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दिल्ली HC ने ऑक्सीजन सप्लाई के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाने का दिया सुझाव

दिल्ली में ऑक्सीजन की किल्लत को दूर करने के लिए हाईकोर्ट ने इसके लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाने का सुझाव दिया. हाई कोर्ट ने कहा कि इससे ऑक्सीजन सप्लायर्स और जिस अस्पताल को ऑक्सीजन की जरूरत है उनके बीच आसानी से संपर्क हो सकेगा.

News Nation Bureau | Edited By : Karm Raj Mishra | Updated on: 30 Apr 2021, 04:22:32 PM
delhi high court

delhi high court (Photo Credit: News Nation)

highlights

  • हाईकोर्ट ने ऑक्सीजन सप्लाई के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाने का सुझाव दिया
  • कोर्ट ने परिजनों से ऑक्सीजन सिलिंडर जब्त नहीं करने का आदेश दिया

नई दिल्ली:

राजधानी दिल्ली में जारी ऑक्सीजन संकट मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सभी सप्लायर्स से सहयोग करने के लिए कहा क्योंकि दिल्ली में फिलहाल ऑक्सीजन की भारी कमी चल रही है. ऐसे में दिल्ली हाई कोर्ट ने ऑक्सीजन सप्लाई करने वालों और अस्पतालों के बीच एक संपर्क सूत्र होने की बात कही. हाईकोर्ट ने इसके लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाने का सुझाव दिया. हाई कोर्ट ने कहा कि इससे ऑक्सीजन सप्लायर्स और जिस अस्पताल को ऑक्सीजन की जरूरत है उनके बीच आसानी से संपर्क हो सकेगा. कोर्ट ने कहा कि इससे पारदर्शिता और जवाबदेही को बरकरार रखने में भी मदद मिलेगी. 

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परिजनों से ऑक्सीजन सिलिंडर जब्त नहीं करने का आदेश

हाई कोर्ट ने आज की सुनवाई में कोरोना महामारी के इलाज में उपयोगी दवा रेमडेसिविर और ऑक्सीजन पर बहुत महत्वपूर्ण आदेश दिया. हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से कहा कि जमाखोरों से जब्त की गई रेमडेसिविर को तुरंत मरीजों के इलाज के लिए उपलब्ध कराई जाए. साथ ही उसने किसी कोरोना मरीज के परिजन से ऑक्सीजन सिलिंडर जब्त नहीं करने का आदेश दिया. कोर्ट ने कहा कि मरीज के परिजन बड़ी मुश्किल से ऑक्सीजन सिलिंडर जुटाते हैं. ऐसे में उनसे सिलिंडर जब्त करना सही नहीं है. 

जब्त दवाओं को मरीजों तक पहुंचाने का आदेश

जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस रेखा पल्ली की बेंच लंच के बाद दुबारा बैठी तो पूछा कि पुलिस ने कितनी रेमेडिसिवर और ऑक्सीजन जमाखोरों से जब्त की हैं. इस पर डीएसएलएसए के मेंबर सेक्रेटरी ने बताया कि रेमडेसिविर की 279 शीशियां जब्त की गई हैं. तब हाई कोर्ट ने कहा कि उन्हें केस प्रॉपर्टी के तौर पर जब्त न किया जाए. उन्हें तुरंत रिलीज किया जाए ताकि वे जरूरतमंद मरीजों तक तुरंत पहुंचाया जा सकें.

मजबूरी से पैसा नहीं कमा सकते

हाईकोर्ट ने ऑक्सीजन सप्लायर्स से कहा कि "कृपया यह बात समझें, यह एक लड़ाई नहीं है, यह एक युद्ध है. हमें सभी को सहयोग करने की आवश्यकता है. हम इस समय दूसरों की मजबूरी से पैसा नहीं कमा सकते. हमें सहानुभूति और चिंता दिखानी चाहिए और अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देना चाहिए.

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वहीं, ऑक्सीजन सप्लायर्स ने हाईकोर्ट को बताया, "हम दैनिक आधार पर दिल्ली सरकार को अपनी ऑक्सीजन सप्लाई के सभी डेटा प्रदान कर रहे हैं. दिल्ली सरकार के अधिकारी पूरे दिन हमारे प्लांटों में मौजूद रहते हैं और पूरी जानकारी उनके साथ साझा की जा रही है." वकील सचिन पुरी ने कहा कि गुरुवार को दिल्ली पुलिस द्वारा लगभग 170 ऑक्सीजन कंसेन्ट्रेटर को जब्त किया गया था. अदालत ने आज उन ऑक्सीजन कंसेन्ट्रेटर को छोड़ने का आदेश दिया है.

ऑक्सीजन की कमी पर कोर्ट सख्त

केंद्र और दिल्ली सरकार की तीखी दलीलों के बीच जस्टिस ने केंद्र सरकार के अधिकारी पीयूष गोयल से कहा कि आज की समस्या है कि ऑक्सीजन की वजह से अस्पतालों ने मरीजों को एडमिट करने से मना कर दिया है. बेड खाली पड़े हैं. लोग परेशान हो रहे हैं. ऑक्सीजन की कमी की वजह से जानें जा रही हैं. इस पर सॉलिसिटर जनरल ने हाई कोर्ट से कहा कि मैं एक बार फिर आपसे अनुरोध करता हूं कि पूरे देश में ऑक्सिजन के आवंटन के आंकड़े पर नहीं जाएं.

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First Published : 30 Apr 2021, 04:22:32 PM

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