/newsnation/media/media_files/2026/01/06/tejaswhi-yadav-2026-01-06-12-16-42.jpg)
आरजेडी नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव एक बार फिर चर्चा में हैं. दरअसल पटना की राजनीति इन दिनों एक चश्मे को लेकर गरमा गई है. बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अपनी विदेश यात्रा के दौरान पहने गए PRADA ब्रांड के चश्मे की वजह से सोशल मीडिया और सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गए हैं. मुद्दा चश्मे से ज्यादा राजनीति का है, जिसे बीजेपी ने जोर-शोर से उठाया है.
बीजेपी का हमला और वायरल वीडियो
बीजेपी बिहार ने तेजस्वी यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, जिसमें वे विदेश में छुट्टियां मनाते नजर आ रहे हैं. वीडियो में गूगल सर्च के जरिए PRADA चश्मे की कीमत करीब 24,590 रुपये बताई गई है. इसी के साथ बीजेपी ने तीखा तंज कसते हुए कैप्शन लिखा-'बाप नंबरी, बेटा दस नंबरी!'
इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई और मामला राजनीतिक बहस में बदल गया.
बाप नंबरी, बेटा दस नंबरी! pic.twitter.com/7QeWliiaWD
— BJP Bihar (@BJP4Bihar) January 5, 2026
सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
बीजेपी के इस पोस्ट पर यूजर्स की राय बंटी हुई दिखी. कुछ लोगों ने तेजस्वी यादव की आलोचना की, तो कई उनके समर्थन में खुलकर सामने आए. कई यूजर्स ने यह भी तर्क दिया कि एक बड़े राज्य के विपक्ष के नेता का ब्रांडेड कपड़े पहनना कोई अपराध नहीं है, खासकर जब उन्होंने यह निजी पैसे से खरीदा हो.
विदेश यात्रा और ‘कूल लुक’ की चर्चा
बिहार विधानसभा चुनाव के बाद तेजस्वी यादव विदेश यात्रा पर गए थे. इस दौरान वे एक बोट पर PRADA का चश्मा और QuikSilver की टी-शर्ट पहने दिखाई दिए. उनका यह अंदाज पारंपरिक भारतीय राजनेताओं से अलग नजर आया, जिसे कुछ लोगों ने 'कूल और मॉडर्न' बताया, तो कुछ ने इसे राजनीति से ध्यान भटकाने वाला मुद्दा करार दिया.
राजनीति में वापसी की अटकलें
चर्चाएं यह भी हैं कि विदेश यात्रा से लौटने के बाद तेजस्वी यादव एक बार फिर बिहार की राजनीति में पूरी सक्रियता से उतरेंगे. माना जा रहा है कि वे पार्टी संगठन में कुछ अहम बदलाव कर सकते हैं और आगामी चुनावी रणनीति पर फोकस करेंगे.
चश्मा छोटा, बहस बड़ी
PRADA का चश्मा भले ही एक फैशन एक्सेसरी हो, लेकिन बिहार की राजनीति में यह बड़ा मुद्दा बन गया है. यह विवाद दिखाता है कि आज की राजनीति में निजी जीवन, सोशल मीडिया और ब्रांड्स भी सियासी हथियार बन चुके हैं. अब देखना यह है कि यह चर्चा कितनी जल्दी थमती है या आगे किसी नई राजनीतिक बहस को जन्म देती है.
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us