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लोकसभा चुनाव

लवली आनंद ने पवन सिंह पर कसा तंज, एक्टर को बताया नचनिया गवनिया

काराकाट लोकसभा सीट से एनडीए प्रत्याशी उपेंद्र कुशवाहा के सपोर्ट में लवली आनंद चुनावी प्रचार में उतरी. इस सीट से भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह भी चुनावी मैदान में हैं, जो कुशवाहा के लिए बड़ी चुनौती बन चुके हैं.

Updated on: 30 May 2024, 04:39 PM

highlights

  • लवली आनंद ने पवन सिंह पर कसा तंज
  • एक्टर को बताया नचनिया गवनिया
  • कुशवाहा के लिए लवली आनंदन ने किया प्रचार

karakat:

1 जून को देश के साथ ही बिहार में आखिरी चरण का चुनाव होना है. सातवें चरण में कुल 57 लोकसभा सीटों पर 8 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेश में चुनाव होगा, जिसमें बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और चंडीगढ़ शामिल है. आखिरी चरण को लेकर चुनावी प्रचार का गुरुवार को अंतिम दिन है. बिहार के कुल 8 लोकसभा सीटों पर मतदान किया जाएगा. इन 8 सीटों में काराकाट, बक्सर, पटना साहिब, पाटलिपुत्र, आरा, जहानाबाद, सासाराम और नालंदा शामिल है. इस बीच काराकाट लोकसभा सीट से एनडीए प्रत्याशी उपेंद्र कुशवाहा के सपोर्ट में लवली आनंद चुनावी प्रचार में उतरी. इस सीट से भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह भी चुनावी मैदान में हैं, जो कुशवाहा के लिए बड़ी चुनौती बन चुके हैं. इस बीच राजपूत वोटर्स को मैनेज करने के लिए लवली आनंद ने चुनावी रैली की. लवली आनंद बाहुबली नेता आनंद मोहन की पत्नी हैं और शिवहर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा. 

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पवन सिंह को बताया नचनिया गवनिया

काराकाट पहुंची लवली आनंद ने वहां की जनता को अपना कठिन समय याद दिलाया और उनसे उपेंद्र कुशवाहा के लिए वोट अपील की. बता दें कि काराकाट सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला है. एनडीए से उपेंद्र कुशवाहा, इंडिया गठबंधन से राजाराम कुशवाहा और भोजपुरी पावरस्टार पवन सिंह निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं. वहीं, चुनावी सभा को संबोधित करते हुए लवली आनंद ने बिना पवन सिंह का नाम लिए बिना उन्हें नचनिया गवानिया करार दिया.

कुशवाहा के लिए लवली आनंदन ने किया प्रचार

दूसरी तरफ कुशवाहा की तारीफ करते हुए उन्हें एक अनुभवी और माहिर खिलाड़ी बताया. आगे बोलते हुए कहा कि कुशवाहा एमएलए बने, राज्यसभा गए, लोकसभा गए, केंद्र में मंत्री बने, बिहार में नेता प्रतिपक्ष की भी भूमिका में रहे. इतने पदों पर काम करने का किसी प्रतिद्वंदी का अनुभव नहीं है. वहीं, पुराने दिनों को याद करते हुए लवली आनंद ने इमोशनल अपील करते हुए कहा कि हमारा कठिन दौड़ चल रहा था तो कुशवाहा जी ने हमारा साथ दिया और कोई आगे नहीं आया. आनंद मोहन के साथ उनका संबंध छोटे और बड़े भाई की तरह है, जो राजनीति से ऊपर है.