शिक्षकों से आवारा कुत्तों की गिनती कराने की फर्जी अफवाह पर दिल्ली पुलिस का एक्शन, शिकायत पर की FIR दर्ज

Stray Dog Census Row: दिल्ली सरकार की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. दिल्ली सरकार ने एक दिन पहले कहा था कि शिक्षकों से कुत्तों की गिनती नहीं करवाई जा रही है. ये झूठी-गुमराह करने वाली जानकारी है.

Stray Dog Census Row: दिल्ली सरकार की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. दिल्ली सरकार ने एक दिन पहले कहा था कि शिक्षकों से कुत्तों की गिनती नहीं करवाई जा रही है. ये झूठी-गुमराह करने वाली जानकारी है.

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Jalaj Kumar Mishra
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Stray Dog Census Row: (Freepik)

Stray Dog Census Row: सोशल मीडिया पर इन दिनों खबरें चल रही है कि शिक्षकों से आवारा कुत्तों की गिनती करवाई जा रही है. ये जानकारी पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक है. खुद दिल्ली के शिक्षा निदेशालय ने इसकी पुष्टि की है. साफ-साफ शब्दों में निदेशालय ने कह दिया है कि इस तरह का कोई भी आदेश कभी भी जारी नहीं किया गया है. ये शिक्षा विभाग और शिक्षकों की छवि को धूमिल करने की सुनियोजित कोशिश है. 

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दिल्ली पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

मामले में डायरेक्टोरेट ऑफ एजुकेशन, दिल्ली सरकार ने पुलिस से भी मामले की शिकायत की है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोशल मीडिया पर फर्जी, गुमराह करने वाली और दुर्भावनापूर्ण जानकारी फैलाने और उसे बढ़ावा देने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है.  

सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जानकारी दी

एक दिन पहले खबर आई थी कि दिल्ली सरकार द्वारा सिविल लाइंस थाने में उन सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जानकारी दी गई है, जो ऐसे झूठी खबरें फैला रहे हैं. विभाग ने मांग की थी कि दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए, जिससे ऐसी अफवाहों पर भविष्य में रोक लगाई जा सके.

अब जानें क्या है पूरा मामला

दिल्ली शिक्षा निदेशालय की निदेशक वेदिथा रेड्डी ने कहा कि शिक्षकों से आवारा कुत्तों की गिनती करवाने जैसा कोई भी आदेश विभाग ने जारी नहीं किया है. ये मामला सामान्य राजनीतिक आलोचना का नहीं है, ये शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की साख को नुकसान पहुंचाने के लिए जानबूझकर किया जा रहा है. रेड्डी ने साफ कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

क्या बोले डीआईपी के निदेशक

मामले में DIP के निदेशक सुशील सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें कुछ लोग खुद को शिक्षक बता रहे हैं और कुत्तों की गिनती कर रहे हैं. कुछ वीडियो असली थे तो कुछ एआई से बनाए गए थे. ये पूरा दावा निराधार था, जिससे जनता में गलत संदेश गया और बेवजह आक्रोश पैदा हो गया.

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