दिल्ली से अब प्रदूषण का होगा खात्मा, सरकार ने तैयार किया जबरदस्त प्लान

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए PWD ने 13 पॉल्यूशन हॉटस्पॉट पर मिस्ट स्प्रे सिस्टम लगाने का फैसला लिया है. 305 बिजली के खंभों पर यह तकनीक लगेगी और अगले 15–20 दिनों में इसका संचालन शुरू होने की उम्मीद

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए PWD ने 13 पॉल्यूशन हॉटस्पॉट पर मिस्ट स्प्रे सिस्टम लगाने का फैसला लिया है. 305 बिजली के खंभों पर यह तकनीक लगेगी और अगले 15–20 दिनों में इसका संचालन शुरू होने की उम्मीद

author-image
Ravi Prashant
New Update
DELHI POLLUTION

दिल्ली प्रदूषण Photograph: (x/ANI)

देश की राजधानी में सर्दियों का मौसम आते ही हवा जहरीली होने लगती है. धुआं, धूल और स्मॉग के कारण हालात इतने बिगड़ जाते हैं कि छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी को सांस लेने में मुश्किल झेलनी पड़ती है. ऐसे में सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए एक और तकनीकी कदम उठाया है, जिसके तहत शहर के 13 प्रमुख पॉल्यूशन हॉटस्पॉट पर मिस्ट स्प्रे सिस्टम लगाया जाएगा.

Advertisment

305 बिजली खंभों पर लगाए जाएंगे ये सिस्टम

पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) ने इस परियोजना के लिए 305 बिजली के खंभों को चुना है, जिन पर यह सिस्टम इंस्टॉल होगा. विभाग की टीमों ने इन जगहों पर सर्वे करके लोकेशन का चयन पूरा कर लिया है. अधिकारियों का कहना है कि टेंडर फाइन फेज में है और अगले 15 से 20 दिनों के भीतर यह सिस्टम जमीन पर काम करने लगेगा.

सीएम ने कुछ दिन पहले ही किया था ऐलान

कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी घोषणा की थी कि दिल्ली के पॉल्यूशन हॉटस्पॉट पर मिस्ट स्प्रे तकनीक लागू की जाएगी, ताकि हवा में मौजूद धूल को नियंत्रित किया जा सके और प्रदूषण के स्तर को नीचे लाया जा सके.

पिछले प्रयोग सफल क्यों नहीं हुए?

दिल्ली सरकार लगातार नए प्रयोग करके वायु गुणवत्ता सुधारने की कोशिश करती रही है. कभी स्मॉग टावर, कभी एंटी-स्मॉग गन, तो कभी पानी का छिड़काव लेकिन इनमें से कई उपाय अपेक्षित नतीजे नहीं दे सके. इसी वजह से प्रदूषण सर्दियों में आज भी चरम पर पहुंच जाता है और हर साल स्थिति पहले जैसी ही गंभीर दिखाई देती है.

DDA का भी अनुभव रहा है सकारात्मक

दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) ने पहले ही द्वारका और आसपास के कुछ इलाकों में सड़कों पर मिस्ट स्प्रे सिस्टम का इस्तेमाल किया है. शुरुआती अनुभवों के आधार पर अधिकारियों का दावा है कि धूल की मात्रा में कमी देखने को मिली है, जिससे PWD भी बड़े पैमाने पर इसे अपनाने की तैयारी में है.

13 हॉटस्पॉट पर बड़े स्तर पर इम्प्लीमेंटेशन

PWD की योजना है कि दिल्ली के 13 सबसे प्रदूषणग्रस्त इलाकों में यह तकनीक लागू की जाए. इन जगहों पर हवा में मौजूद धूल और पार्टिकुलेट मैटर को कम करने के लिए लगातार निर्धारित अंतराल पर मिस्ट छोड़ा जाएगा. विभाग को उम्मीद है कि इस सिस्टम के शुरू होने के बाद वायु गुणवत्ता में सुधार देखने को मिलेगा.दिल्ली की हवा में सुधार की चुनौती बड़ी है, लेकिन सरकार का मानना है कि यह नया कदम आने वाले दिनों में राहत ला सकता है

Delhi News
Advertisment