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Delhi Excise Policy case: आबकारी मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की न्यायिक हिरासत बढ़ी

Delhi Excise Policy case: दिल्ली शराब नीति केस में दिल्ली की राउज एनेन्यू कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के संयोजक और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की न्यायिक हिरासत को बढ़ा दिया है.

Updated on: 07 May 2024, 02:59 PM

New Delhi:

Delhi Excise Policy case: दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग केस में बंद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. दिल्ली की अदालत ने सीएम केजरीवाल की न्यायिक हिरासत को बढ़ा दिया है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट की स्पेशल जज कावेरी बावेजा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आबकारी मामले में न्यायिक हिरासत 20 म‌ई तक बढ़ा दी है. दिल्ली की आबकारी नीति में कथित घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिंग के मामले में ED ने अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार किया था.

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में 21 मार्च को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उनके सरकारी आवास से गिरफ्तार कर लिया था. ईडी ने अरविंद केजरीवाल को समन जारी करते हुए उनसे करीब दो घंटे तक पूछताछ भी थी. ईडी ने इस दौरान उनके फोन और दूसरे चीजों को कब्जे में ले लिया था. गिफ्तारी के बाद ईडी ने अरविंद केजरीवाल को अगले दिन यानी 22 मार्च को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया था. जहां कोर्ट उनको ईडी की रिमांड पर भेज दिया था. ईडी की पूछताछ पूरी होने के बाद कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. केजरीवाल फिलहाल न्यायिक हिरासत के चलते दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं. 

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वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने आज अरविंद केजरीवाल की अंतरिम जमानत याचिका पर फैसला नहीं दिया है. कोर्ट इस मामले में 9 मई को सुनवाई कर सकता है. कोर्ट में सुनवाई के दौरान अपने फैसले को सुरक्षित रख लिया है. अदालत ने समय के अभाव के कारण इस मामले में आज कोई आदेश नहीं दिया है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली आबकारी नीति मामले में अपनी गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में जमानत दी थी. इससे पहले अदालत ने कहा था कि हम अंतिम आदेश देने से पहले अक्सर अंतरिम आदेश जारी करते हैं. हम इस केस में देख  रहे हैं कि यह ठीक भी है या नहीं. यह एक असाधारण मामला है और इस पर विचार किया जा सकता है.