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Explainer: क्या है NSG, जिसके देश में खुलेंगे 3 और नए हब, 26/11 मुंबई हमले में आंतकियों से लिया था लोहा!

What is NSG: नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) की तीन और नई यूनिट जल्द देश को मिलने वाली हैं. ये तीनों यूनिट अयोध्या, पठानकोट और केरल में खुलने वाली हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि एनएसजी क्या है और देश की सुरक्षा में इसकी क्या भूमिका है.

Updated on: 13 Jun 2024, 02:09 PM

New Delhi:

What is NSG: नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) की तीन और नई यूनिट जल्द देश को मिलने वाली हैं. ये तीनों यूनिट अयोध्या, पठानकोट और केरल में खुलने वाली हैं. अयोध्या में एनएसजी की यूनिट अगले कुछ महीनों में और अन्य दो इस साल के अंत तक चालू हो जाएगी.  नए तीन हब चालू होने के बाद, देश भर में कुल आठ एनएसजी हब हो जाएंगे. वर्तमान में, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, चेन्नई और गांधीनगर में एनएसजी के पांच रीजनल सेंटर हैं. आइए जानते हैं कि एनसीजी क्या होता है, यह क्या-क्या काम करती है, और देश की सुरक्षा में इसकी कितनी बड़ी भूमिका है.

NSG की तीन नई यूनिट्स क्यों?

अयोध्या में इस साल जनवरी में राममंदिर का उद्धाटन किया गया था. ये मंदिर भारत में संवेदनशील प्रतिष्ठानों में से एक है और कहा जाता है कि यह विभिन्न आतंकवादी संगठनों के रडार पर है. इसी खतरे से निपटने के लिए अयोध्या में एनएसजी की यूनिट स्थापित की जा रही है. वहीं पठानकोट के सीमावर्ती जिले होने और केरल के रणनीतिक महत्व को ध्यान में यहां एनएसजी यूनिट्स स्थापित करने का फैसला लिया गया है. इसके पीछे जो असल वजह है कि बीते कुछ सालों से इन इलाकों में आतंकी गतिविधियां ज्यादा सक्रिय हुई हैं.

क्या है एनएसजी? (What is NSG)

नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) भारत की एक स्पेशल फॉर्स है. इसे ब्लैक कैट कमांडो के नाम से भी जाता जाता है, क्योंकि इसके जवान ब्लैक कलर के ड्रिल कॉटन कवरॉल और हेलमेट पहनते हैं. ये कमांडो अपने बहादुरी और कौशल के लिए जाने जाते हैं. यह एक ऐसा संगठन है, जिसका मकसद आतंकवाद से मुकाबला करना है. साथ ही देश के आंतरिक और बाहरी खतरों से भी निपटना है. एनएसजी का ध्येय वाक्य- 'सर्वत्र, सर्वोत्तम, सुरक्षा', जिससे साफ होता है कि थल, नभ और जल के मोर्चे पर देश को सर्वोत्तम सुरक्षा प्रदान करना एनएसजी का काम होता है.

NSG की स्थापना (NSG Establishment)

साल 1984, पंजाब के अमृतसर स्थित हरिमंदिर साहिब परिसर में खालिस्तान समर्थक जनरैल सिंह भिंडरावाले और उनके समर्थकों ने डेरा जमा लिया था. उनके कब्जे से पवित्र मंदिर को मुक्त करवाने के लिए ऑपरेशन ब्लू स्टार चलाया गया था. सुरक्षा बलों ने भिंडरावाले को मार गिराया और कब्जे से पवित्र मंदिर को मुक्त कराया था. असल में पंजाब में भिंडरावाले के नेतृत्व में अलगाववादी ताकतें पैर पसारती जा रही थीं, जिन्हें पाकिस्तान से समर्थन मिल रहा था. बाद में यही ऑपरेशन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या की वजह बना और देश में सिख विरोधी दंगे हुए. 

देश में तब अशांति का माहौल चरम पर था. ऐसे में आतंकवाद से निपटने के प्राथमिक लक्ष्य के साथ 1984 में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) की स्थापना की गई थी. इसे 1986 में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड एक्ट के तहत कैबिनेट सचिवालय द्वारा बनाया गया था. एनएसजी का गठन यूनाइटेड किंगडम (यूके) के स्पेशल एयर सर्विस (एसएएस) और जर्मनी के जीएसजी-9 की तर्ज पर बनाया गया. एनएसजी का मकसद भारत में आतंकवाद के सभी पहलुओं से निपटना हैं. ये स्पेशल फॉर्सेस गृह मंत्रालय निर्देशों पर काम करती है.

