बांग्लादेश चुनाव 2026: वोटिंग से पहले तारिक रहमान की ‘संवाद राजनीति’ चर्चा में, क्या निर्वासन से वापसी करा पाएगी?

Explainer: बांग्लादेश में 13वीं संसद के लिए 12 फरवरी 2026 को मतदान होना है. चुनाव प्रचार आज सुबह 7:30 बजे औपचारिक रूप से समाप्त हो गया. अंतिम चरण तक आते-आते राजनीतिक तापमान चरम पर रहा

Explainer: बांग्लादेश में 13वीं संसद के लिए 12 फरवरी 2026 को मतदान होना है. चुनाव प्रचार आज सुबह 7:30 बजे औपचारिक रूप से समाप्त हो गया. अंतिम चरण तक आते-आते राजनीतिक तापमान चरम पर रहा

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Dheeraj Sharma
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Bangladesh Election 2026

Explainer: बांग्लादेश में 13वीं संसद के लिए 12 फरवरी 2026 को मतदान होना है. चुनाव प्रचार आज सुबह 7:30 बजे औपचारिक रूप से समाप्त हो गया. अंतिम चरण तक आते-आते राजनीतिक तापमान चरम पर रहा, लेकिन इस बार सबसे ज्यादा चर्चा बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चेयरपर्सन तारिक रहमान की अलग शैली की चुनावी रणनीति को लेकर रही. तारिक रहमान ने ताबड़तोड़ रैलियां कीं, उनकी संवाद राजनीति काफी सुर्खियां भी बटोरी, लेकिन क्या उनका ये दांव उन्हें निर्वासन से वापसी दिलाने में  कामयाब होगा? 

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19 दिन, 64 रैलियां और सीधा संवाद

तारिक रहमान ने पारंपरिक भाषणों से हटकर ‘इंटरैक्टिव कैंपेन’ का रास्ता अपनाया. 22 जनवरी को सिलहट से शुरू हुए अभियान के दौरान उन्होंने 19 दिनों में 64 रैलियां कीं. इन सभाओं में वे अक्सर आम लोगों को मंच पर बुलाते, उनसे सवाल पूछते और उनकी समस्याएं सुनते नजर आए.

सुनामगंज के शांतिगंज निवासी एटीएम हेलाल को सिलहट रैली में मंच पर बुलाकर धार्मिक सवाल-जवाब का सिलसिला शुरू करना इसी शैली का उदाहरण था। भीड़ की सहभागिता से उन्होंने अपने संदेश को सीधे जनता तक पहुंचाने की कोशिश की.

ढाका, चटगांव, राजशाही, मयमंसिंह, बोगुरा और कमिला सहित कई प्रमुख शहरों में आयोजित रैलियों में यह शैली लगातार देखने को मिली. तारिक विशेष बस और हेलीकॉप्टर से चुनावी दौरे करते रहे.

परिवार के साथ मैदान में

तारिक ने इस चुनाव में खुद को ‘परिवार वाले नेता’ के रूप में प्रस्तुत किया. उनकी पत्नी जुबैदा रहमान कई सभाओं में मौजूद रहीं, हालांकि उन्होंने भाषण नहीं दिया. उनकी बेटी जैमा रहमान महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय दिखीं.  कभी परिवार का रिक्शा से जनता के बीच जाना तो कभी मंच से सीधे संवाद इन प्रतीकों ने अभियान को भावनात्मक रंग दिया.

अतीत की गलतियों पर माफी

10 फरवरी को सरकारी चैनल BTV पर अंतिम संबोधन में तारिक रहमान ने BNP के पिछले कार्यकाल की गलतियों के लिए खेद जताया. उन्होंने कहा कि यदि अनजाने में कोई त्रुटि हुई हो तो वे दिल से माफी मांगते हैं और अतीत से सीखकर नई पीढ़ी के लिए सुरक्षित भविष्य बनाने का संकल्प लेते हैं.

BNP के वरिष्ठ नेता रुहुल कबीर रिजवी ने इसे “नई राजनीति” करार दिया, जबकि ढाका विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एसएम शमीम रजा ने डिजिटल युग और युवा मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए इसे आधुनिक चुनावी रणनीति बताया.

निर्वासन से वापसी और पहली परीक्षा

57 वर्षीय तारिक रहमान 17 वर्षों के बाद 20 दिसंबर 2025 को ब्रिटेन से लौटे. उनकी मां और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के निधन के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में वापसी का निर्णय लिया. यह उनका पहला संसदीय चुनाव है. वे ढाका-17 और बोगुरा-6 सीटों से उम्मीदवार हैं. 

बांग्लादेश में कुल 12.77 करोड़ मतदाता हैं। BNP शांति, कानून-व्यवस्था और सहिष्णुता को अपना प्रमुख एजेंडा बता रही है. अब निगाहें 12 फरवरी पर टिकी हैं क्या ‘संवाद आधारित’ यह चुनावी प्रयोग बांग्लादेश की राजनीति में नया अध्याय लिखेगा, इसका फैसला जनता करेगी. 

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