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Mahashivratri 2026
Mahashivratri 2026: सनातन धर्म में महाशिवरात्रि का विशेष महत्व होता है. इस बार महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 को मनाया जा रहा है. मान्यता है कि इस दिन शिवभक्त उपासना रखकर शिव पूजा, रुद्राभिषेक और रात्रि जागरण करते हैं. महाशिवरात्रि व्रत से सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. लेकिन कोई भी व्रत रखने से पहले इनके नियमों के बारे में जानना बेहद जरूरी है. महाशिवरात्रि का व्रत भी हर किसी के लिए नहीं होता है,. इसलिए पहले ही यह जान लें कि किन्हें महाशिवरात्रि का व्रत नहीं रखना चाहिए और किन्हें नहीं चलिए विस्तार से जानते हैं.
महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक करने का शुभ समय
महाशिवरात्रि के दिन जलाभिषेक करने का शुभ मुहूर्त 06 बजकर 47 मिनट से 09 बजकर 42 मिनट तक रहेगा. उसके बाद 11 बजकर 06 मिनट से 12 बजकर 35 मिनट तक है. वहीं महाशिवरात्रि को शाम के समय जलाभिषेक करने का समय 03 बजकर 25 मिनट से 06 बजकर 08 मिनट तक है. इसके बाद रात में 08 बजकर 52 मिनट से 12 बजकर 1 मिनट तक है.
इन लोगों को नहीं रखना चाहिए महाशिवरात्रि का व्रत?
गर्भवती महिलाएं
शिवपुराण के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को ये व्रत नहीं रखना चाहिए क्योंकि महिलाओं को पोषण की अधिक जरूरत होती है. आप व्रत से पहले डॉक्टर की सलाह लें या फिर कठिन व्रत के बजाय फलाहार या बिना नमक वाले भोजन का सेवन कर सकते हैं.
बीमारियों से पीड़ित लोग
मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन जिन लोगों को डायबिटीज, हार्ट, किडनी, ब्लड प्रेशर से जु़ड़ी कई समस्याएं हैं ऐसे लोगों को भूलकर भी महाशिवरात्रि के दिन व्रत नहीं करना चाहिए. यदि आप इस दिन व्रत रखते हैं तो सबसे पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. बुजुर्गों को भी व्रत रखने से बचना चाहिए.
मासिक धर्म
महिलाएं मासिक धर्म में महाशिवरात्रि की पूजा नहीं कर सकते हैं. लेकिन आप व्रत ऱख सकती हैं. साथ ही शिवलिंग को बिना छुए मानसिक जप भी कर सकती हैं.
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