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Surya Upasna: रोज इस विधि से करें सूर्य देव की पूजा-अर्चना, मिलेगी सुख-समृद्धि

तीनों लोकों में सूर्य देव की जयकार है, ऐसा कहा जाता है कि सच्ची भक्ति से नियमित रूप से सूर्य देव की आराधना करने से आप मनोवांछित कामना पूरी कर सकते हैं.

News Nation Bureau | Edited By : Mohit Saxena | Updated on: 20 Nov 2021, 08:36:34 AM
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रोज इस विधि से करें सूर्य देव की पूजा-अर्चना (Photo Credit: file photo)

highlights

  • सरकारी नौकरी पाने के लिए सूर्य और गुरू की स्थिति मजबूत करने की सलाह दी जाती है
  • नियमित रूप से जल अर्घ्य दें, इसके साथ ही, इन मंत्रों का  जाप करें

नई दिल्ली:

हिंदू धर्म में सूर्य देव का बड़ा महत्व है. वे एक ऐसे देवता हैं जो प्रत्यक्ष रूप भक्तों को दर्शन देते हैं. उन्हें जगत का पालन हार माना जाता है. तीनों लोक पर सूर्य देव की कृपादृष्टी बनी रहती है. मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और निष्ठा से नियमित रूप से सूर्य देव की आराधना करने पर आप सभी संकटों से पार पा सकते हैं। ज्योतिषियों के अनुसार करियर और कारोबार में उन्नति और सफलता पाने के लिए सूर्य का ताकतवर होना जरूरी है. कहा जाता है कि जिन जातकों  का सूर्य मजबूत होता है, उन्हें करियर के साथ अपने कारोबार को चलाने में किसी तरह का अड़चन का सामना नहीं करना पड़ता है. सरकारी नौकरी पाने के लिए सूर्य और गुरू की स्थिति मजबूत करने की सलाह दी जाती है. अगर आप जीवन में सुख, शांति और समृद्धि पाना चाहते हैं तो नियमित रूप से सूर्य देव की पूजा-अर्चना करनी होगी. उन्हें नियमित रूप से जल अर्घ्य दें. इसके साथ ही, इन मंत्रों का  जाप करें. आइए जानते हैं सूर्य देव की पूजा करने की विधि और मंत्र. 

इस विधि से सूर्य देव की करें पूजा

सूर्य देव की पूजा करने के लिए नियमित रूप से ब्रह्मा मुहूर्त में उठें और नहाकर भगवान भास्कर को जल अर्पित करें. जल अर्पित करते समय इन मंत्र का उच्चारण जरूर करें. 

एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते।


अनुकम्पय मां देवी गृहाणार्घ्यं दिवाकर।।


इसके बाद गायत्री मंत्र का जाप करें।


ॐ ॐ ॐ ॐ भूर् भुवः स्वः तत् सवितुर्वरेण्यं।


भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ।


इसके बाद भगवान विष्णु का स्मरण करें और निम्न मंत्र का उच्चारण करें.


शांता कारम भुजङ्ग शयनम पद्म नाभं सुरेशम।


विश्वाधारं गगनसद्र्श्यं मेघवर्णम शुभांगम।


लक्ष्मी कान्तं कमल नयनम योगिभिर्ध्यान नग्म्य्म।"

इसके बाद, पीले वस्त्र धारण करें और भगवान भास्कर की पूजाकर फल, धूप-दीप आदि से पूजा करें. भगवान की आरती,अर्चना कर भगवान से सुख, शांति और समृद्धि की भी कामना करें. हो सके तो अपनी इच्छा के अनुसार ब्राह्मणों को दान दें. इस तरह से पूजा-अर्चना और उपासना करने से जीवन में सुख, शांति बनी रहती है, इसके साथ रोजगार के नए रास्ते खुलते हैं.

First Published : 20 Nov 2021, 08:34:53 AM

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