Explainer: मकर संक्रांति और पतंगबाज़ी, कैसे खुशियों को मातम में बदल रहा चाइनीज मांझा

Explainer: मकर संक्रांति भारत के सबसे रंगीन और उत्साह से भरे त्योहारों में से एक है. इस दिन आसमान पतंगों से भर जाता है लेकिन बीते कुछ वर्षों में इस खुशी पर एक खतरनाक साया मंडराने लगा है चाइनीज मांझा. आइए जानते हैं कैसे ये मांझा मौत की डोर बन गया.

Explainer: मकर संक्रांति भारत के सबसे रंगीन और उत्साह से भरे त्योहारों में से एक है. इस दिन आसमान पतंगों से भर जाता है लेकिन बीते कुछ वर्षों में इस खुशी पर एक खतरनाक साया मंडराने लगा है चाइनीज मांझा. आइए जानते हैं कैसे ये मांझा मौत की डोर बन गया.

author-image
Dheeraj Sharma
New Update
Killer Chinesse Manja

Explainer: मध्य प्रदेश के देवास जिले में हाल में पुलिस की ओर से एक चेतावनी जारी की गई. ये चेतावनी मकर संक्रांति के त्योहार पर होने वाले पतंगबाजी को लेकर थी. दरअसल पतंगबाजी के दौरान कई लोग चाइनीज मांझे का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन ये चाइनीज मांझा खुशियों को मातम में बदल रहा है. कई लोगों और यहां तक की पक्षियों की भी जान ले चुका है. यही वजह है कि पुलिस ने देवास में चाईनीज मांझा बेचने वाले 2 लोगों को गिरफ्तार भी किया. वहीं लोगों को इसके इस्तेमाल न करने की सलाह भी दी है. लेकिन ये चाईनीज मांझा है क्या? कैसे ये मौत की डोर बनती जा रही है और इसके इस्तेमाल में सजा का क्या प्रावधान है. देसी मांझे और चाइनीज मांझे में क्या अंतर है. कुछ ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब जानेंगे अपने इस खास लेख में. 

Advertisment

मकर संक्रांति भारत के सबसे रंगीन और उत्साह से भरे त्योहारों में से एक है. इस दिन आसमान पतंगों से भर जाता है और छतों पर उल्लास दिखाई देता है. लेकिन बीते कुछ वर्षों में इस खुशी पर एक खतरनाक साया मंडराने लगा है चाइनीज मांझा, जिसे अब 'मौत की डोर' कहा जाने लगा है. यह सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि पक्षियों और पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा बन चुका है.

चाइनीज मांझा कैसे बन रहा 'मौत की डोर'?

चाइनीज मांझा सामान्य सूती धागे से अलग होता है. इसे नायलॉन, प्लास्टिक या सिंथेटिक फाइबर से बनाया जाता है. इस धागे पर कांच के बारीक कण, केमिकल पाउडर और चिपकने वाले घोल की परत चढ़ाई जाती है, जिससे यह बेहद तेज़ और मजबूत बन जाता है.

यही मजबूती इसे जानलेवा बनाती है. तेज रफ्तार में बाइक या स्कूटर सवार के गले पर पड़ते ही यह मांझा रेजर ब्लेड की तरह काट देता है. कई मामलों में लोगों की जान तक चली गई है. यह मांझा आसानी से टूटता भी नहीं, इसलिए हादसे की आशंका और बढ़ जाती है.

इंसानों के लिए कितना खतरनाक?

मकर संक्रांति के आसपास हर साल चाइनीज मांझे से जुड़ी दुर्घटनाओं की खबरें सामने आती हैं. दोपहिया वाहन चालकों, बच्चों और पैदल चलने वालों के लिए यह सबसे बड़ा खतरा है.

- गले, चेहरे और हाथों पर गहरे कट

- नस कटने से गंभीर रक्तस्राव

- कई मामलों में स्थायी विकलांगता या मौत

- यह सिर्फ 'दुर्घटना' नहीं, बल्कि लापरवाही से पैदा हुआ खतरा है.

पक्षियों के लिए क्यों बनता है जानलेवा?

चाइनीज मांझा पक्षियों के लिए और भी ज्यादा घातक है। पतंग उड़ाने के बाद यह मांझा हवा में या पेड़ों पर लटकता रह जाता है. पक्षी उड़ते समय इसमें उलझ जाते हैं.

- पंख कट जाते हैं

- गर्दन और पैरों में गहरे जख्म

- कई पक्षी तड़प-तड़प कर मर जाते हैं

खासकर कबूतर, चील और कौवे इसके सबसे ज्यादा शिकार बनते हैं. पशु प्रेमी संगठनों के अनुसार, त्योहारों के बाद घायल पक्षियों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है.

Chineese Manja par saja

चाइनीज मांझा बेचने पर क्या है सजा?

भारत के कई राज्यों में चाइनीज मांझा पूरी तरह प्रतिबंधित है. इसके बावजूद चोरी-छिपे इसकी बिक्री होती है. कानून के तहत...

- चाइनीज मांझा बनाना, बेचना या इस्तेमाल करना अपराध है

- दोषी पाए जाने पर जुर्माना और जेल दोनों हो सकते हैं

- कुछ राज्यों में पर्यावरण संरक्षण कानून और आपदा प्रबंधन कानून के तहत भी कार्रवाई की जाती है

- यह सिर्फ कानून तोड़ने का मामला नहीं, बल्कि जान जोखिम में डालने जैसा अपराध है.

- कानून के तहत धारा 188 के अंतर्गत संबंधित व्यक्ति पर कार्रवाई का प्रावधान है. 

- 1000 रूपये की जुर्माना या किसी एक अवधि से 6 महीने तक के कारावास की सजा का भी प्रावधान
(जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर)

chinese manja vs desi

मकर संक्रांति पर जिम्मेदारी भी जरूरी

मकर संक्रांति सिर्फ पतंग उड़ाने का नहीं, बल्कि सूर्य, प्रकृति और जीवन के सम्मान का पर्व है. अगर हमारी खुशी किसी और की जान ले ले, तो उस उत्सव का कोई अर्थ नहीं रह जाता.

जरूरत है...

- चाइनीज मांझे से पूरी तरह दूरी बनाई जाए

- बच्चों को इसके खतरों के बारे में बताया जाए

- देसी और सुरक्षित विकल्पों को बढ़ावा दिया जाए

- घायल पक्षियों की मदद के लिए स्थानीय हेल्पलाइन से संपर्क किया जाए

चाइनीज मांझा मनोरंजन नहीं, बल्कि एक छिपा हुआ खतरा है. मकर संक्रांति की असली मिठास तभी बरकरार रह सकती है, जब पतंगबाजी सुरक्षित, संवेदनशील और जिम्मेदार हो. इस त्योहार पर संकल्प लें कि खुशी की डोर किसी की जिंदगी न काटे.

Explainer
Advertisment