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मेघालय में बाढ़ एवं भूस्खलन से 12 की मौत, राज्य में हाई अलर्ट जारी

गारो हिल्स में बाघमारा में अचानक आई बाढ़ में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि सिजू में भूस्खलन में एक की मौत हो गई.

News Nation Bureau | Edited By : Pradeep Singh | Updated on: 18 Jun 2022, 03:26:00 PM
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पूर्वोत्तर में बाढ़ (Photo Credit: News Nation)

नई दिल्ली:  

मेघालय में बारिश से जुड़ी घटनाओं ने शुक्रवार को 12 लोगों की जान ले ली. दक्षिण गारो हिल्स के बाघमारा में भूस्खलन में नौ की मौत हो गई, जबकि तीन की मौत अचानक बाढ़ में हो गई. राज्य में लगातार हो रही बारिश का कहर जारी है. पूर्वी खासी हिल्स में मौसिनराम के आठ लोग बारिश के कारण हुए भूस्खलन के कारण मारे गए. डांगर में भूस्खलन में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई. मृतकों की पहचान काइलिटी लैंगपेन (32), दफिशिशा लैंगपेन (12), दस्खेमलांग लैंगपेन (5), बेटी दावनबियांग लैंगपेन (3) और छह महीने के बच्चे के रूप में हुई है.

केनमिलशॉ गांव में एक महिला की मौत हो गई, उसका पति रॉबिनो किंटर अभी भी लापता है और उसकी तलाश जारी है. बोरो रिंकू में सात वर्षीय सोनाली बनाई की भूस्खलन में मौत हो गई, जबकि बेटगोरा ए में 12 वर्षीय नाथन देजेल संगमा की मौत हो गई. दो घरों को भी नुकसान पहुंचा है. मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने कहा कि राज्य सरकार मृतकों के परिजनों को चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देगी. गारो हिल्स में बाघमारा में अचानक आई बाढ़ में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि सिजू में भूस्खलन में एक की मौत हो गई.

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सीएम ने कहा कि, "दक्षिण गारो हिल्स जिले के सीजू में बाघमारा में अचानक आई बाढ़ से 3 और भूस्खलन से 1 मौत की दिल दहला देने वाली खबर है. मैं उनके प्रियजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं. सरकार प्रत्येक मृतक के परिजनों को ₹4 लाख की अनुग्रह राशि जारी करेगा. उनकी आत्मा को शांति प्राप्त हो." 

दक्षिण पश्चिम गारो हिल्स जिले में करीब 40,000 और 107 गांव प्रभावित हुए हैं. उपायुक्त एसके मारक ने कहा, "हमारे पास तीन ब्लॉकों में 100 से अधिक गांव हैं - रेरापारा सी एंड आरडी ब्लॉक, ज़िकज़क सी एंड आरडी ब्लॉक, और बेतासिंग सी एंड आरडी ब्लॉक, जहां 40,000 से अधिक आबादी प्रभावित है."

मारक ने आगे कहा कि दक्षिण पश्चिम गारो हिल्स जिले में अब तक किसी की मौत या लापता नहीं हुई है. उन्होंने कहा, "हमारे पास पटीजोरा गांव से कोच बस्ती तक एक पुल है, जो बह गया है और विभिन्न स्थानों पर कई भूस्खलन हुए हैं," उन्होंने कहा, "हमने 26 अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए हैं. स्थिति नियंत्रण में है."

उन्होंने यह भी कहा कि राहत शिविरों को खाद्यान्न के रूप में ग्रेच्युटी राहत सहायता प्रदान की जा रही है. जिला प्रशासन के साथ जिला आपदा प्रबंधन टीम और एसडीआरएफ, जो आईएमडी मेट शिलांग से बाढ़ मार्गदर्शन बुलेटिन प्राप्त करने के बाद हाई अलर्ट पर हैं, ने गनोल, दारू और दोरनी नदियों के जल स्तर में वृद्धि को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को जल्दी निकालने और बचाव प्रयासों का नेतृत्व किया है. 

First Published : 18 Jun 2022, 03:26:00 PM

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