NSG कमांडो के प्रकार

नेशनल सिक्योरिटी गार्ड में तीन प्रकार के कमांडो होते हैं, जो प्रकार हैं- स्पेशल एक्शन ग्रुप (SAG), स्पेशल रेंजर ग्रुप (SRG) और स्पेशल कंपोजिट ग्रुप (SCG). इन तीनों ही ग्रुप के टास्क बंटे हुए हैं. स्पेशल एक्शन ग्रुप को आतंकवाद से मुकाबला करने का काम सौंपा गया है, जबकि स्पेशल रेंजर ग्रुप वीआईपी और वीवीआईपी को सुरक्षा मुहैया कराते हैं. वहीं मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद, गांधी नगर आदि शहरों में काउंटर टेररिज्म से निपटने का जिम्मा स्पेशल कम्पोजिट ग्रुप को सौंपा गया है.

अभी कौन हैं NSG के महानिदेशक

नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) का मुख्यालय राजधानी दिल्ली में हैं. एनएसजी के प्रमुख (Head) को महानिदेशक (DG) कहा जाता है. इस साल अप्रैल में, आंध्र प्रदेश कैडर के 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी नलिन प्रभात को एनएसजी का महानिदेशक नियुक्त किया गया है. एनएसजी के महानिदेशक का चयन गृह मंत्रालय द्वारा किया जाता है. नलिन प्रभात इस पद पर 31 अगस्त 2028 तक बने रहेंगे. 

NSG के क्या है स्पेशिफिक गोल्स (NSG Specific Goals)

एनएनजी को अपने स्पेशल और अत्यधिक जोखिमों से भरे ऑपरेशंस के लिए जाना जाता है. जिनमें-- आतंकवादी खतरों को बेअसर करना,  हाइजैंकिंग की स्थितियों को संभालना, बम का निपटान (IED की खोज, पता लगाना, निष्क्रिय करना), पीबीआई (विस्फोट के बाद की जांच), होस्टेज रेस्क्यू और वीआईपी सिक्योरिटी शामिल है. इस तरह एनएसजी देश की सुरक्षा में बड़ी भूमिका निभाती है.

एनएसजी के कुछ विशेष ऑपरेशंस (NSG Specific Operations)

नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनसीजी) ने आंतकवादी हमलों के समय देश की सुरक्षा की है. उसके कमांडो जल्दी से ऑपरेशंस को अंजाम देने के लिए जाने जाते हैं. एनएसजी ब्लैक कैट कमांडो बनाना कमजोर दिलवालों का काम नहीं है, क्योंकि उनको आतंकवादियों के लिए काल माना जाता है. आइए जानते हैं कि एनएसजी के द्वारा किए गए कुछ खास ऑपरेशंस के बारे में, जिसमें उसके कमांडोज् ने आंतकियों को ढेर कर ऑपरेशंस को सफलतापूर्वक अंजाम दिया था. 

1- ऑपरेशन ब्लैक थंडर I और II (1986 और 1988): अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर में आतंकवादी छिप गए थे. उसने निपटने के लिए एनएसजी ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया था.   

2. ऑपरेशन अश्वमेध (1993): इस ऑपरेशन में एनएसजी कमांडोज ने अपना दम दिखाते हुए कुछ ही मिनटों में अप्रैल, 1993 में हाईजैक किए गए इंडियन एयरलाइन्स की फ्लाइट आईसी 427 को अपहरणकर्ता से छुड़ा लिया था. 

3. अक्षरधाम मंदिर हमला (2002): गुजरात के गांधीनगर में अक्षरधाम मंदिर पर आंतकवादियों ने हमला किया था. उनसे निपटने के लिए एनएसजी ने स्पेशल ऑपरेशन चलाया था, जिसमें उसके कमांडोज् ने हमले में शामिल आतंकवादियों को मार गिराया और कई बंधकों को उनके चंगुल से बचाया था. 

4. 26/11 मुंबई हमला (2008): आतंकवादियों ने मुंबईके ताज महल पैलेस होटल, ओबेरॉय ट्राइडेंट होटल, नरीमन हाउस और अन्य जगहों पर हमले किए थे. तब एनएसजी के कमांडोज् ने आतंकियों से लोहा लिया था. यह ऑपरेशन कई दिनों तक चला और इसमें आतंकवादियों के साथ भीषण मुठभेड़ हुई थी.