News Nation Logo

BREAKING

RSS की शाखाओं से निकले ये स्‍वयंसेवक आज भारतीय राजनीति के कोहिनूर, देखें पीएम मोदी से लेकर अमित शाह तक की कहानी

रामनाथ कोविंद (Ramnath Kovind) आज भारत के राष्‍ट्रपति हैं तो उपराष्‍ट्रपति वेंकैया नायडू (Venkaiah Naidu) का भी बचपन संघ (RSS) की शाखाओं में गुजरा.

By : Drigraj Madheshia | Updated on: 09 Oct 2019, 12:50:47 PM
संघ के आंगन से निकले ये नेता

संघ के आंगन से निकले ये नेता (Photo Credit: न्‍यूज स्‍टेट)

नई दिल्‍ली:

27 सितंबर 1925 को विजयदशमी के दिन नागपुर में मोहितो का बाड़ा नामक स्‍थान पर राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (RSS) की स्‍थापना के बाद जहां देश के 3 शीर्ष संवैधानिक पदों पर इसके स्‍वयंसेवक आसीन हैं तो वहीं कई ऐसे स्‍वयंसेवक भी जो संघ के आंगन से निकलकर बड़ी जिम्‍मेदारी निभा रहे हैं. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी पहले ऐसे स्‍वयंसेवक थे जो प्रधानमंत्री बने. वहीं दूसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा कर रहे पीएम नरेंद्र मोदी भी संघ की शाखाओं से निकले हैं. वहीं संघ (RSS) के स्‍वयंसेवक और इसके विचारों से प्रभावित रामनाथ कोविंद (Ramnath Kovind) आज भारत के राष्‍ट्रपति हैं तो उपराष्‍ट्रपति वेंकैया नायडू (Venkaiah Naidu) का भी बचपन संघ (RSS) की शाखाओं में गुजरा. आइए जानें वो संघ के वो कौन-कौन से स्‍वयंसेवक हैं जो भारतीय राजनीति में अपनी अलग छाप छोड़ी है...

यह भी पढ़ेंः हरियाणा विधानसभा चुनावः 12 चुनाव और 14 गुनी हो गई महिला प्रत्‍याशियों की संख्या

रामनाथ कोविंद (Ramnath Kovind) भी संघ (RSS) की पृष्ठभूमि से आए. 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद रामनाथ कोविंद (Ramnath Kovind) तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरार जी देसाई के निजी सचिव बने. इसके बाद वे बीजेपी नेतृत्व के संपर्क में आए और संघ (RSS) से जुड़ गए. साल 1993 और 1999 दो बार राज्यसभा भी रहे. दलित तबकों के लिए लगातार काम किया और बीजेपी के दलित मोर्चा के अध्यक्ष भी रहे. आज वे देश के राष्ट्रपति हैं.

यह भी पढ़ेंः महाराष्ट्र विधानसभा चुनावः किसके पास सत्‍ता की चाबी, विदर्भ, पश्‍चिम महाराष्‍ट्र या मराठवाड़ा?

उपराष्‍ट्रपति वेंकैया नायडू (Venkaiah Naidu) की जिंदगी भी कुछ ऐसे ही गुजरी है. उपराष्ट्रपति नायडू छात्र जीवन के समय 70 के दशक में आरएसएस से जुड़े थे. वे संघ (RSS) कार्यालय में ही सोते थे. इस दौरान उनकी पहचान बतौर आंदोलनकारी छात्र के रूप में हो गयी थी. वेंकैया ने 1972 में जय आंध्र आंदोलन में भाग लिया था. इसके बाद 1973 से 74 तक आंध्र प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्र संघ (RSS) अध्यक्ष भी रहे थे. जमीनी स्तर से काम करते हुए नायडू ने आज इस सर्वोच्च पद तक अपनी जगह बनाई है.

यह भी पढ़ेंः पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के प्रति बदल गया अरविंद केजरीवाल ( Arvind Kejariwal) का नजरिया, जानें कैसे

नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने 17 साल की उम्र में 1967 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की सदस्यता ली. संघ (RSS) प्रचारक के रूप में काम करने के दौरान संघ (RSS) के राजनैतिक विंग के रूप में काम करने वाली बीजेपी ने 2001 में उन्हें गुजरात का सीएम बनाया. 2013 में मोदी (PM Narendra Modi) ने दिल्ली की सियासत का रुख किया और 2014 में बंपर जीत के साथ पूर्ण बहुमत की बीजेपी सरकार बनी. मोदी (PM Narendra Modi) का जादू 2019 में भी चला. अब मोदी (PM Narendra Modi) बीजेपी की जीत का दूसरा नाम बन चुके हैं.

