जादू-टोना के शक में दंपति पर किया हमला, आग लगाकर उतारा मौत के घाट, पुलिस ने 18 लोगों को किया गिरफ्तार

Assam News: पूर्वोत्तर के राज्य असम से दिल दहला देने वाला मामला सामना आया है. जहां एक गांव में जादू टोने के शक में ग्रामीणों ने एक दंपति पर हमला कर दिया. उसके बाद उनके घर में आग लगाकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया.

Assam News: पूर्वोत्तर के राज्य असम से दिल दहला देने वाला मामला सामना आया है. जहां एक गांव में जादू टोने के शक में ग्रामीणों ने एक दंपति पर हमला कर दिया. उसके बाद उनके घर में आग लगाकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया.

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Suhel Khan
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Assam Couple murder

असम में दंपति की जिंदा जलाकर उतारा मौत के घाट Photograph: (प्रतीकात्मक फोटो)

पूर्वोत्तर के राज्य असम के कार्बी आंगलोंग जिले में पति-पत्नी जो जिंदा जलाकर मारने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. इस मामले में पुलिस ने 18 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, असम के कार्बी आंगलोंग जिले में शुक्रवार को चार महिलाओं सहित 18 लोगों गिरफ्तार किया गया है. ये सभी लोग एक दंपति की हत्या में कथित रूप से शामिल थे. इन लोगों ने दंपति को जादू टोना करने के शक में जमकर पीटा और उसके बाद उन्हें जिंदा जला दिया.

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जानें क्या है पूरा मामला?

पुलिस के मुताबिक, यह घटना 30 दिसंबर, 2025 को जिले के होवराघाट क्षेत्र के बेलोगुरी मुंडा गांव में घटी. जहां ग्रामीणों ने दंपति पर जादू-टोना करने का आरोप लगाया. साथ ही उन्हें इलाके में बीमारियों और दुर्भाग्य का कारण बताया था. पुलिस ने बताया कि पीड़ितों पर कथित तौर पर उनके घर के अंदर हमला किया गया और फिर घर में आग लगा दी.

जिससे उनकी जिंदा जलकर मौत हो गई. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पुष्पराज सिंह के मुताबिक, गहन जांच के बाद आरोपियों की पहचान की गई और शुक्रवार को उन्हें हिरासत में ले लिया गया. एसएसपी ने बताया कि, 'हमने आरोपियों की पहचान कर ली है और अब तक 18 लोगों को गिरफ्तार किया है. जांच आगे बढ़ने के साथ और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है.'

मामले पर पुलिस ने लिया स्वतः संज्ञान

घटना के बाद पुलिस ने असम डायन-शिकार (निषेध, रोकथाम और संरक्षण) अधिनियम के तहत स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है, जो डायन-शिकार को संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध मानता है. उन्होंने कहा कि, 'भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की प्रासंगिक धाराओं, जिनमें हत्या की धारी 103 भी शामिल है. पुलिस के मुताबिक, अपराध में सामूहिक संलिप्तता का पता चला है, जिससे किसी के व्यक्तिगत भूमिकाओं की पहचान करना मुश्किल हो गया है.

स्थानीय लोगों से की पुलिस ने पूछताछ

वरिष्ठ पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने गांव का दौरा किया है और प्रत्येक आरोपी की भूमिका का पता लगाने के लिए स्थानीय लोगों से पूछताछ की. जिला अधिकारियों ने कहा कि यह मामला कड़े कानूनों के बावजूद असम के आंतरिक क्षेत्रों में गहरी जड़ें जमाए अंधविश्वास को लेकर खुलासा करता है. उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान तेज किए जाएंगे.

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