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Bihar: मुजफ्फरपुर में केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने जाना बच्चों का हाल, चमकी बुखार की चपेट में 84 बच्चे

बिहार में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (Acute Encephalitis Syndrome) का कहर जारी है.

News Nation Bureau | Edited By : Deepak Pandey | Updated on: 16 Jun 2019, 02:45:09 PM
मुजफ्फरपुर में बच्चों का हाल जानते हुए डॉ. हर्षवर्धन (ANI)

नई दिल्ली:  

बिहार में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (Acute Encephalitis Syndrome) का कहर जारी है. अबतक इस जानलेवा बीमारी ने 84 बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया है. इस भयावह स्थिति की जानकारी लेने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन (Dr. Harsh vardhan) मुजफ्फरपुर पहुंचे. वहीं, सीएम नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने मरने वाले बच्चों के परिजनों को 4 लाख रुपए मुआवजे का ऐलान किया है.

एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) के प्रकोप से उपजे हालात की समीक्षा के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल पहुंचे. उन्होंने अस्पताल में भर्ती बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात की और हालचाल जाना. इससे पहले मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में एईएस और चमकी बुखार से प्रभावित इलाजरत बच्चों को देखने केंद्रीय गृह राज्यमन्त्री नित्यानंद राय पहुंचे. उन्होंने बच्चों का हालचाल लिया और उनके परिजनों को सहायता का आश्वासन दिया है.

बिहार के सुरेश शर्मा ने कहा, एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) पर सरकार शुरू से ही काम कर रही है. दवाओं की कोई कमी नहीं है. हालांकि, वर्तमान में आपातकालीन स्थिति की तुलना में बेड और आईसीयू का अभाव है. श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के अधीक्षक सुनील कुमार शाही ने बताया कि मुजफ्फरपुर में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से मौत का आंकड़ा 84 पहुंच गया है. 

पटना पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा, अभी मैं मुजफ्फरपुर अस्पताल जाकर पूरे हालात को देखूंगा. हम बिना सब कुछ बताएं यहां से नहीं जाएंगे. हम सबको जो मिलकर करना है, उस पर बात होगी. हिट में जो एक्सपोज हुआ है, उसकी बॉडी को ठंडी कराएं. हिट स्ट्रोक से लोग प्रभावित हो रहे हैं. जरूरत उसमें खुद को बचाने की है.

उन्होंने आगे कहा, अभी अचानक यहां हिट स्ट्रोक के कारण प्राण जा रहे हैं, जोकि दुख की बात है. ये बच्चे और बुजुर्ग को परेशान ज्यादा करेगा. उन्हें बचाने की कोशिश होनी चाहिए. ब्रेन से सम्बंधित ज्यादा परेशानी होती है. वहीं, पटना एयरपोर्ट पर जन अधिकार छात्र परिषद के छात्रों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को काले झंडे दिखाए और प्रदर्शन किया. 

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बिहार के मुजफ्फरपुर में दिमागी बुखार यानी चमकी बुखार विकराल रूप लेता जा रहा है. मुजफ्फरपुर के दो सरकारी अस्पतालों श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसकेएमसीएच) और केजरीवाल अस्पताल में इन 73 बच्चों की मौत हुई है. जानकारी के मुताबिक फिलहाल 100 से ज्यादा बच्चे इस बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती है. बच्चों की हो रही मौत पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि स्वास्थ्य विभाग इस पूरे मामले पर नजर रख रहा है.

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बता दें कि बरसात से पहले ये बीमारी हर साल बिहार में कहर बरपाती है. इसकी पूरी जांच की जा रही है. गौरतलब है कि उत्तर बिहार के मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी व वैशाली में बीमारी का प्रभाव दिखता है. इस साल अब तक एसकेएमसीएच में जो मरीज आ रहे हैं, वे मुजफ्फरपुर और आसपास के हैं.

बीमारी के ये होते हैं लक्षण

गौरतलब है कि इंसेफेलाइटिस को जापानी बुखार भी कहते हैं. इस बीमारी का लक्षण कुछ इस तरह होता है. सिरदर्द, गर्दन में जकड़न, कमजोरी, उल्टी होना, भूख कम लगना, सुस्त रहना, अतिसंवेदनशील होना होता है. वहीं छोटे बच्चों में इंसेफेलाइटिस को ऐसे पहचान कर सकते हैं. सिर में चित्ती का उभरना, दूध कम पीना, बहुत रोना और शरीर में जकड़न नजर आना. अगर ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत अस्पताल में जाना चाहिए.

First Published : 16 Jun 2019, 02:45:09 PM

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