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Bihar Election Result 2020: मोकामा से राजद के अनंत सिंह जीते

मोकामा विधानसभा सीट (Mokama assembly seat)मुंगेर लोकसभा क्षेत्र के तहत आता है. इस सीट पर बाहुबलियों का वर्चस्व रहा है.

News Nation Bureau | Edited By : Nitu Pandey | Updated on: 10 Nov 2020, 03:30:28 PM
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बिहार चुनाव:मोकामा जहां 30 साल से बाहुबली लिखते आ रहे हैं जीत की कहानी (Photo Credit: न्यूज नेशन ब्यूरो )

नई दिल्ली :

Bihar Election Result 2020: मोकामा से राजद के अनंत सिंह जीते. मोकामा विधानसभा सीट (Mokama assembly seat)मुंगेर लोकसभा क्षेत्र के तहत आता है. इस सीट पर बाहुबलियों का वर्चस्व रहा है. इस सीट पर फिलहाल अनंत सिंह का कब्जा है. उन्होंने साल 2015 में निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत हासिल की. इस बार वो आरजेडी के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं. 

मोकामा में अनंत सिंह का वर्चस्व है. साल 2005 लेकर 2010 तक अनंत सिंह ने जेडीयू के टिकट पर तीन चुनाव जीते. साल 2015 में नीतीश कुमार से मनमुटाव की वजह से निर्दलीय चुनाव लड़े और जीत हासिल की. उन्होंने तब जेडीयू के नीरज सिंह को 18,000 वोटों के अंतर से हराया.

वहीं इस बार अनंत सिंह आरजेडी के टिकट पर चुनावी मैदान में है. बता दें कि अवैध हथियार रखने के आरोप में वो जेल में हैं और पैरोल पर बाहर आते-जाते रहते हैं.

किसका किसका इस सीट पर रहा कब्जा 

मोकामा विधानसभा सीट का गठन 1951 में हुआ था. इस सीट पर कांग्रेस के जगदीश नारायण सिंह पहली बार जीते. वहीं दो बार (1956-1962) निर्दलीय सूर्यनंदन सिंह जीते. 

1967 में यहां रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के बी लाल जीते. 
1969 में कांग्रेस के कामेश्वर सिंह विधायक बने.
1972 और 1977 में कांग्रेस से ही कृष्णा शाही ने जीत हासिल की.
1980 और 1985 में कांग्रेस के श्याम सुंदर सिंह धीरज जीते.
1990 में अनंत सिंह के भाई दिलीप कुमार सिंह जनता दल के टिकट पर चुने गए .
1995 में भी दिलीप सिंह ने ही बाजी मारी.
2000 में दूसरे बाहुबली सूरजभान सिंह यहां से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर विजयी हुए.

जातीय समीकरण

मोकामा विधान सभा इलाका भूमिहार और यादव बहुल क्षेत्र है. इनके अलावा यहां धानुक, कोयरी, कुर्मी और मुस्लिम वोटरों की भी अच्छी तादाद है. अनंत सिंह भूमिहार जाति से आते हैं. पिछले कई दशकों से यहां इसी जाति के उम्मीदवार जीतते रहे हैं. 

मोकामा को कहा जाता है दाल का कटोरा

एक तरफ गंगा नदी और दूसरी तरफ किउल नदी और बीच में टाल का इलाका, जहां दूर-दूर तक खेत ही खेत नजर आता है. साल के चार महीने पानी ही पानी रहने वाले इस इलाके में दलहन की खूब पैदावार होती है. यह इलाका दाल का कटोरा कहलाता है

First Published : 21 Oct 2020, 03:28:20 PM

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