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Asaduddin Owaisi (File)
Bihar: बिहार में एनडीए की सरकार बन गई है. नीतीश कुमार एक बार फिर से बिहार के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं. इस बीच, एआईएमआईएम चीफ असुदुद्दीन ओवैसी ने संकेत दिया कि उनकी पार्टी सरकार को समर्थन दे सकती है, बस एक शर्त है कि सीमांचल क्षेत्र को उसका हक मिले.
दरअसल, आमौर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सीमांचल दशकों से उपेक्षा का शिकार रहा है. ये स्थिति अब बदलनी चाहिए. ओवैसी ने कहा कि नीतीश सरकार को समर्थन देने के लिए हम तैयार हैं लेकिन सीमांचल को न्याय मिलना चाहिए. विकास सिर्फ पटना और राजगीर तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए. सीमांचल के लोग आज भी नदी कटाव, भारी पलायन और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं. इन मुद्दों पर सरकार को गंभीरता दिखानी होगी.
सीमांचल की 5 सीटों पर ओवैसी की पकड़ मजबूत
सीमाचंल को बिहार का सबसे पिछड़ा इलाका माना जाता है. मुसलमानों की आबादी यहां अच्छी खासी है. यहां की 80 प्रतिशत आबादी ग्रामीण इलाकों में रहती है. विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए ने सीमांचल की 24 में से 14 सीटों पर जीत हासिल की है. बावजूद इसके एआईएमआईएम ने अपनी पकड़ बनाए रखी और पांच सीटें अपने नाम की.
पांच विधायकों को सप्ताह में ऑफिस आना होगा
ओवैसी ने साफ कर दिया है कि वे अपनी पार्टी के विधायकों की गतिविधियों पर नजर रखेंगे. वे किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि हमारे पांचों विधायक सप्ताह में दो दिन अपने-अपने क्षेत्रीय कार्यालयों में बैठेंगे. वे मुझे अपनी लाइव लोकेशन के साथ फोटो भेजेंगे. इससे पता चल पाएगा कि वे लोग कहां हैं. ओवैसी ने बताया कि वे खुद हर छह माह में सीमांचल का दौरा करेंगे.
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