिक
  • पिछले साल अक्टूबर में डेंगू के 346 डेंगू मरीज मिले थे  

नई दिल्ली:

दिल्ली के अस्पतालों में डेंगू और वायरल बुखार के मरीज तेजी से बढ़े हैं. राजधानी में हालात यह है कि मेडिसिन विभाग के वार्ड में इन मरीजों को बेड तक नहीं मिल पा रहे हैं. किसी जगह एक बेड पर दो से तीन मरीज भर्ती हैं तो कहीं बेड खाली न होने की वजह से मरीज जमीन पर इलाज कराने को मजबूर हैं. दिल्ली नगर निगम ने कहा है कि राजधानी दिल्ली में 1 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक डेंगू के 382 मामले सामने आ चुके हैं. यह संख्या पिछले साल पूरे अक्टूबर महीने में आए डेंगू के मामलों से भी अधिक हैं. पिछले साल अक्टूबर में डेंगू के 346 डेंगू मरीज मिले थे.  

यह भी पढ़ें : कोरोना से राहत के बीच दिल्ली में डेंगू का कहर, बढ़ते मामले के बीच एक की मौत

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल की बात करें तो यहां के मेडिसिन वार्ड का बुरा हाल है. यहां रोज डेंगू और डेंगू के लक्षण वाले 80 से 100 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं. ऐसे में यहां भर्ती सभी मरीजों को बेड नहीं मिल पा रहा है. मेडिसिन के वार्ड 11 में जमीन पर पड़े मरीज मिल जाएंगे. इन मरीजों को ग्लूकोज और अन्य दवाएं आईवी के जरिए जमीन पर ही स्टैंड से बोतल लटकाकर दी जा रही हैं. नर्स भी ब्लड सैंपल से लेकर तापमान जांच के काम जमीन पर ही कर रही हैं. डॉक्टर भी वहीं इलाज कर रहे हैं. यह हाल तब है जब इस अस्पताल में डेंगू और वायरल फीवर के मरीजों के लिए कुल 110 बेड आरक्षित किए गए हैं. 
वहीं दिल्ली के रोहिणी स्थित बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल में भी डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ी है. डॉक्टरों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यहां 45 बेड के एक वार्ड में करीब 150 मरीज भर्ती हैं. इन मरीजों में आधे मरीज ऐसे हैं जिन्हें डेंगू की पुष्टि हो चुकी है या फिर डेंगू के लक्षण हैं. लक्षणों के आधार पर सभी का इलाज किया जा रहा है. यहां एक बेड पर दो या इससे अधिक मरीज भर्ती हैं. बचे हुए मरीज जमीन पर लेटे हैं और वहीं उनका इलाज किया जा रहा है.

यहां भी स्थिति चिंताजनक
हिंदूराव अस्पताल में एक बेड पर तीन मरीज इलाज कराते नजर आए. एक डॉक्टर ने बताया कि बुखार और डेंगू के 100 से अधिक मरीज रोज आ रहे हैं. निगम के अनुसार, अस्पताल में 145 बेड डेंगू और बुखार के मरीजों के लिए आरक्षित हैं. दिल्ली के कस्तूरबा गांधी अस्पताल में भी सात मरीज भर्ती हैं. इनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं.

स्वामी दयानंद अस्पताल में डेंगू के 72 मरीज
स्वामी दयानंद अस्पताल में डेंगू के कुल 72 मरीज भर्ती हैं। यहां भी मरीजों के लिए सिर्फ 40 बेड आरक्षित हैं. ऐसे में एक बेड पर दो मरीजों का इलाज किया जा रहा है. दिल्ली के निजी क्षेत्र के आकाश अस्पताल में भी हर रोज डेंगू के 10 मरीज आ रहे हैं. लोकनायक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर सुरेश कुमार के मुताबिक पिछले चार दिनों में ही उनके अस्पताल में डेंगू के 19 मरीज भर्ती हुए हैं. 

इन अस्पतालों में इतने हैं बेड : 
· लोकनायक अस्पताल - 60 बेड
· सफदरजंग अस्पताल - 110 बेड
· हिंदूराव अस्पताल -145 बेड
· स्वामी दयानंद अस्पताल - 40 बेड

इस बार क्यों ज्यादा खतरनाक है डेंगू
इस बार डेंगू इसलिए भी ज्यादा खतरनाक है क्योंकि इससे प्लेटलेट्स दो से तीन दिन में ही काफी गिर जा रही है. ऐसा पहले छह सात दिन में देखा जाता था. इसके अलावा व्यस्कों की तुलना में इस बार डेंगू की चपेट में ज्यादातर बच्चे आ रहे हैं. बच्चों में इसके लक्षण के रूप में तेज बुखार के साथ उल्टी, पेट में दर्द और सिरदर्द जैसे लक्षण दिख रहे हैं. ठीक होने के बाद भी लंबे वक्त तक कमजोरी आ जा रही है. 

First Published : 22 Oct 2021, 12:25:27 PM

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