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लोकसभा चुनाव

Lalu Yadav: लोकसभा चुनाव खत्म होते ही एक्शन में CBI, लालू परिवार के खिलाफ चार्जशीट दायर

2024 लोकसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं. 9 जून को पीएम मोदी एक बार फिर से देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले हैं. इस बीच बिहार में लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है.

Updated on: 07 Jun 2024, 07:26 PM

highlights

  • लालू यादव की बढ़ी मुश्किलें
  • लालू समेत 78 के खिलाफ चार्जशीट दायर
  • लैंड फॉर जॉब मामले में किया चार्जशीट दायर

Patna:

2024 लोकसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं. 9 जून को पीएम मोदी एक बार फिर से देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले हैं. इस बीच बिहार में लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है. प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ लैंड फॉर जॉब स्कैम मामले में कार्रवाई तेज हो चुकी है. मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव और मामले से जुड़े अन्य आरोपियों के खिलाफ फाइनल चार्जशीट दाखिल कर दिया है. इस चार्जशीट में 78 लोगों के नाम हैं. बता दें कि इससे पहले दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई को चार्जशीट दाखिल करने का आदेश दिया था. 29 मई को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कहा था कि 7 जून तक मामले में सीबीआई फाइनल चार्जशीट दाखिल करें. इसके साथ ही कोर्ट ने सीबीआई पर भी समय मांगने को लेकर नाराजगी जताई थी. 

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लालू यादव समेत 78 लोगों के खिलाफ सीबीआई ने दायर की चार्जशीट

आपको बता दें कि सीबीआई ने यह चार्जशीट अतिरिक्त सेशन जज विशाल गोगने की कोर्ट में लालू के साथ ही अन्य के खिलाफ दाखिल किया है. इस मामले में 78 लोगों को आरोपी बनाया गया है और 38 कैंडिडेट्स है. इसके अलावा कई अधिकारी भी इसमें शामिल है. वहीं, 6 जुलाई तक मामले में मंजूरी मिल जाने की उम्मीद है. 6 जुलाई को कोर्ट इस पर सुनवाई करेगा. 

मालूम हो कि लैंड फॉर जॉब मामले में कोर्ट ने 4 अक्टूबर, 2023 को पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव व अन्य को नई चार्जशीट के संबंध में जमानत दे दी थी. 

क्या है लैंड फॉर जॉब मामला

सीबीआई ने मई, 2022 में तत्कालीन रेलवे मंत्री लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, दो बेटियों सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था. इसमें कहा गया था कि 2004-2009 तक रेलवे मंत्री रहते हुए उन्होंने विभिन्न जोन में ग्रुप डी के पदों पर बहाली के बदले लोगों से जमीन ली थी, जो उनके परिवार के सदस्यों व अन्य के नाम पर हस्तांतरण की गई थी.