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बिहार कैबिनेट बैठक में प्रदेश के 19 एजेंड़ों पर लगी मुहर, बाढ़ प्रभावित इलाकों में नहीं लागू होगी यह योजना

बिहार कैबिनेट ने इस बैठक में 19 एजेंडों पर अपनी स्‍वीकृति दी है. इसमें बिहार के कई जिलों में पड़े सूखाड़ पर चर्चा हुई.

By : Yogesh Bhadauriya | Updated on: 14 Sep 2019, 11:01:05 AM
सीेएम नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

सीेएम नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

बिहार में शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई. जिसकी अध्‍यक्षता प्रदेश के सीएम नीतीश कुमार ने की. बिहार कैबिनेट ने इस बैठक में 19 एजेंडों पर अपनी स्‍वीकृति दी है. इसमें बिहार के कई जिलों में पड़े सूखाड़ पर चर्चा हुई. इसके अलावा जलवायु के अनुरूप मॉडल गांवों के बनाये जाने के प्रस्‍ताव पर भी मुहर लगी. इसके तहत 8 जिलों के 40 गांवों को मॉडल गांव बनाया जाएगा. कैबिनेट बैठक में बिहार के 18 जिलों के 102 प्रखंडों की 896 पंचातयों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है. जिन प्रखंडों और उनके अंतर्गत आनेवाली पंचायतों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है, वहां इस बार औसत से 30 प्रतिशत कम बारिश हुई है.

कम बारिश की वजह से संबंधित पंचायतों में खरीफ फसल का 70 प्रतिशत से कम आच्छादन हुआ है. इन 18 जिले के 102 प्रखंडों की 896 पंचायत के प्रत्येक परिवार को 'तत्काल सहायता' के रूप में तीन-तीन हजार रुपये दिए जाएंगे. इस कार्य में होने वाले खर्च के लिए बिहार आकस्मिकता निधि से 900 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

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40 गांव जलवायु के अनुकूल बनेंगे मॉडल गांव

राज्य सरकार ने बिहार के आठ जिलों के 40 गांवों को जलवायु के अनुकूल कृषि के लिए मॉडल गांव के रूप में विकसित करने का फैसला किया है. शुक्रवार को मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. कृषि विभाग के सचिव एन सरवन कुमार ने बताया मंत्रिमंडल ने जलवायु के अनुकूल कार्यक्रम के लिए 60.65 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. इस योजना के तहत दो किस्म की योजनाएं संचालित होंगीं. पहली योजना के तहत वर्तमान में मौजूदा तकनीक को किसानों के खेत तक पहुंचाने से संबंधित है.

इसमें कृषि यंत्र, फसल अवशेष प्रबंधन जैसे विषयों पर कार्य किया जाएगा. इसके तहत स्थानीय स्तर पर जलवायु परिवर्तन के कारण किसानों के समक्ष आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए किसानों को सक्षम बनाने पर काम होगा. यह योजना बोरलॉग इंस्टीट्यूट फॉर साउथ एशिया, कृषि विवि पूसा, बिहार कृषि विवि सबौर और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद पूर्वी क्षेत्र के द्वारा कार्यान्वित की जाएगी. योजना के तहत आठ जिलों के 40 गांवों को जलवायु के अनुकूल कृषि के लिए मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जाएगा. इस योजना से किसान विपरीत परिस्थितियों में भी खेती करने में भी सक्षम हो सकेंगे.

इन पंचायतों में योजना नहीं होगी मान्य 

मंत्रिमंडल की बैठक के आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार इस वर्ष अनियमित वर्षापात के कारण 18 जिलों की 896 पंचायतों में खरीफ फसल का 70 फीसद से कम आच्छादन हुआ है. उत्पन्न गंभीर स्थिति को देखते हुए सरकार ने तत्काल सहायता देने का फैसला किया है. उन्होंने बताया कि यह राशि आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रभावित परिवारों को मुहैया कराई जाएगी. परन्तु वैसी पंचायतों में जहां जुलाई महीने में बाढ़ आई थी उनके लिए यह योजना नहीं होगी. जिलाधिकारियों द्वारा प्रभावित पंचायतों की अनुमोदित सूची मिलने पर तीन-तीन हजार रुपये की सहायता राशि प्रत्येक परिवार के बैंक खाते में पीएफएमएस की जाएगी.





First Published : 14 Sep 2019, 11:01:05 AM

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