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बाल-बाल बच गई हमारी पृथ्वी, हो सकता था भारी नुकसान

ये ऐस्टेरॉएड सोमवार की रात 12.14 मिनट पर ही 18,200 मील प्रति घंटे की रफ्तार से हमारे ग्रह के पास से गुजर गया.

News Nation Bureau | Edited By : Vikas Kumar | Updated on: 19 Aug 2019, 05:00:48 PM
अगर गिरता ये Asteroid तो होती भयंकर तबाही

अगर गिरता ये Asteroid तो होती भयंकर तबाही

highlights

  • धरती के पास से गुजर गया ये खतरनाक एस्टेरॉयड. 
  • इस ऐस्टेरॉएड का नाम वैज्ञानिकों ने 2013 BZ45 रखा है.
  • 2021 में एक बार फिर से धरती के करीब आने की है संभावना.

नई दिल्ली:

सोमवार का दिन हमारे लिए एक नार्मल दिन रहा था. हम सभी अपने काम में लगें थें लेकिन वहीं आसमान में एक भयंकर दुर्घटना होते होते रह गई और हमारी पृथ्वी बाल-बाल बची. सोमवार को एक ऐस्टेरॉएड या क्षुद्रग्रह (Asteroid) हमारी पृथ्वी के काफी पास से निकल गया. इस ऐस्टेरॉएड का नाम वैज्ञानिकों ने 2013 BZ45 रखा है . ये ऐस्टेरॉएड सोमवार की रात 12.14 मिनट पर ही 18,200 मील प्रति घंटे की रफ्तार से हमारे ग्रह के पास से गुजर गया.

जरा सोचिए, अगर ये खतरनाक ऐस्टेरॉएड पृथ्वी पर गिर जाता तो क्या होता? इस एस्टेरॉयड के गिरने से पूरी पृथ्वी पर ही संकट आ जाता.

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क्षुद्रग्रह या एस्टेरॉयड (अंतरिक्ष चट्टानें) छोटी, चट्टानी वस्तुएं हैं जो सूर्य की परिक्रमा करती हैं। दरअसल ये अंतरिक्ष में मौजूद छोटे-छोटे चट्टानों के टुकड़े होते हैं जो कि एक ग्रह से काफी छोटे होते हैं. आपको इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि अगर कोई एस्टेरॉयड पृथ्वी से टकराता है तो इस टक्कर से हमारे ग्रह और मानव जीवन के लिए बड़े पैमाने पर विनाश हो सकता है. एक क्षुद्रग्रह की हड़ताल के प्रभाव- सुनामी, सदमे की लहरें और तेज हवाएं, विनाशकारी हो सकती हैं। क्षुद्रग्रह गुरुत्वाकर्षण बलों के कारण पृथ्वी की ओर आ सकते हैं जो उन्हें प्रभावित करते हैं। इसलिए, हमारा भाग्य कभी भी दुर्भाग्य में बदल सकता है। हालाँकि, अब तक, हम सुरक्षित हैं।
2013 BZ45 एस्टेरॉयड की पहचान अपोलो एस्टेरॉयड के रुप में की गई है. एक अनुमान के अनुसार, ये एस्टेरॉयड 0.04352 एस्ट्रोनामिकल यूनिट या पृथ्वी के सेंटर से करीब 4 मिलियन मील की दूरी से गुजर गया.

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CNEOS (Center for NEO Studies) ने एक बयान में कहा, "संभावित खतरनाक क्षुद्रग्रह वर्तमान में उन मापदंडों के आधार पर परिभाषित किए गए हैं जो क्षुद्रग्रह को पृथ्वी के करीब पहुंच बनाने की क्षमता रखते हैं। ज्यादातर एस्टेरॉयड की मिनिमम आर्बिट इंटरसेक्शन डिस्टेन्स 0.05 एस्ट्रेनामिकल यूनिट या मैग्निट्यूड 22 या उससे कम हो उन्हें हम संभावित खतरनाक एस्टेरॉयड की श्रेणी में रखते हैं.
क्षुद्रग्रह 2013 BZ45 पहली बार 19 जनवरी, 2013 को देखा गया था। CNEOS के अनुसार, पिछली बार क्षुद्रग्रह 2013 BZ45 29 जुलाई, 2018 को पृथ्वी के पास आया था। इस समय के दौरान, क्षुद्रग्रह ने 0.10267 खगोलीय इकाइयों या लगभग 9.5 मिलियन की दूरी से गुजर गया था.
यहां यह उल्लेखनीय है कि क्षुद्रग्रह 2013 BZ45 का 27 अगस्त, 2021 को वापस पृथ्वी के पास से गुजरने की संभावना बन रही है. इस समय तक, क्षुद्रग्रह 0.29651 खगोलीय इकाइयों या पृथ्वी के केंद्र से 27 मिलियन मील की दूरी पर अधिक सुरक्षित दूरी पर होगा।

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महत्वपूर्ण रूप से, 2018 PN22, 2016 PD, 2002 JR100 और 2019 OU1 नाम के पांच अन्य क्षुद्रग्रह इस साल अगस्त में पृथ्वी के पा। Spacetelescope.org द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, 7 लाख से अधिक क्षुद्रग्रह हैं जो अंतरिक्ष में पाए गए हैं। क्षुद्रग्रह मुख्य रूप से मंगल और बृहस्पति की कक्षाओं के बीच 'मुख्य बेल्ट' नामक क्षेत्र में पाए जाते हैं।
संबंधित समाचार में, पिछले साल 18 दिसंबर को बेरिंग सागर के ऊपर एक बड़ा उल्कापिंड फटा या विस्फोटित हुआ था. हालांकि, इस स्थान पर कोई रहता नहीं था तो किसी का ध्यान इस ओर गया नहीं. नासा के अनुसार, द्वितीय विश्व युद्ध में हिरोशिमा पर परमाणु बम विस्फोट से 10 गुना से भी अधिक ऊर्जा, 173 किलोटन के आस-पास इस विस्फोट में निकली थी.

First Published : 13 Aug 2019, 08:03:35 AM

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