News Nation Logo
उत्तर प्रदेश : आज तीन बड़े मामले ज्ञानवापी, श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा और ताजमहल पर सुनवाई प्रधानमंत्री आवास पर कैबिनेट और CCEA की बैठक, कुछ MoU समेत अहम मुद्दों पर हो सकता है फैसला कपिल सिब्बल सपा कार्यालय में अखिलेश यादव के साथ मौजूद, बनेंगे राज्यसभा उम्मीदवार राज्यसभा के लिए कपिल सिब्बल, डिंपल यादव और जावेद अली होंगे समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार- सूत्र पंजाब : ग्रुप सी और डी के पदों के लिए पंजाबी योग्यता टेस्ट कंपलसरी, भगवंत मान सरकार का फैसला मथुरा : जिला अदालत में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में 31 मई को होगी अगली सुनवाई मुंबई : मोटरसाइकिल पर दोनों सवारों को हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा, 15 दिनों में नियम पर अमल यासीन मलिक की सजा पर बहस पूरी- ऑर्डर रिजर्व, दोपहर बाद विशेष NIA कोर्ट सुनाएगी सजा ज्ञानवापी हिंदुओं को सौंपने-पूजा की मांग वाला नया मामला सिविल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट में स्थानांतरित अयोध्या : 1 जून को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह का शिला पूजन होगा, सीएम योगी होंगे शामिल उत्तराखंड : मौसम सामान्य होने के बाद आज दोबारा सुचारू रूप से शुरू हुई चारधाम यात्रा औरंगजेब की कब्र के बाद अब सतारा में मौजूद अफजल खान के कब्र पर बढ़ाई गई सुरक्षा
Banner

भारत के बाद अब ऑस्ट्रेलिया भी कर सकता है राष्ट्रमंडल खेल 2022 का बहिष्कार

आईओए के अध्यक्ष नरेंदर बत्रा ने कहा था कि राष्ट्रमंडल खेलों का बहिष्कार एक विकल्प हो सकता है. भारत के बाद अब ऑस्ट्रेलिया भी इस मांग में शामिल हो गया है.

IANS | Edited By : Sunil Chaurasia | Updated on: 13 Aug 2019, 12:55:20 PM
प्रतीकात्मक तस्वीर

मेलबर्न:  

निशानेबाजी को बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल-2022 में शामिल न करने पर अब भारत के बाद ऑस्ट्रेलिया भी इस प्रतियोगिता का बहिष्कार कर सकता है. राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) ने जून में फैसला किया था कि बर्मिंघम में 2022 में होने वाले खेलों में निशानेबाजी को जगह नहीं दी जाएगी. 1970 के बाद से ऐसा पहली बार होगा कि राष्ट्रमंडल खेलों में निशानेबाजी नहीं होगी. सीजीएफ के इस फैसले के बाद भारत में बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल-2022 के बहिष्कार की मांग उठने लगी है. दिग्गज निशानेबाज हिना सिद्धू ने हाल ही में कहा था कि भारत को 2022 में बर्मिंघम में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के बहिष्कार के बारे में विचार करना चाहिए. हिना के बयान के बाद आईओए के अध्यक्ष नरेंदर बत्रा ने कहा था कि खेलों का बहिष्कार एक विकल्प हो सकता है. भारत के बाद अब ऑस्ट्रेलिया भी इस मांग में शामिल हो गया है.

ये भी पढ़ें- Ashes 2019: लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड के लिए मुसीबत बन सकता है ये 'भूखा कंगारू', कोच ने कही ये बड़ी बात

शूटर्स यूनियन ऑस्ट्रेलिया (एसयूए) ने इसकी मांग की है. यह एक लॉबी समूह है जो ऑस्ट्रेलिया में हजारों बन्दूक मालिकों और लोगों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करता है और यह अमेरिका में राष्ट्रीय राइफल एसोसिएशन से संबद्ध है. ऑस्ट्रेलिया ने पिछले साल गोल्ड कोस्ट में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में तीन स्वर्ण पदक सहित नौ पदक जीते थे और वह भारत के बाद दूसरा सबसे ज्यादा पदक जीतने वाला देश था. एसयूए के अध्यक्ष ग्राहम पार्क ने कहा, "ऑस्ट्रेलिया को 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में निशानेबाजी को फिर से शामिल करने की मांग में भारत के साथ खड़ा होना चाहिए. अगर वह ऐसा नहीं करता है तो इसका बहिष्कार करने के लिए तैयार रहें."

ये भी पढ़ें- पिता के शव के साथ बारात लेकर पहुंचा दूल्हा, वजह जानकर न चाहते हुए भी रो पड़ेंगे आप

पार्क ने कहा, "ऑस्ट्रेलिया को विश्व स्तर पर हमारी खेल उपलब्धियों के लिए जाना जाता है और मनमाने ढंग से हमारे शीर्ष निशानेबाजों को संभावित स्थान से वंचित करना हमारे एथलीटों के लिए सही नही है जो कड़ी मेहनत करते हैं. इससे पता चलता है कि सरकार आपके खेल के बारे में नहीं सोचती है. यह हमारे लिए पदक की संभावना को कम करता है जो हमारी राष्ट्रीय प्रतिष्ठा का सवाल है." ऑस्ट्रेलिया निशानेबाजी टीम की पूर्व मैनेजर जैन लिंसले ने दावा किया कि बर्मिंघम 2022 से निशानेबाजी को हटाने से आस्ट्रेलिया में खेलों के भविष्य पर इसका गलत प्रभाव पड़ेगा. उन्होंने कहा, "जाहिर है कि अगर बर्मिंघम खेलों में निशानेबाजी नहीं होती है तो ऑस्ट्रेलिया में शीर्ष स्तर की निशानेबाजी ट्रेनिंग के लिए धन कम हो जाएगा. इससे ओलंपिक के लिए निशानेबाजों को तैयार करने और उन्हें पदक जीतने के योग्य बनाने की हमारी कोशिशों को काफी बड़ा धक्का लगेगा."

First Published : 13 Aug 2019, 12:55:20 PM

For all the Latest Sports News, More Sports News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.