अमित शाह (Amit Shah) 

16 वर्ष की आयु तक वह अपने पैत्रक गांव मान्सा, गुजरात में ही रहे और वहीं स्कूली शिक्षा प्राप्त की. इसके बाद उनका परिवार अहमदाबाद चला गया. वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राष्ट्रीयवादी भावना तथा उनके दृष्टांत से प्रेरित होकर अहमदाबाद में संघ के एक सक्रिय सदस्य बन गए. यह कदम उनके जीवन का एक ऐसा कदम था जिसने उनका जीवन सदा के लिए परिवर्तित कर दिया एवं उन्हें भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व की प्रभावशाली यात्रा की और उन्मुख किया.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में शामिल होने के बाद अमित भाई ने संघ की विद्यार्थी शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (ABVP) के लिए चार वर्ष तक कार्य किया. इसके बाद संघ की राजनितिक शाखा बन कर उभरी भाजपा में अमित शाह की एंट्री 1984-85 में हुई. उन्हें अहमदाबाद के नारायणपुर वार्ड में पोल एजेंट का पहला दायित्वा सौंपा गया. पोलिंग एजेंट से पार्टी अध्‍यक्ष का दायित्‍व निभा चुके अमित शाह के ही नेतृत्‍व में बीजेपी कई राज्‍यों में अपना परचम लहराते हुए 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में प्रचंड बहुमत हासिल की. शाह अब गृहमंत्री हैं और उन्‍होंने जम्‍मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 नामक कांटा चंद मिनटों मे निकाल दिया.

राजनाथ सिंह

देश के रक्षामंत्री के रूप में काम कर रहे राजनाथ सिंह भी संघ की शाखाओं से निकले हैं. बनारस के पास चंदौली जिले में जन्मे राजनाथ सिंह में कदम रखने से पहले मिर्जापुर के कालेज में प्रोफेसर रहे हैं. लेकिन बचपन से संघ के आंगन में पले बढ़े हैं. 10 जुलाई 1951 को जन्‍मे राजनाथ ने गोरखपुर विश्‍वविद्यालय से भौतिकी विषय में प्रोस्‍ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है. 1991 में उन्‍होंने बतौर शिक्षा मंत्री एंटी-कॉपिंग एक्‍ट लागू करवाया था. राजनाथ सिंह 20 अक्‍टूबर 2000 में राज्‍य के मुख्‍यमंत्री बने. वाजपेयी की अगुवाई वाली एनडीए की सरकार में राजनाथ सिंह को कृषि मंत्री बनाया गया था. इसके बाद 2014 में नरेंद्र मोदी की सरकार बनी तो देश के गृह मंत्री बने और अब रक्षामंत्री हैं.

संघ के बारे में जानें 

27 सितंबर 1925 को विजयदशमी के दिन नागपुर में मोहितो का बाड़ा नामक स्‍थान पर राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (RSS) की स्‍थापना हुई. महज 5 लोगों से शुरू हुआ यह संगठन इस साल विजयदशमी के दिन संघ (RSS) अपने 94 साल पूरे कर लेगा और 2025 में ये संगठन 100 साल का हो जाएगा. दुनिया के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना प्रथम सरसंघ चालक केशव बलराम हेडगेवार ने की थी.

यह भी पढ़ेंःअगर बैंक गया डूब (Bank Default) तो आपका जमा पैसा ( Saving Amount) मिलेगा या नहीं, 5 Point में जानें यहां

94 साल पहले किसी ने नहीं सोचा होगा कि देश के सर्वोच्‍च संवैधानिक पदों को राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ (RSS) के स्‍वयंसेवक सुशोभित करेंगे. वह भी तब जब देश का एक बड़ा वर्ग संघ (RSS) के हमेशा खिलाफ रहता है. गांधी की हत्‍या और आपात काल समेत संघ (RSS) पर 3 बार प्रतिबंध लगा, लेकिन संघ (RSS) अपने कार्यों से लोगों के दिलों में जगह बनाने में कामयाब रहा.

ये भी रहे हैं RSS के स्‍वयंसेवक

  • एकनाथ रानडे
  • मनोहर पर्रिकर
  • नितिन गडकरी
  • मुरली मनोहर जोशी
  • विजय रूपाणी
  • देवेंद्र फडणवीस
  • राम माधव

For all the Latest Specials News, Exclusive News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.

First Published : 08 Oct 2019, 01:50:22 PM

Related Tags:

RSS Vijayadashmi PM Modi