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Google Doodle today: हर मजदूर की मेहनत को सलाम कर रहा गूगल, उपलब्धियों और योगदान का मना रहा जश्न

गूगल आज अपने अनोखे डूडल के जरिए अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस 2024 का जश्न मना रहा है. गूगल अपने लेटेस्ट लोगो के साथ दुनिया भर में मजदूरिकों की भूमिका और कड़ी मेहनत की सराहना कर रहा है.

Updated on: 01 May 2024, 08:14 AM

नई दिल्ली :

Google Doodle today: गूगल आज अपने अनोखे डूडल के जरिए अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस 2024 (International Labour Day 2024) का जश्न मना रहा है. गूगल अपने लेटेस्ट लोगो (Google New Logo) के साथ दुनिया भर में मजदूरिकों की भूमिका और कड़ी मेहनत की सराहना कर रहा है. इस डूडल में मजदूरिकों द्वारा किए गए असंख्य कार्यों को दर्शाया गया है, जो हमारे जीवन को हर दिन आसान बनाते हैं. तो चलिए इस आर्टिकल में आज के खास गूगल डूडल और अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के इतिहास और महत्व पर गौर करते हैं. 

मजदूर दिवस डूडल 

हर साल 1 मई को मनाए जाने वाले मजदूर दिवस पर अल्फाबेट (Alphabet) के स्वामित्व वाले Google ने अपने लोगो में क्रिएटिव तरीके से कुछ खास बदलाव कर संस्कृति, पहचान, ऐतिहासिक आंदोलनों, प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों आदि का जश्न मनाने का एक अनूठा तरीका चुना है. गूगल का ये खास डूडल दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका, दक्षिण पूर्व एशिया आदि देशों में देखा जा सकेगा. 

क्या भारत में मजदूर दिवस डूडल दिखाई दे रहा है?

हालांकि गूगल का आज का ये खास डूडल भारत में तो नजर नहीं आ रहा है, लेकिन जब पाकिस्तान से कोई गूगल पर कुछ भी सर्च करेगा तो ये दिख जाएगा.

अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस का इतिहास

मजदूर दिवस, हर साल 1 मई को दुनिया भर के कई देशों में मनाया जाता है. यह श्रमिकों और श्रमिक आंदोलन की उपलब्धियों के प्रति एक श्रद्धांजलि है. श्रमिक आंदोलन की शुरुआत 19वीं सदी के अंत में हुई, जब श्रमिक आंदोलन बेहतर कामकाजी परिस्थितियों, उचित वेतन और आठ घंटे के कार्यदिवस की वकालत कर रहा था.

मजदूर दिवस का महत्व

इस दिन, समाज में श्रमिकों के योगदान का सम्मान करने और श्रमिकों के अधिकारों और सामाजिक न्याय की वकालत जारी रखने के लिए परेड, रैलियां और भाषण सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. यह निष्पक्ष श्रम प्रथाओं के लिए चल रहे संघर्ष और विश्व स्तर पर श्रमिकों के बीच एकजुटता के महत्व की याद दिलाता है.

हालांकि मजदूर दिवस से जुड़ी तारीख और विशिष्ट परंपराएं अलग-अलग देशों में अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन इसका अंतर्निहित संदेश सुसंगत रहता है, जो कि है श्रमिकों के प्रयासों को पहचानना और उनका सम्मान करना और अधिक न्यायपूर्ण और न्यायसंगत समाज का निर्माण करना.