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निर्वाचन आयोग ने दो आबकारी अधिकारियों को निलंबित किया, चार अधिकारियों का तबादला

निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर शराब की जब्ती में ढिलाई बरतने पर मद्व निषेध एवं उत्पाद विभाग के दो अधीक्षकों को निलंबित कर दिया और चार अन्य का तबादला कर दिया है.

Bhasha | Updated on: 24 Oct 2020, 01:31:34 AM
प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो (Photo Credit: फाइल फोटो)

पटना:

निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर शराब की जब्ती में ढिलाई बरतने पर मद्व निषेध एवं उत्पाद विभाग के दो अधीक्षकों को निलंबित कर दिया और चार अन्य का तबादला कर दिया है. अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजय कुमार ने शुक्रवार को एक विज्ञप्ति में आयोग को उद्धृत करते हुए कहा कि 28 अक्टूबर को पहले चरण में 78 विधानसभा क्षेत्रों के पर्यवेक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान आयोग ने पाया कि कि व्यय निगरानी के संदर्भ में कुछ जिलों का प्रदर्शन जिसमें आबकारी गतिविधियों पर नियंत्रण शामिल है, निराशाजनक है. इन जिलों के आबकारी प्रभारी ने शराब की जब्ती में सतर्कता और प्रभावकारी प्रदर्शन नहीं किया है, जो चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकता है.

उन्होंने कहा, "आयोग ने इसे गंभीरता से लिया है और राज्य सरकार को दो जिला आबकारी अधीक्षकों के निलंबन और चार जिला आबकारी अधीक्षकों को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है." जिन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, उनमें अरवल और शेखपुरा जिले के आबकारी अधीक्षक नितिन कुमार और बिपिन कुमार शामिल हैं . उन्होंने कहा कि कृष्णा मुरारी (जहानाबाद), देवेंद्र कुमार (बक्सर), शैलेंद्र चौधरी (लखीसराय) और संजीव ठाकुर (जमुई) को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर दिया गया है. मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा जो अपने दो चुनाव आयुक्तों सुशील चंद्र और राजीव कुमार के साथ समीक्षा बैठक में शामिल थे, ने राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनावी माहौल को सशक्त बनाने और इसमें सुधार लाने के लिए संबंधित अधिकारियों से तलाशी और जब्ती कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए कहा.

उल्लेखनीय है कि विभिन्न एजेंसियों ने पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान 35.27 करोड़ रुपये मूल्य की नकदी और प्रतिबंधित वस्तुओं को जब्त किया था . आधिकारिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि इस बार के विधानसभा चुनाव के पूरा होने तक यह राशि और बढ़ने की उम्मीद है. बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि संबंधित एजेंसियों ने 2015 के विधानसभा चुनावों के दौरान 23.81 करोड़ रुपये, 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान 16.68 करोड़ रुपये और 2014 लोकसभा चुनावों के दौरान 8.71 करोड़ रुपये जब्त किए थे. पटना स्थित राज्य कांग्रेस मुख्यालय 'सदाकत आश्रम' से निकलने वाले वाहन से बृहस्पतिवार को 8.5 लाख रुपये की जब्ती के बारे में सिंह ने स्पष्ट किया कि यह "आयकर विभाग द्वारा छापा नहीं" था, बल्कि आयोग के पर्यवेक्षकों को सदाकत आश्रम के पास एक वाहन से नकदी लेकर जाने की गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी .

उन्होंने कहा कि उड़नदस्ते की टीम ने दबिश दी और सदाकत आश्रम से निकलने वाले एक वाहन की तलाशी ली गयी और 8.5 लाख रुपए जब्त किए गए . सिंह ने बताया कि वाहन में बैठे एक व्यक्ति के पास से दो लाख रूपये और 6.5 लाख रूपये वाहन में छिपाकर रखा हुआ पाया गया था. उन्होंने कहा कि आयकर विभाग की जांच शाखा को इस जब्ती के बारे में सूचित किया गया है जो इस संबंध में आगे और आवश्यक कार्रवाई करेगी. कांग्रेस कार्यालय में आईटी छापे को लेकर मीडिया में आयी रिपोर्ट के बारे में बिहार कांग्रेस प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि “पटना में कांग्रेस मुख्यालय पर कोई छापा नहीं पड़ा था. दो लाख रुपये के साथ कांग्रेस कार्यालय जाने वाली सड़क पर किसी को पकड़ा गया था. वहां दो-दो लाख रुपये लेकर तीन अन्य व्यक्ति थे. कांग्रेस कार्यालय पर कोई छापा नहीं मारा गया.’’ भाषा अनवर शोभना शोभना

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First Published : 24 Oct 2020, 01:31:34 AM

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