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लंबित प्रमोशन के खिलाफ आरएमएल नर्सों का विरोध

लंबित प्रमोशन के खिलाफ आरएमएल नर्सों का विरोध

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 09 Sep 2021, 06:05:01 PM
Ram Manohar

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

नई दिल्ली: राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल, नई दिल्ली की नर्सों ने सालों से अपनी लंबित प्रमोशन के इंतजार से तंग आकर गुरुवार सुबह अस्पताल प्रशासन के सामने अपनी मांगों को रखने के लिए प्रदर्शन किया।

एक सितंबर से विरोध कर रही नर्सों की तीन मुख्य मांगें हैं- लंबे समय से लंबित प्रमोशन प्रक्रिया को तत्काल पूरा करना, नसिर्ंग कैडर में वरिष्ठ पदोन्नति पदों की सीधी भर्ती नहीं होना और नसिर्ंग कैडर की आउटसोसिर्ंग नहीं करना।

इस (आरएमएल) अस्पताल में लोग 20-25 वर्षों से प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं। उप नसिर्ंग अधीक्षक और सहायक नसिर्ंग अधीक्षक जैसे वरिष्ठ पद 100 प्रतिशत और 72 प्रतिशत खाली पड़े हैं। हम पिछले 5 वर्षों से इस मुद्दे पर अस्पताल प्रशासन को लिख रहे हैं, लेकिन हमारी सभी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है।

उन्होंने कहा, नर्सों को उनके मूल अधिकारों से वंचित किया जा रहा है, जिससे अस्पताल का सुचारू संचालन प्रभावित हो रहा है। विरोध के बाद इस साल मई-जून में इसके वरिष्ठ पद खाली हो गए।

इस बीच, लेडी हाडिर्ंग मेडिकल कॉलेज, कलावती सरन चिल्ड्रन हॉस्पिटल, श्रीमती सुचेता कृपलानी अस्पताल और सफदरजंग अस्पताल में अखिल भारतीय सरकारी नर्स महासंघ से संबद्ध दिल्ली नर्स यूनियन कुछ समर्थन के साथ आरएमएल में नर्सों के आंदोलन में शामिल हो गई है। जमीन पर और अन्य लोगों ने एकजुटता व्यक्त करने के लिए काम करने के लिए काला बैज लगाया।

उपर्युक्त अस्पतालों द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि 9 सितंबर से नर्सें काले बैज के साथ काम करेंगी और अस्पताल में मरीजों की देखभाल में बाधा डाले बिना आरएमएल अस्पताल की साथी नर्सों के चल रहे आंदोलन में अपना समर्थन दर्ज कराएंगी।

पत्र में आगे उल्लेख किया गया है कि यह बहुत दुखद है कि आरएमएल अस्पताल प्रशासन द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसा लगता है कि नर्सें अस्पताल के लिए महत्वपूर्ण नहीं हैं। अब केंद्र सरकार के अन्य अस्पतालों की नर्सों को अपने हाथ मजबूत करने के लिए आंदोलन में शामिल होना पड़ रहा है क्योंकि प्रशासन के कठोर व्यवहार के कारण उनके पास कोई विकल्प नहीं बचा है।

नाम ना छापने की शर्त पर एआईजीएनएफ के एक सदस्य ने कहा कि हर बार जब उन्होंने एक पत्र भेजा, तो प्रशासन ने उन्हें 30 दिनों के भीतर मांगों पर काम करने का आश्वासन दिया, लेकिन अभी तक जमीन पर कुछ भी नहीं हुआ है। हम विरोध जारी रखेंगे और काले रंग के साथ काम करेंगे। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जाती हैं, तब तक बैज लगाएंगे।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 09 Sep 2021, 06:05:01 PM

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