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नीतीश कुमार( Photo Credit : News State)
नीतीश सरकार में तीन पुलिस उपाधीक्षकों (डीएसपी) पर काम में लापरवाही बरतने का आरोप लगा है. जिसके लिए उक्त विभागी ने कार्रवाई करते हुए मंगलवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. कार्रवाई की जद में आए अफसरों में नवादा जिले के सदर डीएसपी विजय कुमार झा, हिलसा डीएसपी मुत्तफिक अहमद और रोहतास जिले में विक्रमगंज के तत्कालीन डीएसपी अशोक कुमार दास हैं.
नवादा जिले के सदर डीएसपी विजय कुमार झा से काम में लापरवाही पर जवाब मांगा गया हैं. मगध क्षेत्र के डीआइजी के मुताबिक सितंबर 2017 में 1404 कांड लंबित थे. इसमें 960 विशेष प्रतिवेदित कांड लंबित थे, लेकिन मई 2019 तक लंबित कांडों की संख्या 1823 हो गई है. इसमें 1169 विशेष प्रतिवेदित कांड लंबित हैं. डीआइजी ने जब जांच की तो डीएसपी के काम में लापरवाही पाई गई. झा से जवाब मांगा गया था. सितंबर में डीएसपी की ओर से विभाग को जवाब सौंपा गया था, लेकिन विभाग ने बचाव अभिकथन को मानने से इनकार किया है.
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इसी तरह, हिलसा के डीएसपी मुत्तफिक अहमद ने एसपी के निर्देश के बावजूद भी अपहरण के एक मामले की जांच करने घटनास्थल पर नहीं गए. नालंदा जिले के सैदपुर थाना इलाके के नगरनौसा में डीएसपी को जांच के लिए जाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन गवाहों के मुताबिक डीएसपी ने ऐसा नहीं किया. इस केस में लापरवाही बरतने को लेकर डीएसपी से जवाब मांगा गया था, लेकिन उन्होंने सही जवाब नहीं दिया. विभाग ने दरभंगा आइजी पंकज कुमार दराद को विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
उधर, रोहतास जिले के विक्रमगंज के तत्कालीन डीएसपी अशोक कुमार दास पर शिकंजा कस गया हैं. दास से काम में लापरवाही बरतने को लेकर उनसे जवाब मांगा गया था. दास के जवाब से गृह विभाग संतुष्ट नहीं है. जवाब अस्वीकार दिया गया है. विभाग ने नोटिस जारी कर इनके ऊपर विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. इसके लिए पुलिस आधुनिकीकरण और एससीआरबी के एडीजी निर्मल कुमार आज़ाद को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है.
Source : News State
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