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ओमीक्रॉन और डेमीक्रॉन के बाद फ्लोरोना ने क्यों उड़ाई नींद? जानिए क्या हैं लक्षण 

' फ्लोरोना' एक ही मरीज में कोरोना और फ्लू यानी जुकाम के डबल इंफेक्शन का मामला है. पहला मामला इजराइल में सामने आया है. 

News Nation Bureau | Edited By : Mohit Saxena | Updated on: 03 Jan 2022, 11:45:27 AM
omicron

ओमीक्रॉन और डेमीक्रॉन के बाद आया फ्लोरोना का मामला. (Photo Credit: file photo)

highlights

  • फ्लू+कोरोना का डबल इंफ्केशन 'फ्लोरोना' है
  • महिला में फ्लोरोना का मामला सामने आया, वह वैक्सीनेटेड नहीं थी
  • दोनों वायरस मिलकर शरीर पर कहर बरपा रहे हैं

नई दिल्ली:  

कोरोना के बढ़ते कहर के बीच एक और खतरा सामने बनकर उभरा है. यह है कोरोना और फ्लू का डबल अटैक. ऐसा पहली बार है कि कोरोना और फ्लू के वायरस का इंसान के शरीर पर एक साथ हमला करने का मामला आया है. कोरोना और इंफ्लुएंजा के डबल इंफेक्शन को 'फ्लोरोना' (Florona) का नाम दिया गया है. ऐसा कहा जा रहा है कि इस नए इंफेक्शन 'फ्लोरोना' में एक ही मरीज में कोरोना और इंफ्लुएंजा दोनों के वायरस पाए गए हैं.

क्या है फ्लोरोना?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इंफ्लुएंजा और कोरोना के डबल इंफेक्शन का दुनिया का पहला मामला सामने आया है. सीधे कहें तो ये एक ही मरीज में कोरोना और फ्लू यानी जुकाम के डबल इंफेक्शन का मामला है. कोरोना और फ्लू के इस दोहरे इंफेक्श को 'फ्लोरोना' (Florona) कहा जाता है यानी एक ही समय में फ्लू+कोरोना का डबल इंफ्केशन 'फ्लोरोना' है. यह एक ही समय पर होने वाला इंफ्केशन है. 

ये भी पढ़ें: Corona की तीसरी लहर ने दी दस्तक, एक सप्ताह में 3 गुना बढ़ गया संक्रमण

कहां मिला दुनिया का पहला फ्लोरोना केस?

दुनिया का पहला फ्लोरोना मामला हाल ही में इजराइल में सामने आया है. यह मामला  एक प्रग्नेंट महिला से संबंधित है. वह राबिन मेडिकल सेंटर में एक बच्चे को जन्म देने  के लिए एडमिट हुई थी. रिपोर्ट के अनुसार, जिस महिला में फ्लोरोना का मामला सामने आया, वह वैक्सीनेटेड नहीं थी.  

क्या नया वैरिएंट है फ्लोरोना?

सबसे पहले आपको ये बता दें कि फ्लोरोना कोरोना का कोई नया वेरिएंट नहीं है. यह एक ही समय में फ्लू और कोरोना से होने वाला दोहरा इंफेक्शन है. इजराइल में दुनिया का पहला फ्लोरोना का मामला सामने आया है. इजराइली डॉक्टरों के अनुसार बीते कुछ  हफ्तों में इजराइल में इंफ्लुएंजा या फ्लू (जुकाम) के मामले तेजी से सामने आए हैं. ऐसे में फ्लोरोना पर स्टडी की जा रही है. शोधकर्ताओं का कहना है कि 'फ्लोरोना' इम्यून सिस्टम के फेलियोर का बड़ा संकेत है, क्योंकि इसमें एक ही समय में दो वायरस मानव  शरीर में प्रवेश कर रहे हैं.

क्यों खतरनाक हो सकता है फ्लोरोना?

कोरोना और फ्लू एक गंभीर समस्या बन चुका है. विशेषज्ञों के अनुसार, कोरोना और फ्लू दोनों के डबल अटैक से गंभीर बीमारी का खतरा है, क्योंकि ये तेजी से फैल सकता है. दोनों वायरस मिलकर शरीर पर कहर बरपा रहे हैं. इससे कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं. यही वजह है कि फ्लोरोना होना खतरनाक हो सकता है.

क्या है लक्षण 

फ्लोरोना होने से मरीज को निमोनिया, सांस लेने में दिक्कत, ऑर्गन फेल्योर, हार्ट अटैक, दिल या मस्तिष्क में सूजन, स्ट्रोक आदि जैसी गंभीर समस्या होती है. ऐसे में स्थिति ज्यादा गंभीर होने पर व्यक्ति की मौत भी हो सकती है.

पश्चिम में डेमीक्रॉन पांव पसार रहा

इस समय कोरोना वेरिएंट ओमीक्रोन के साथ डेमीक्रॉन का भी खतरा दुनिया भर में मंडरा रहा है. ओमीक्रॉन पूरी दुनिया में तेजी से पांव पसार रहा है. वहीं पहले से मौजूद डेल्टा वेरिएंट के कारण डेमीक्रॉन के भी मामले सामने आ रहे हैं. कुछ ही दिनों पहले खबर आई थी कि 'विशेषज्ञों का मानना ​​है कि Delmicron नाम का यह स्ट्रेन वास्तव में अमेरिका और यूरोप में कोविड सुनामी के लिए जिम्मेदार है. Delmicron, Delta और Omicron से मिलकर तैयार हुआ है. यह पश्चिम देशों में तेजी से फैल रहे COVID-19 का डबल वेरिएंट है.

 

First Published : 03 Jan 2022, 11:45:27 AM

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