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त्योहारी भीड़ कहीं कोरोना की तीसरी लहर को दावत तो नहीं? आशंका से उड़े स्वास्थ्य विभाग के होश

वैसे तो इस समय कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामलों में बेहद कमी है. कुछ लोगों का मानना है कि अब कोरोना से डरने की जरुरत नहीं है. लेकिन एक्सपर्ट ने त्योहारी भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की नींद एक बार फिर से उड़ा दी है.

News Nation Bureau | Edited By : Sunder Singh | Updated on: 02 Nov 2021, 04:42:07 PM
DIWALI

file photo (Photo Credit: social media)

highlights

  • वैज्ञानिकों के मुताबिक त्योहार खत्म होते ही बढ़ेंगे कोरोना मरीज 
  • स्वास्थ्य विभाग को सता रहा नये वेरिएंट का खतरा
  • डेल्टा वेरिएंट की तुलना में 15 फीसदी ज्यादा संक्रामक है AY.4.2

नई दिल्ली :  

वैसे तो इस समय कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामलों में बेहद कमी है. कुछ लोगों का मानना है कि अब कोरोना से डरने की जरुरत नहीं है. लेकिन एक्सपर्ट ने त्योहारी भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की नींद एक बार फिर से उड़ा दी है. वैज्ञानिकों का मानना है कि जैसे ही दिवाली और छठ पूजा का त्योहार समाप्त होगा (Festival Season). वैसे ही कोरोना वायरल के मामलों में तेजी से बढोत्तरी होगी. क्योंकि रिपोर्ट के मुताबिक देशभर के बाजारों में कोरोना की किसी प्रॅाटोकॅाल को फॅालो नहीं किया जा रहा है. भीड़ में 80 प्रतिशत लोगों के मुंह पर मास्क नहीं है. इसी लापरवाही के चलते कोरोना के नए वेरिएंट के आने के खतरे बताए जा रहे हैं.

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AY.4.2 वेरिएंट क्‍या है?
AY.4.2 उसी कोरोना वायरस की प्रजाति का म्यूटेशन है जिसका डेल्टा या B.1.617.2 वेरिएंट था, जो सबसे पहले पिछले साल अक्टूबर में पाया गया था. साथ ही जिसकी वजह से दूसरी लहर में भारत में कोरोना के मामलो की बाढ़ आ गई थी. यह डेल्टा वेरिएंट से ही निकला है. जो AY.4 से भिन्नता रखता है. डेल्टा वेरिएंट के फिलहाल 55 सब वेरिएंट हैं. रिपोर्ट बताती हैं कि सबसे पहले इस साल की जुलाई में ब्रिटेन में पाया गया था. लेकिन हाल ही के दिनों में इस वेरिएंट से जुड़े मामलों के बढ़ने की खबर आ रही है.

WHO का मत 
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार AY.4.2 से जुडे़ मामले दुनियाभर में बढ़ रहे हैं. न्यूज वेबसाइट डीएनए के मुताबिक विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हाल ही में AY.4.2 वेरिएंट के कुल 26,000 मामलों के होने की पुष्टि की है. ऐसा प्रतीत होता है कि ये मौलिक डेल्टा वेरिएंट की तुलना में 15 फीसदी ज्यादा संक्रामक है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेडरोस एडोहेनोम ग़ेब्रेयसस ने हाल ही में कहा था कि कोविड-19 से जुड़े मामले और मौत दो महीने के बाद पहली बार बढ़ी हुई नजर आ रही है, हालांकि ज्यादा मामले यूरोप से हैं. 

लापरवाही पड़ेगी भारी 
वैज्ञानिकों का कहना है कि इस वक्त जरा सी लापरवाही आपको खतरे में डाल सकती है. क्योंकि त्योहारी भीड़ कोरोना के नए वेरिएंट को बुलावा दे रही है. आशंका है कि त्योहारी मौसम खत्म होते ही एक बार फिर से कोरोना के मामले बढ़ेंगे. देश में ऐसा कोई बाजार नहीं है, जिसमें बिना मास्क के लोगों की भीड़ न देखी जा रही हो.

First Published : 02 Nov 2021, 04:39:49 PM

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