AAP का दावा- पैरेंट्स से वादा पूरा किया, दिलाया सभी बच्चों को एडमिट कार्ड, आशीष सूद पर लगाया आरोप

दिल्ली में 10वीं बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले एडमिट कार्ड को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया. आम आदमी पार्टी (AAP) ने दावा किया है कि उसने प्रभावित बच्चों को उनका एडमिट कार्ड दिलवाकर अपना वादा पूरा किया.

दिल्ली में 10वीं बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले एडमिट कार्ड को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया. आम आदमी पार्टी (AAP) ने दावा किया है कि उसने प्रभावित बच्चों को उनका एडमिट कार्ड दिलवाकर अपना वादा पूरा किया.

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Dheeraj Sharma
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APJ School Contraversy

दिल्ली में 10वीं बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले एडमिट कार्ड को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया. आम आदमी पार्टी (AAP) ने दावा किया है कि उसने प्रभावित बच्चों को उनका एडमिट कार्ड दिलवाकर अपना वादा पूरा किया. पार्टी नेताओं के मुताबिक, देर रात तक प्रयासों के बाद सभी छात्रों को परीक्षा में बैठने का रास्ता साफ कराया गया.  हालांकि इस पूरे घटनाक्रम ने शिक्षा व्यवस्था और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. 

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शिक्षा मंत्री पर गंभीर आरोप

‘आप’ के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने शिक्षा मंत्री आशीष सूद पर एपीजे स्कूल से संबंध का आरोप लगाया. उनका दावा है कि जिस स्कूल प्रिंसिपल की तलाश दिनभर की जा रही थी, वह देर रात शिक्षा मंत्री के घर पर मिले.  सौरभ भारद्वाज ने कहा कि एडमिट कार्ड जारी करना स्कूल का दायित्व है, न कि किसी नेता के घर बैठकर निर्णय लेना. उन्होंने इसे बच्चों और अभिभावकों के साथ अन्याय बताया.

क्या बोले आशीष सूद?

वहीं शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि 18 लाख सरकारी स्कूल के बच्चे भी हमारे हैं और 18 लाख निजी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चे भी हमारे हैं. 2020 से एपीजे स्कूल में फीस को लेकर कुछ परिवारों का विवाद था. जो लगातार पांच साल से चल रहा था. AAP सरकार के पास विवाद निपटाने का भरपूर समय था. 2024 में भी कोर्ट के ऑर्डर के बाद कुछ बच्चों को फीस देने के बाद एडमिट कार्ड दिए गए थे. आशीष सूद ने आप पर मामले में राजनीति करने का आरोप लगाया. 

फीस को लेकर विवाद की जड़

AAP नेताओं का दावा है कि, विवाद की शुरुआत बढ़ी हुई फीस को लेकर हुई. आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों से कहा कि जब तक वे बढ़ी हुई फीस नहीं जमा करेंगे, तब तक बच्चों को एडमिट कार्ड नहीं दिया जाएगा.

अभिभावकों का कहना है कि वे केवल वही फीस देने को तैयार थे जिसे सरकार ने स्वीकृत किया है. उनका आरोप है कि स्कूल मनमानी रकम वसूलना चाहता था. कई अभिभावकों ने कानूनी फीस के चेक स्कूल को सीधे और जिला प्रशासन के माध्यम से भेजे, जिनकी सूचना शिक्षा विभाग को भी दी गई.

बुराड़ी से विधायक संजीव झा और अन्य ‘आप’ नेताओं ने स्कूल के बाहर धरना दिया और प्रिंसिपल से बातचीत की. पार्टी का कहना है कि कानूनी और नैतिक दबाव के बाद आखिरकार स्कूल को एडमिट कार्ड जारी करने पड़े  

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