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चारा घोटाला के चौथे मामले में लालू को मिली 14 वर्ष की जेल, बाहर BJP-RJD में ज़ुबानी जंग हुई तेज़

अदालत ने इस घोटाले के अंतर्गत उन्हें दो अलग-अलग मामलों में सात-सात साल की सजा सुनाई और आदेश दिया कि दोनों सजाओं को एक के बाद एक काटना होगा।

News Nation Bureau | Edited By : Deepak Kumar | Updated on: 25 Mar 2018, 12:11:02 PM
लालू यादव (फाइल फोटो)

लालू यादव (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत ने शनिवार को चारा घोटाले के चौथे मामले में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अध्यक्ष लालू प्रसाद को 14 वर्ष की जेल की सजा सुनाई है।

अदालत ने इस घोटाले के अंतर्गत उन्हें दो अलग-अलग मामलों में सात-सात साल की सजा सुनाई और आदेश दिया कि दोनों सजाओं को एक के बाद एक काटना होगा।

सजा सुनाते हुए, सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह ने आरजेडी प्रमुख को भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं में सात वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई और 30 लाख का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में एक वर्ष की साधारण कारावास की सजा काटनी होगी।

लालू प्रसाद को इसी मामले में भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत भी सात वर्ष की सश्रम कारावास और 30 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।

विशेष न्यायालय के आदेश के अनुसार, 'दोनों सजाओं को एक के बाद एक काटना होगा, दोनों सजाएं एक साथ नहीं चलेंगी।'

अदालत ने 19 मार्च को अपने फैसले में लालू प्रसाद को चारा घोटाले के चौथे मामले में दोषी ठहराया था लेकिन राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा को बरी कर दिया गया था।

रांची में चारा घोटाले में लालू प्रसाद और मिश्रा के खिलाफ पांच-पांच मामले चल रहे हैं।

इस मामले में 31 आरोपी हैं, जिनमें से 19 को दोषी ठहराया गया है जबकि 12 को बरी कर दिया गया।

लालू को पहले चारा घोटाले में 2013 में दोषी ठहराया गया था और पांच साल जेल की सजा सुनाई गई थी।

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तेजस्वी बोले फैसले को उच्च न्यायालय में देंगे चुनौती

सजा सुनाए जाने के बाद उनके पुत्र और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करेंगे।

इस दौरान उन्होंने लालू प्रसाद की जान को खतरा भी बताया।

पटना में उन्होंने संवाददाताओं से कहा, 'हम इस फैसले को पूर्व के फैसले की तरह उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे। इस फैसले को पढ़ने के बाद इस पर कानूनी कार्रवाई की रणनीति तैयार की जाएगी।'

उन्होंने आगे कहा, 'बीजेपी के लोग जिस तरह हमारे परिवार के खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं, मुझे आशंका है कि अब लालू जी की जान को खतरा है।'

तेजस्वी ने अपने कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि बिहार से जब तक बीजेपी और जनता दल (युनाइटेड) को साफ नहीं कर देंगे, तब तक आरजेडी के कार्यकर्ता चुप नहीं बैठने वाले हैं।

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तेजस्वी के बयान पर बिफरे सुशील मोदी

लालू के जान को ख़तरा वाले बयान पर गुस्साए सुशील मोदी ने कहा कि जेल में बंद लालू यादव को किस बात का ख़तरा हो सकता है। तेजस्वी के बयान पर नाराज़गी जा़हिर करते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को किस ख़तरे का डर सता रहा है।

सुशील मोदी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'अगर कोई व्यक्ति पुलिस कस्टडी में है और उसे अपनी जान का ख़तरा है तो उसे कोर्ट जाकर अपील करनी चाहिए। उन्हें किस बात का खतरा है? जब उन्हे किसी से मिलने की इजाजत नहीं दी जाती है तो कैसे खतरा हो सकता है?'

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First Published : 24 Mar 2018, 10:02:32 PM

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