NEET छात्रा मौत मामले में मानवाधिकार आयोग का बड़ा एक्शन, पटना SSP को नोटिस भेज 8 हफ्ते में मांगी रिपोर्ट

NEET Student Death Case: पटना में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने राज्यभर में चिंता बढ़ा दी है. इस मामले में बिहार स्टेट ह्यूमन राइट्स कमीशन ने स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे 'अत्यंत गंभीर' माना है.

NEET Student Death Case: पटना में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने राज्यभर में चिंता बढ़ा दी है. इस मामले में बिहार स्टेट ह्यूमन राइट्स कमीशन ने स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे 'अत्यंत गंभीर' माना है.

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Dheeraj Sharma
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NEET Student Death Case

NEET Student Death Case: पटना में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने राज्यभर में चिंता बढ़ा दी है. इस मामले में बिहार स्टेट ह्यूमन राइट्स कमीशन ने स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे 'अत्यंत गंभीर' माना है. मुजफ्फरपुर के मानवाधिकार अधिवक्ता एसके झा की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए आयोग ने पटना के एसएसपी को नोटिस जारी कर 8 हफ्ते में  विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. मृत छात्रा जहानाबाद जिले की रहने वाली थी और कंकड़बाग के मुन्नाचक स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी.

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पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद बढ़ी आशंका

पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है. अधिवक्ता का कहना है कि छात्रा के शरीर पर मिले चोटों के निशान और अन्य परिस्थितियां किसी गंभीर आपराधिक कृत्य की ओर संकेत करती हैं.

याचिका में अवकाशप्राप्त न्यायाधीश की निगरानी में निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है. आयोग ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी पटना को तलब किया है. मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को निर्धारित की गई है.

जांच अब CBI के हाथ में

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंपी गई है. रविवार को सीबीआई की 20 सदस्यीय टीम, आईजी के नेतृत्व में, छात्रा के गांव पहुंची.

सुबह करीब 8:40 बजे पहुंची टीम ने दोपहर 12:10 बजे तक परिजनों से अलग-अलग पूछताछ की. घर में मौजूद माता-पिता, दादी, भाई, भाभी और फुआ सभी से अलग कमरों में बयान दर्ज किए गए. टीम अपने साथ लैपटॉप और प्रिंटर भी लेकर आई थी, जिससे पूछताछ के दौरान ही दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की जा सके.

कई सवालों के जवाब बाकी

छात्रा की मौत किन परिस्थितियों में हुई, क्या इसमें किसी तरह की साजिश या दबाव शामिल था इन सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है. स्थानीय स्तर पर पहले से चल रही जांच के साथ अब केंद्रीय एजेंसी की एंट्री से मामले में तेजी आने की उम्मीद है.

परिजनों का आरोप है कि घटना की सच्चाई अभी सामने नहीं आई है. वहीं प्रशासन का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

न्याय की प्रतीक्षा

यह मामला केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि छात्रावासों में सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े करता है. मानवाधिकार आयोग की सक्रियता और सीबीआई की जांच से उम्मीद की जा रही है कि सच्चाई जल्द सामने आएगी और जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई होगी. 

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