Bihar Land Reforms: नहीं चलेगी मनमानी! नए साल के पहले दिन सचिव ने सिखाया राजस्व अधिकारियों को संविधान का पाठ

Bihar Land Reforms: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि समान मामलों में समान निर्णय लें और संविधान के अनुच्छेद-14 का पालन सुनिश्चित करें.

Bihar Land Reforms: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि समान मामलों में समान निर्णय लें और संविधान के अनुच्छेद-14 का पालन सुनिश्चित करें.

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Yashodhan Sharma
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Bihar Land Reforms: बिहार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अपने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि समान परिस्थितियों वाले मामलों में एक जैसा निर्णय लिया जाए. विभाग ने स्पष्ट किया है कि राजस्व प्रशासन में किसी भी तरह की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संविधान के समता सिद्धांत का पालन अनिवार्य होगा.

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पत्र में क्या कहा गया

विभाग के अपर मुख्य सचिव सीके अनिल ने गुरुवार को इस संबंध में एक पत्र जारी किया. पत्र में कहा गया है कि सभी राजस्व पदाधिकारी संविधान के अनुच्छेद-14 का पालन करें, जिसमें कानून के समक्ष समानता की बात कही गई है. उन्होंने कहा कि समान मामलों में अलग-अलग आदेश देना न सिर्फ संविधान का उल्लंघन है, बल्कि इससे आम लोगों का भरोसा भी कमजोर होता है.

अधिकारियों के फैसलों में एकरूपता

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि राज्य सरकार के ‘सात निश्चय-3’ के तहत ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना जरूरी है. इसके लिए जरूरी है कि अधिकारियों के फैसलों में एकरूपता हो और व्यक्तिगत सोच या दबाव का असर न दिखे.

सामने आई ये कमी

भूमि सुधार जन कल्याण संवाद के दौरान यह बात सामने आई कि कई मामलों में कानूनी जानकारी और प्रशिक्षण की कमी के कारण एक जैसे मामलों में अलग-अलग आदेश पारित कर दिए जाते हैं. विभाग ने इसे गंभीर मानते हुए कहा है कि यह स्थिति कानून के शासन के खिलाफ है और इसे तुरंत सुधारा जाना चाहिए.

एक समान कार्रवाई जरूरी

जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, अतिक्रमण हटाने, जमाबंदी कायम करने, पट्टा से जुड़े मामलों और सार्वजनिक भूमि से संबंधित प्रकरणों में एक समान, निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई होनी चाहिए. इन निर्देशों का सख्ती से पालन कराने की जिम्मेदारी समाहर्ताओं को दी गई है.

आम लोगों को मिले राहत

विभाग ने साफ कहा है कि पहचान देखकर आदेश देना, दबाव में आकर अलग व्यवहार करना, समान मामलों में अलग-अलग निर्णय लेना और चयनात्मक सख्ती पूरी तरह प्रतिबंधित है. ऐसे कृत्य न केवल कानून के खिलाफ हैं, बल्कि राजस्व प्रशासन की छवि को भी नुकसान पहुंचाते हैं. विभाग का मानना है कि इन निर्देशों से आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होगा.

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Bihar CM Nitish Kumar
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