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प्रतिकात्मक फोटो (AI IMAGE)
Mossad Khamenei assassination plan: इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने तेहरान के ट्रैफिक कैमरों में सेंध लगाकर अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या का ब्लूप्रिंट तैयार किया था. मंगलवार को ये खुलासा हुआ है, इजरायल सालों से ट्रैफिक कैमरों में सेंध लगाए हुए था. 28 फरवरी 2026 को हुए इजरायल ने हवाई हमले किए लेकिन इससे पहले ही मोसाद ने 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' के तहत पूरे शहर के ट्रैफिक कैमरों को हैक कर लिया था.
जानकारी के अनुसार इन कैमरों की फुटेज को एन्क्रिप्टेड तरीके से तेल अवीव और दक्षिणी इजरायल के सर्वर्स पर ट्रांसमिट किया जाता था जहां AI टूल्स से डेटा का विश्लेषण होता था. जिसके बाद खामेनई की हत्या की पूरी प्लानिंग की गई थी.
🚨BREAKING: Israel tracked Khamenei's movements years ago by hacking into traffic cameras and mobile networks, using advanced data analysis to map patterns of life around Khamenei – Financial Times.
— Vivid.🇮🇱 (@VividProwess) March 3, 2026
Is there anything Israel can’t do? pic.twitter.com/RS4WcgZHSL
इजराइल की सिग्नल इंटेलिजेंस यूनिट 8200 ने किया पूरा ऑपरेशन
मोसाद का प्लान बेहद बारीकी से बनाया गया था, जिससे किसी तरह की कोई चूक न हो. खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार पहले इजराइल की सिग्नल इंटेलिजेंस यूनिट 8200 ने ईरानी ट्रैफिक सिस्टम के सॉफ्टवेयर में बैकडोर इंसर्ट किए. जहां वायरस जैसे मालवेयर कैमरों के फर्मवेयर में इंजेक्ट किए गए.
खामेनेई के कंपाउंड के सामने लगी थी मोसाद की तीसरी 'आंख'
जानकारी के अनुसार मोसाद ने कैमरों की IP एड्रेस को स्पूफ करके ईरानी नेटवर्क को बेवकूफ बनाया ताकि किसी को कोई संदेह न हो. एक खास कैमरा जो खामेनेई के कंपाउंड के सामने था और सिक्योरिटी गार्ड्स की कारों की पार्किंग को कैप्चर करता था उससे जानकारी जुटाई गई इस कैमरे से मोसाद को पता चलता रहता था कि कब, किन लोगों के साथ और किस वाहन में सुप्रीम लीडर मीटिंग के लिए आते जाते थे.
नेटवर्क्स में पेनेट्रेशन के जरिए खामेनेई के बॉडीगार्ड्स के लोकेशन की गई ट्रैक
जानकारी के अनुसार मोबाइल फोन नेटवर्क्स में पेनेट्रेशन के जरिए खामेनेई के बॉडीगार्ड्स के लोकेशन ट्रैक किए गए. इंटरनेशनल मीडिया के अनुसार AI अल्गोरिदम ने पैटर्न एनालिसिस किए, जैसे गार्ड्स की मूवमेंट, कॉल पैटर्न और सिग्नल स्ट्रेंथ आदि इसके बाद हमले के दिन पास्तूर स्ट्रीट पर सेलुलर सर्विस को डिसरप्ट किया गया ताकि कोई वार्निंग न पहुंच सके.
मोसाद ने CIA से किया डेटा शेयर और ​फिर हुआ...
पूरी जानकारी जुटाने के बाद मोसाद ने CIA से डेटा शेयर किया जिसके बाद खामेनेई को मौत की नींद सुलाने के लिए 30 मिसाइलों का प्रिसिजन स्ट्राइक प्लान हुआ. बताया जा रहा है कि यह ऑपरेशन एक या दो दिन नहीं 25 सालों की तैयारी का नतीजा था जहां ह्यूमन सोर्सेस ने भी ग्राउंड इंटेल दी. जिसके बाद खामेनेई समेत कई टॉप लीडर्स को एक झटके में दफन कर दिया गया.
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