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(X/rashtrapatibhvn)
ग्रुप कैप्टन और एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला को देश के सबसे बड़े सैन्य मेडल (शांतिकालीन) अशोक चक्र से सम्मानित किया गया है. 26 जनवरी के खास मौके पर देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुभांशु को अशोक चक्र से सम्मानित किया. इस बीच लोगों के मन में सवाल आता है कि आखिर ये अशोक चक्र क्या होता है और इसकी अहमियत कितनी है. आइये आज इस बारे में ही जानते हैं…
क्या होता है अशोक चक्र
अशोक चक्र भारत का सर्वोच्च शांति-कालीन वीरता पुरस्कार है. ये सैनिकों के साथ-साथ पुलिस और पैरामिलिट्री सहित अन्य सुरक्षाबलों के जवानों को युद्ध के मैदान से दूर बलिदान और आसाधारण साहस दिखाने के लिए दिया जाता है. खास बात है कि एक आम नागरिक भी इस पुरस्कार के लिए हकदार हैं. अशोक चक्र को ही कर्तव्य चक्र भी कहा जाता है. अशोक चक्र की 24 तीलियां जीवन के धर्म और निरंतर विकास का संदेश देता है.
क्यों शुभांशु शुक्ला को दिया गया अशोक चक्र
एयरफोर्स अधिकारी शुभांशु शुक्ला महज 41 साल के हैं लेकिन उनकी जितनी उपलब्धियां हासिल करने में लोगों को पूरी जिंदगी कम पड़ जाती है. शुक्ला चार गगनयात्रियों में से एक है, जिन्हें गगनयान मिशन के लिए चुना गया है. शुक्ला जून 2025 में नासा के प्राइवेट स्पेसफ्लाइट मिशन, एक्सिओम मिशन 4 का हिस्सा थे. इस मिशन के तहत, शुक्ला इंटरनेशल स्पेस स्टेशन भी गए थे. शुक्ला आईएसएस जाने वाले देश के पहले भारतीय हैं. ISS का दौरा करने और हाई-स्टेक एक्सिओम मिशन 4 को संभालने के दौरान उनकी असाधारण बहादुरी और अनुकरणीय साहस के लिए भारत सरकार ने उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किया है. वे स्पेसएक्स ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट के पायलट थे. इस जोखिम भरे मिशन में उनके प्रेजेंस ऑफ माइंड, साहस और प्रतिबद्धता के लिए ही उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किया गया.
On the occasion of Republic Day 2026, President Droupadi Murmu confers India’s highest peacetime gallantry award, the Ashok Chakra, upon Group Captain Shubhanshu Shukla, who made history as the first Indian to set foot on the International Space Station. Group Captain Shukla has… pic.twitter.com/2jRraeYFja
— President of India (@rashtrapatibhvn) January 26, 2026
शुभांशु से पहले इन्हें मिला सम्मान
शुभांशु देश के दूसरे अंतरिक्ष यात्री हैं, जिन्हें अशोक चक्र से सम्मानित किया गया है. शुभांशु से पहले विंग कमांडर राकेश शर्मा को अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था. राकेश शर्मा देश के पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने स्पेस का दौरा किया था.
अशोक चक्र विजेताओं को मिलती है ये सुविधाएं
अशोक चक्र विजेता को केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा विभिन्न प्रकार की सुविधाएं और मौद्रिक लाभ दिए जाते हैं, आइये जानते हैं उनके बारे में…
नकद पुरस्कार/अनुदान- विभिन्न राज्य सरकारें अपने नियमों और विवेक के अनुसार एकमुश्त नकद राशि प्रदान करती हैं. हर राज्य अलग-अलग प्रकार से पैसे देते हैं. जैसे- हरियाणा सरकार अशोक चक्र विजेता को 1 करोड़ तक की एकमुश्त राशि देती है.
मासिक भत्ता/पेंशन- केंद्र सरकार विजेताओं को हर माह तय भत्ता देती है.
यात्रा सुविधाएं- अशोक चक्र विजेताओं को भारतीय रेलवे एक्जीक्यूटिव क्लास में मुफ्त यात्रा की सुविधा देती है, जिसमें वे अपने साथ एक साथी को ले जा सकते हैं. हवाई यात्रा पर भारतीय एयरलाइंस भी छूट प्रदान करती है.
अन्य सरकारी लाभ- सरकारी टेलीफोन सेवा के लिए विजेता को कोई रजिस्ट्रेशन या फिर इंस्टॉलेशन शुल्क नहीं देना होता है. उन्हें अन्य तरह के सरकारी लाभ भी दिए जाते हैं.
शिक्षा और चिकित्सा लाभ- विजेताओं और उनके परिवारों को चिकित्सा और शिक्षा से जुड़े लाभ भी दिए जाते हैं.
यूपी के नागरिक को मिलती है ये सुविधाएं
शुभांशु शुक्ला उत्तर प्रदेश के नागरिक हैं. ऐसे में उन्हें क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी, आइये जानते हैं…
- उत्तर प्रदेश सरकार अशोक चक्र विजेताओं को ₹32.3 लाख का एकमुश्त भुगतान करती है.
- विजेताओं को ₹1.56 लाख रुपये प्रति माह का Stipend भी दिया जाता है.
- अशोक चक्र विजेता और उनके परिजनों को राज्य सरकार की योजनाओं से संबंधित अन्य लाभ दिए जाते हैं.
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