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सावधान! कहीं आप भी तो नहीं खा रहे चिकन-अंडे, H5N1 ले सकता है आपकी जान

भागलपुर में बर्ड फ्लू के सबसे खतरनाक वैरिएंट H5N1 की पुष्टि हो गई है. जिसके बाद प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है.

Updated on: 17 Apr 2023, 08:41 PM

highlights

  • सावधान! H5N1 ले सकता है आपकी जान
  • बर्ड फ्लू का सबसे खतरनाक वैरिएंट H5N1
  • भागलपुर में पुष्टि... प्रशासन अलर्ट
  • रोक के बाद भी अंडे, मुर्गी की हो रही बिक्री
  • नहीं बरती सावधानी... तो जा सकती है जान

Bhagalpur:

भागलपुर में बर्ड फ्लू के सबसे खतरनाक वैरिएंट H5N1 की पुष्टि हो गई है. जिसके बाद प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है. संक्रमित मुर्गियों को मारने के साथ ही मुर्गी और अंडे की बिक्री पर रोक लगा दी गई है, लेकिन आम लोगों में लापरवाही का आलम इस बीमारी को खतरनाक रूप दे सकता है. दरअसल बर्ड फ्लू का H5N1 वैरिएंट इंसानों की जान ले सकता है. भागलपुर में बरारी के कुक्कुट क्षेत्र में बर्ड फ्लू का सबसे खतरनाक वेरिएंट H5N1 मिलने के बाद से हड़कंप मचा गया है.

बर्ड फ्लू का सबसे खतरनाक वैरिएंट H5N1

एवियन इनफ्लुएंजा के वायरस को रोग फैलने से रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर जोर शोर से काम हो रहा है. क्षेत्रीय कुक्कुट परिक्षेत्र को बर्ड फ्लू का केंद्र माना जा रहा है. ऐसे में यहां के 10 किलोमीटर की परिधि में चलने वाली तमाम पोल्टी फॉर्म के मुर्गे, मुर्गियां और बत्तख पालकों के यहां से तमाम पक्षियों को जब्त कर लिया गया है. एक तरफ प्रशासन युद्ध स्तर पर बीमारी को फैलने से रोकने के लिए जद्दोजहद कर रहा है तो वहीं दूसरी ओर लोगों में लापरवाही का आलम थम नहीं रहा. 

प्रशासन अलर्ट

दरअसल बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद प्रशासन अलर्ट हो गया है. जिले में मुर्गी और अंडे की बिक्री पर रोक लगा दी गई है. कुक्कुट क्षेत्र में भी प्रशासन ने बिक्री पर रोक लगाई है. इसके बावजूद धड़ल्ले से मुर्गी और अंडे की बिक्री हो रही है. अलर्ट के बाद भी लोग अंडा और चिकन खा रहे हैं. लोगों की ये लापरवाही उनके सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है. क्योंकि बर्ड फ्लू के H5N1 वैरिएंट से संक्रमित हुए लोगों में मौत की संभावना बढ़ जाती है. दरअसल बर्ड फ्लू एक वायरल इंफेक्शन है. इसे एवियन इन्फ्लूएंजा भी कहते हैं. ये वायरस एक पक्षी से दूसरे पक्षियों में फैलता है. बर्ड फ्लू का सबसे जानलेवा स्ट्रेन H5N1 है. H5N1 से संक्रमित पक्षियों की मौत हो सकती है. वायरस पक्षियों से दूसरे जानवरों में फैल सकता है. इंसानों में भी वायरस फैलने की संभावना होती है.

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इंसानों को भी कर सकता है बीमार 

संक्रमित जानवरों से संपर्क में आने से ये वायरस इंसानों को भी बीमार कर सकता है. अगर कोई बर्ड फ्लू से संक्रमित हो जाता है तो उसमें मांसपेशियों में दर्द, नाक बहना, कफ की समस्या, पेट के निचले हिस्से में दर्द, सिर दर्द, आंख का लाल होना और दस्त होने जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं.

घर घर चैकिंग

इस वैरिएंट के खतरे को देखते हुए भागलपुर का जिला प्रशासन एक्शन मोड में है. कुक्कुट परिक्षेत्र में अब तक दस हजार चूजों को मारा गया है. 10 किलोमीटर के एरिया में लगातार टीम घर घर जाकर मुर्गों को पकड़ रही है, और उसे मारने का काम किया जा रहा है. ताकि वायरस के फैलाव को रोका जा सके. प्रशासन लोगों से बार-बार मुर्गी या अंडे ना खरीदने की अपील भी कर रहा है.

वायरस के फैलाव को रोकने के लिए प्रशासन अपना काम कर रहा है, लेकिन जरूरत है कि आम लोग भी प्रशासन के निर्देशों का पालन करने हुए सावधानियां बरते ताकि ये बीमारी ज्यादा ना फैले.

रिपोर्ट : आलोक कुमार झा