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Delhi Air Pollution( Photo Credit : (सांकेतिक चित्र))
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के साथ ही वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के बुधवार दोपहर बाद 'बेहद गंभीर एवं आपात' श्रेणी में पहुंचने की आशंका है. अब तक यह ‘गंभीर’ श्रेणी में था. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) क्रमश: 472 और 462 था. वहीं फरीदाबाद और गुरुग्राम में एक्यूआई क्रमश: 441 और 448 रहा.
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गौरतलब है कि वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 0-50 के बीच ‘अच्छा’, 51-100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101-200 के बीच ‘मध्यम’, 201-300 के बीच ‘खराब’, 301-400 के बीच ‘अत्यंत खराब’, 401-500 के बीच ‘गंभीर’ और 500 के पार ‘बेहद गंभीर एवं आपात’ माना जाता है. राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार सुबह न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
वहीं हवा में आर्द्रता का स्तर 81 प्रतिशत रहा. मौसम वैज्ञानिक ने दिन में आंशिक रूप से बादल छाने और अधिकतम तापमान के 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान लगाया है. दिल्ली की वायु गुणवत्ता कुछ दिन बेहतर रहने के बाद मंगलवार सुबह एक बार फिर पड़ोसी राज्यों में जलाई जा रही पराली के कारण ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई. तापमान में गिरावट और हवा की गति कम होने से भी प्रदूषण बढ़ा.
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सरकार की वायु गुणवत्ता निगरानी सेवा ‘सफर’ ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर बुधवार को ‘बेहद गंभीर एवं आपात’ श्रेणी में पहुंच सकता है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण ब्यूरो (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) मंगलवार शाम चार बजे 425 और रात के नौ बजे 437 दर्ज किया गया. सोमवार शाम चार बजे यह 360 था.