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बंगाल हिंसा पर पद्मश्री विजेताओं समेत 25 बुद्धिजीवियों ने लिखा पत्र

इस पत्र की प्रति राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पीएम नरेंद्र मोदी, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी भेजी गई है.

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 03 Jun 2021, 02:11:46 PM
Bengal Violence

पत्र में हिंसा प्रभावितों को मुआवजा और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • 5 पद्मश्री विजेताओं और 20 अन्य ने बंगाल हिंसा पर लिखा पत्र
  • राज्यपाल को प्रेषित पत्र में संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन का अनुरोध
  • पत्र की प्रति राष्ट्रपति समेत पीएम और बंगाल की सीएम को भी भेजी

पटना:

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद जारी राजनीतिक हिंसा हर रोज नया गुल खिला रही है. अब इसकी गूंज दूसरे प्रदेशों में भी सुनाई पड़ने लगी है. बिहार में 25 बुद्धिजीवियों ने बंगाल हिंसा को लेकर राज्यपाल फागू चौहान को पत्र लिखा है. उन्होंने हिंसा को रोकने के साथ-साथ आरोपियों की गिरफ्तारी की भी मांग की है. जिन बुद्धिजीवियों ने ये पत्र लिखा है उनमें 5 पद्मश्री से सम्मानित शख्सियत भी शामिल हैं. इस पत्र की प्रति राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पीएम नरेंद्र मोदी, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी भेजी गई है. अलग-अलग क्षेत्रों के बुद्धिजीवियों ने इस पत्र के जरिए बंगाल में जारी हिंसा रोकने के लिए संवैधानिक प्रावधानों का इस्तेमाल करने की अपील की है. इसके साथ ही हिंसा के शिकार हुए परिवारों के लिए मुआवजे की भी मांग की है.

पत्र लिखने वालों में ये हैं प्रमुख
बंगाल हिंसा पर पत्र लिखने वालों में पद्मश्री से सम्मानित डॉ. जितेन्द्र सिंह, डॉ. आरएन सिंह, डॉ. नरेंद्र प्रसाद, डॉ. विमल जैन और डॉ. श्याम शर्मा शामिल हैं. इनके अलावा पूर्व जस्टिस राजेन्द्र प्रसाद, कथक नृत्यांगना और पूर्व आईपीएस शोभना नारायणन, आईएमए के अध्यक्ष डॉ. सहजानंद कुमार, पूर्व डीजीपी डीएन गौतम और पूर्व थल सेनाध्यक्ष ले. जनरल अशोक चौधरी भी हैं. कुल 25 शख्सियतों ने पत्र के जरिए बिहार के राज्यपाल फागू चौहान से बंगाल हिंसा पर कार्रवाई की मांग की है.

पत्र में उठाई गईं ये मांगे
पत्र में कहा गया है कि बंगाल हिंसा ने संविधान, संवैधानिक संस्थाओं और भारतीय लोकतंत्र में हमारे दृढ़ विश्वास को झकझोर कर रख दिया है. हिंसा, हत्या, बलात्कार के कई मामले दर्ज हो चुके हैं. बीजेपी के 692 कार्यकर्ताओं को जान से मारने की धमकी दी गई है. मुख्य रूप से पीड़ितों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, गरीब, सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित समूह के लोग शामिल हैं. बड़े पैमाने पर महिलाएं भी हिंसा की शिकार हुई हैं. प्रशासन की ओर से मामला दर्ज नहीं किया जा रहा. ऐसे में पत्र के जरिए मांग की गई कि बंगाल में जारी हिंसा को तुरंत रोका जाए. जिम्मेवार लोगों को सजा दी जाए. पीड़ितों को पर्याप्त सुरक्षा और मुआवजा प्रदान किया जाए.

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First Published : 03 Jun 2021, 02:11:46 PM

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