News Nation Logo
कोरोना के नए वैरिएंट ओमीक्रॉम का खतरा बढ़ा, 30 देशों तक फैला वायरस ओमिक्रॉन पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी जानकारी 66 और 46 साल के दो मरीज आइसोलेशन में रखे गए भारत में ओमीक्रॉन वायरस की पुष्टि कर्नाटक में मिले ओमीक्रॉन के 2 मरीज सीएम योगी आदित्यनाथ ने प. यूपी को गुंडे-माफियाओं से मुक्त कराकर उसका सम्मान लौटाया है: अमित शाह जहां जातिवाद, वंशवाद और परिवारवाद हावी होगा, वहां विकास के लिए जगह नहीं होगी: योगी आदित्यनाथ पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में देश में चक्रवात से संबंधित स्थिति पर हुई समीक्षा बैठक प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों का एयरपोर्ट पर RT-PCR टेस्ट किया जा रहा है: सत्येंद्र जैन दिल्ली में पिछले कुछ महीनों से कोविड मामले और पॉजिटिविटी रेट काफी कम है: सत्येंद्र जैन आंदोलनकारी किसानों की मौत और बढ़ती महंगाई के मुद्दे पर विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा में नारेबाजी की दिल्ली में आज भी प्रदूषण का स्तर काफी खराब, AQI 342 पर पहुंचा बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने बैठकर गाया राष्ट्रगान, मुंबई BJP के एक नेता ने दर्ज कराई FIR यूपी सरकार ने भी ओमीक्रॉन को लेकर कसी कमर, बस स्टेशन- रेलवे स्टेशन पर होगी RT-PCR जांच

भारत में डेटा विज्ञान प्रतिभा को काम पर रखने में भारी आपूर्ति का अंतर : अध्ययन

भारत में डेटा विज्ञान प्रतिभा को काम पर रखने में भारी आपूर्ति का अंतर : अध्ययन

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 19 Oct 2021, 03:50:01 PM
Maive upply

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

नई दिल्ली: जब प्रतिभा की बात आती है तो डेटा साइंस उद्योग में आपूर्ति में भारी अंतर देखा जा रहा है, जिसमें 92 प्रतिशत हायरिंग मैनेजर्स को कमी का सामना करना पड़ा है। हायरिंग ट्रेंड पर एक अध्ययन में इसकी जानकारी मिली है।

ग्रेट लनिर्ंग द्वारा किया गया अध्ययन एडटेक कंपनी के डेटा साइंस स्पेस में हायरिंग ट्रेंड, डेटा साइंस प्रोफेशनल्स की बढ़ती मांग और इंडस्ट्री में स्किल गैप पर स्पॉटलाइट डालता है।

प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण (एनएलपी) के क्षेत्र में सबसे बड़ी कौशल कमी की पहचान 15 प्रतिशत हायरिंग मैनेजरों द्वारा की गई, इसके बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (12 प्रतिशत), ऑटोमेशन (11 प्रतिशत), कंप्यूटर विजन (10 प्रतिशत), एनालिटिक्स (9 प्रतिशत) और मशीन लनिर्ंग (7 प्रतिशत) का स्थान रहा।

सर्वेक्षण किए गए हायरिंग मैनेजरों में से आधे से कुछ अधिक ने बी2बी उद्यमों का प्रतिनिधित्व किया, लगभग एक-चौथाई ने बी2सी कंपनियों का प्रतिनिधित्व किया और बाकी में सरकार और अन्य शामिल थे। बीएफएसआई जैसे उद्योग क्षेत्रों में आईटी/आईटीईएस, खुदरा, ई-कॉमर्स, दूरसंचार, इंजीनियरिंग और विनिर्माण के बाद सबसे अधिक प्रतिनिधित्व (21 प्रतिशत) था।

लगभग 57 प्रतिशत का मानना था कि आपूर्ति और मांग के बीच का अंतर प्रवेश स्तर/नए स्तर पर मौजूद है, जबकि 27 प्रतिशत काम पर रखने वाले प्रबंधकों का मानना है कि टीम के नेतृत्व और परियोजना प्रबंधन की मध्य-स्तर की भूमिकाओं में प्रतिभा का अंतर मौजूद है, जो आवश्यकता को उजागर करता है।

अध्ययन में यह भी पाया गया है कि डेटा साइंस डोमेन में लिंग समानता की कमी एक मुद्दा है, जैसे यह व्यापक तकनीकी डोमेन के साथ है।

बेंगलुरू (54 प्रतिशत) एक बार फिर डेटा साइंस में प्रतिभा को काम पर रखने के लिए अग्रणी शहर के रूप में उभरा है, इसके बाद हैदराबाद 15 प्रतिशत है।

दिल्ली एनसीआर और पुणे के बीपीओ और केपीओ हब को क्रमश: 9 प्रतिशत और 6 प्रतिशत, मुंबई और चेन्नई को प्राथमिकता दी गई, जिन्हें 5 प्रतिशत ने प्राथमिकता दी।

ग्रेट लर्निग के सह-संस्थापक हरि कृष्णन नायर ने एक बयान में कहा, इस अध्ययन का उद्देश्य डेटा साइंस स्पेस में प्रमुख रुझानों को प्रकाश में लाना था, जो उभरते पेशेवरों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप अपने करियर पथ की योजना बनाने में मदद कर सकते हैं और अंतर्निहित प्रतिभा अंतर को दूर करने के लिए संगठनों द्वारा उठाए गए कदमों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, हर उद्योग डिजिटल परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, एनएलपी, एआईएमएल, बिग डेटा और ऑटोमेशन जैसे डेटा साइंस फंक्शंस की मांग अब तक के उच्चतम स्तर पर है। समय की आवश्यकता हमारे शिक्षा मानकों को बढ़ाने और हमारे कर्मचारियों को बढ़ाने की है।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 19 Oct 2021, 03:50:01 PM

For all the Latest Science & Tech News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.

वीडियो